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सुनिए, हत्या देवी मंदिर की अजब कहानी..

Sat, 09 May 2015 07:26 PM IST
टीम डिजीटल/ अमर उजाला, शिमला
टीम डिजीटल/ अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 09 May 2015 07:26 PM IST
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सुनिए, हत्या देवी मंदिर की अजब कहानी..

hataya devi temple mahamaya devi kot pangna himachal.

ऐसा अनोखा मंदिर जहां पूजा होती है हत्या देवी की। इससे जुड़ी कहानी भी बेहद रोचक है, तो जानिए कैसे एक राजकुमारी को झूठे ईल्जाम ने बना दिया हत्या देवी और आज भी दिखते हैं उसके चमत्कार..




सुनिए, हत्या देवी मंदिर की अजब कहानी..

hataya devi temple mahamaya devi kot pangna himachal.

बात देवभूमि हिमाचल के मंडी जिला की है जिसका रियासत काल में सुकेत नाम था। इस रियासत को बंगाल के राजा रूपसेन के तीन बेटों में से एक वीरसेन ने बसाया था। सुकेत को ही मंडी का उद्गम भी कहा जाता है। 765 ईसी से लेकर 1248 तक सुकेत रियासत की राजधानी पांगणा रही। मनोरम पहाड़ों के बीच बसे सुंदर छोटे से गांव पागंणा में ही महामाया देवी कोट का मंदिर। यहां हत्या देवी की पूजा दशकों से लोग पूरी श्रद्धा से करते हैं। आईए आपको सुनाते हैं हत्या देवी की सत्य कहानी..

सुनिए, हत्या देवी मंदिर की अजब कहानी..

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बात 1948 के बाद ही है जब सुकेत रियासत की कमान राजा रामसेन के पास थी। पांगणा को ग्रीष्मकालीन राजधानी रखा गया था जबकि उस समय सुंदरनगर को शीतकालीन राजधानी बनाया जा चुका था। सुंदरनगर का पुराना नाम करतारपुर था। राजा रामसेन की बेटी यानि राजकुमारी चंद्रावती थी जो कि बचपन से ही शिव पार्वती की अनन्य भक्त थी।

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सर्दियों के मौसम में राजकुमारी चंद्रावती सुंदरनगर स्थित महल में सहेलियों के साथ खेल रही थी। खेलते समय उनकी एक सहेली पुरूष रूप धारण किए थे। इसी दौरान राज पुरोहित उस कक्ष से गुजरा और उन्हें प्रतीत हुआ कि चंद्रावती किसी युवक के साथ खेल रही है।

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पुरोहित ने पूरी बात राजा को बता दी, जिससे की वह क्रोधित हो गए। लोकलाज से चिंतित राजा ने फौरन चंद्रावती को शीतकालीन राजधानी पांगणा भेज दिया। इसे चंद्रावती ने अपना अपमान समझा और अपने को पवित्र साबित करने के लिए खौफनाक कदम उठाने का फैसला किया।

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