हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में 16 दिन बाद एक बार फिर पहाड़ से लोगों पर मौत का कहर टूटा है। बुधवार सुबह करीब 11:56 बजे भावानगर से 10 किलोमीटर दूर नेशनल हाईवे-5 पर निगुलसरी के पास यात्रियों से भरी एचआरटीसी बस, ट्रक, दो कारों और अखबार की गाड़ी पर चट्टानें गिर गईं, जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई है। 40 से ज्यादा लोग अभी लापता हैं जबकि 13 घायलों को मलबे से निकाल लिया गया है।
बता दें इससे पहले 25 जुलाई 2021 को किन्नौर जिले के बटसेरी में सांगला-छितकुल मार्ग पर पहाड़ी से गिरीं चट्टानों की चपेट में एक पर्यटक वाहन आ गया था। हादसे में टेंपो ट्रैवलर में सवार नौ पर्यटकों की मौत हो गई थी। हादसा इतना भयानक था कि वाहन चट्टानों के साथ 600 मीटर नीचे बास्पा नदी के किनारे दूसरी सड़क पर जा गिरा था। पत्थर गिरने से लोहे का एक पुल भी ध्वस्त हो गया था।
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निगुलसरी में गिरीं चट्टानें
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राष्ट्रीय उच्च मार्ग-5 पर निगुलसरी के थाच नाले के पास बुधवार सुबह 11.56 बजे जैसी ही पहाड़ी से चट्टानें गिरने लगीं, पूरे जिले में खलबली मच गई। सूचना मिलते ही जनजातीय क्षेत्र के लोग मदद के लिए निगुलसरी पहुंच गए। सेना, 17वीं वाहिनी आईटीबीपी की तीन बटालियन के 200 जवान, एनडीआरएफ टीमें, पुलिस, प्रशासन, जिला आपदा प्रबंधन और होमगार्ड जवान मौके पर पहुंचे और घायलों के लिए देवदूत बने।
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क्षतिग्रस्त ट्रक।
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सेना, एनडीआरएफ जवानों ने बड़ी-बड़ी चट्टानों को हटाकर उसमें दबे घायलों और शवों को निकाला। वहीं, उपायुक्त किन्नौर आबिद हुसैन सादिक और एसपी किन्नौर एसआर राणा, एसडीएम निचार मनमोहन सिह, भावानगर से डीएसपी राजू पूरी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोनम नेगी भी घायलों का उपचार करने घटनास्थल तक पहुंच गईं।
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मलबे में दबी कार।
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भूस्खलन के चपेट में आए लोगों को जीवित देखने के लिए उनके परिजन और रिश्तेदार बिलखते रहे और सभी लोग अपनों की तलाश करने में जुटे रहे। रेस्क्यू टीम करीब एक घंटे तक भूस्खलन के रुकने का इंतजार करती रही।
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मौके पर आईटीबीपी की टीम
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आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक पांडे ने बताया कि निगुलसरी में नेशनल हाईवे-5 पर भूस्खलन घटनास्थल पर आईटीबीपी की तीन बटालियन के करीब 200 जवान हैं। पहाड़ी से लगातार चट्टानें गिर रही हैं। इस वजह से रेस्क्यू में दिक्कत आ रही है।