लिविंग पीस प्रोजेक्ट फांउडेशन ने हाल ही में नीदरलैंड में 'वाटर फॉर ऑल' सम्मेलन का आयोजन किया था। इस सम्मेलन में राजस्थान के अजमेर की रहने वाली समर चिश्ती ने भी हिस्सा लिया। पांच साल की समर ने पानी बचाने के लिए अपने विचार रखे। जिससे सभी स्तब्ध रह गए।
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वाटर फॉर ऑल सम्मेलन में शामिल लोग
- फोटो : Amar Ujala Digital
राजस्थान सहित देश के कई राज्य जल संकट की समस्या से जूझ रहे हैं। पानी बचाने के लिए जागरुक करने के लिए नीदरलैंड में वाटर फॉर ऑल सम्मेलन में समर चिश्ती ने हिस्सा लिया था। इस सम्मेलन में 5 से 25 साल के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इन सबने पानी के महत्व पर आयोजित परिचर्चा में अपनी-अपनी बात रखी। इस दौरान समर ने भी अपने बात को रखा। समर ने कहा कि यदि आप पानी को बचाते हैं तो पानी भी आपको बचाएगा। समर अजमेर से अपने साथ पानी भी ले गई थीं।
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सम्मेलन में शामिल समर
- फोटो : Social Media
अजमेर दरगाह प्रमुख की बेटी हैं समर
बता दें कि समर चिश्ती अजमेर शरीफ दरगाह के प्रमुख और चिश्ती फाउंडेशन के अध्यक्ष सैयद सलमान चिश्ती की बेटी हैं। वे पिछले दो साल से पानी के महत्व और उसे बचाने के लिए लोगों को जागरूक कर रही हैं। वे एक निजी स्कूल की प्रेप क्लास में पढ़ती हैं।
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सम्मेलन में 18 नदियों का पानी मिलाया गया
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दुनिया भर से लाए गए जल को मिलाया गया
वाटर फॉर ऑल सम्मेलन के दौरान 18 पवित्र जलस्रोतों से लाए गए जल को मिलाया गया था। यह आध्यात्म, मानवता और सृजन के एकाकार का प्रतीक है, इस जल को पेंडेंट में डालकर वॉटर पेंडेंट बनाया गया। इसमें पवित्र गंगा, यमुना, सरस्वती, सिंधु, ब्रह्मपुत्र, करनाली, मिसीसिपी, इमेक, राइन, मानसरोवर झील, जॉर्डन, काली बेन, नील, अमेजन, अजमेर शरीफ का जल, मक्का का जल और नक्की झील का जल मिलाया गया था।
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अपने पिता सलमान चिश्ती के साथ समर
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अजमेर दरगाह प्रमुख और समर के पिता सलमान चिश्ती ने बताया कि समर पिछले साल अजमेर के गांव बिठुर में लोगों को पानी बचाने का संदेश देकर आई थी। उसने लोगों को पानी बचाने के लिए जागरुक किया। इसी तरह कई गावों में उसने कैंपेन चलाया।