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कैसी व्यथा: बेटे का शव लेने के लिए बूढ़े बाप ने बकरियां बेचकर चुकाया एंबुलेंस का किराया, दर्द भरी है दास्तां

न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर Published by: अरविंद कुमार Updated Fri, 18 Oct 2024 10:46 PM IST
सार

राजस्थान में सीकर जिले की ये करुण व्यथा किसी का भी कलेजा कंपा देने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। आगरी की ढाणी रावजी से एक युवक मजदूरी करने के लिए नागपुर गया था। तब बूढ़े बाप को मानसिक बीमार बहू के उपचार और परिवार की गरीबी से उबरने की कुछ आस बंधी, लेकिन सब पर पानी फिर गया।

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Sikar To get his son body an old father sold his goats to pay for ambulance fare
मृतक और परिवार के लोग - फोटो : अमर उजाला

राजस्थान में सीकर जिले की ये करुण व्यथा किसी का भी कलेजा कंपा देने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। आगरी की ढाणी रावजी से एक युवक मजदूरी करने के लिए नागपुर गया था। तब बूढ़े बाप को मानसिक बीमार बहू के उपचार और परिवार की गरीबी से उबरने की कुछ आस बंधी, लेकिन सब पर पानी फिर गया।

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Sikar To get his son body an old father sold his goats to pay for ambulance fare
परिवार के लोग - फोटो : अमर उजाला

सीकर जिले के नीमकाथाना में एक मजबूर बाप की दर्द भरी दास्तां सामने आई है। हालातों के आगे मजबूर बाप ने अपने बेटे का शव लेने के लिए घर में पेट पालने के लिए रखी गई बकरियों को भी बेच दिया। उनसे मिली रकम से एंबुलेंस का किराया चुकाकर बेटे के शव को लेकर उसका अंतिम संस्कार किया।

जानकारी के अनुसार, नीमकाथाना के आगरी की ढाणी रावजी के रहने वाले रणवीर सोलंकी नागपुर (महाराष्ट्र) में एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। रणवीर सोलंकी 10 अक्तूबर को एक कंस्ट्रक्शन साइट से मजदूरी करके घर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान हाइवे पर उनकी स्कूटी सरिया से भरी एक पिकअप से टकरा गई, जिससे लोहे के सरिया उनके शरीर में घुस गए थे।

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Sikar To get his son body an old father sold his goats to pay for ambulance fare
परिवार की महिलाएं - फोटो : अमर उजाला

तीन बीघा जमीन बेची
हादसे के बाद रणवीर को गंभीर हालत में इलाज के लिए नागपुर के ही अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जब बेटे की एक्सीडेंट की खबर रणवीर के पिता को मिली तो उन्होंने अपनी तीन बीघा जमीन को गिरवी रखकर किसी से तीन लाख रुपये उधार लिए और उसे बेटे के इलाज के लिए भेज दिए। जमीन गिरवी रखकर रुपये भेजने के बाद भी बाबूलाल सोलंकी अपने बेटे की जान नहीं बचा पाए। इलाज के दौरान रणवीर सोलंकी की नागपुर के अस्पताल में मौत हो गई।

बकरी बेचकर एंबुलेंस का किराया चुकाया
इसके बाद रणवीर सोलंकी का शव शुक्रवार को एंबुलेंस से उनके पैतृक गांव लाया गया। लेकिन एंबुलेंस से नागपुर से नीमकाथाना का किराया जब एंबुलेंस चालक ने 39,000 मांगा तो मजबूर बाप के सामने एक बार फिर आर्थिक संकट खड़ा हो गया। तब मजबूर बाप ने अपने घर में पालने के लिए रखी 13 बकरियों को बेचकर एंबुलेंस का किराया चुकाया और फिर नम आंखों से अपने बेटे का अंतिम संस्कार किया।

Sikar To get his son body an old father sold his goats to pay for ambulance fare
इसी वाहन से हुआ था युवक का एक्सीडेंट - फोटो : अमर उजाला

मृतक की पत्नी भी है मानसिक बीमार
रणवीर के पिता बाबूलाल सोलंकी ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतक रणवीर की पत्नी सीमा भी पिछले 13 साल से मानसिक रूप से बीमार चल रही है और उसका इलाज चल रहा है। आज जैसे ही रणवीर का शव गांव आया, वैसे ही पत्नी भी बेसुध होकर गिर पड़ी। वहीं, इस घटना के बाद ग्रामीणों ने भी सरकार से पीड़ित परिवार की सहायता करने की मांग की है।

मृतक रणवीर तीन मासूम बच्चों का पिता था, जिसमें बड़ा बेटा मोहित (13), विशाल (10) और सुमित (आठ) साल का है। मानसिक बीमार पत्नी सीमा देवी का उपचार चल रहा है। ऐसे में चारो मां-बेटों और बूढ़ी पत्नी सहित पूरे परिवार का आर्थिक भार बाबूलाल के कंधों पर आ गिरा है। खराब माली हालत के चलते ग्रामीणों ने प्रशासन से परिवार की मदद की गुहार लगाई है।

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