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किस मनोकामना की पूर्ति के लिए किस देवी देवता की, कैसे हो पूजा उपासना...जानने को करें क्लिक
अनुराग श्रीवास्तव/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Fri, 03 Aug 2018 09:45 AM IST
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shiva worship
चतुर्मास चल रहा है, तो इन चार महीनों में भक्तों की हर मनोकामना पूरी हो सकती है। इसके लिए किस देवता की और कैसे पूजा उपासना करें, जानने के लिए क्लिक करें।
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चतुर्मास में किस देवी देवता की उपासना
आषाढ़ के महीने में अंतिम समय में भगवान वामन और गुरु पूजा का विशेष महत्व होता है। सावन के महीने में भगवान शिव की उपासना होती है और उनकी कृपा सरलता से मिलती है। भाद्रपद में भगवान कृष्ण का जन्म होता है और उनकी कृपा बरसती है। आश्विन के महीने में देवी और शक्ति की उपासना की जाती है। कार्तिक के महीने में पुनः भगवान विष्णु का जागरण होता है और सृष्टि में मंगल कार्य आरम्भ हो जाते हैं।
आषाढ़ के महीने में अंतिम समय में भगवान वामन और गुरु पूजा का विशेष महत्व होता है। सावन के महीने में भगवान शिव की उपासना होती है और उनकी कृपा सरलता से मिलती है। भाद्रपद में भगवान कृष्ण का जन्म होता है और उनकी कृपा बरसती है। आश्विन के महीने में देवी और शक्ति की उपासना की जाती है। कार्तिक के महीने में पुनः भगवान विष्णु का जागरण होता है और सृष्टि में मंगल कार्य आरम्भ हो जाते हैं।
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worship
किस मनोकामना के लिए कैसी पूजा उपासना करें
आषाढ़ पूर्णिमा को गुरु की पूजा उपासना करें, इससे जीवन के हर संकट दूर होंगे। सावन में भगवान शिव की पूजा करें, इससे विवाह, सुख और आयु की प्राप्ति होगी। भाद्रपद में भगवान कृष्ण की उपासना करें, इससे संतान और विजय का वरदान मिलेगा। आश्विन में देवी और श्रीराम की उपासना करें, इससे विजय, शक्ति और आकर्षण का वरदान मिलेगा। कार्तिक में श्रीहरि और तुलसी की उपासना होती है, इससे राज्य सुख और मुक्ति मोक्ष का वरदान मिलता है। गायत्री मंत्र, पीपल की पूजा और एक समय के आहार से पूर्ण रूप से तेज भक्ति और आयु की प्राप्ति होती है।
आषाढ़ पूर्णिमा को गुरु की पूजा उपासना करें, इससे जीवन के हर संकट दूर होंगे। सावन में भगवान शिव की पूजा करें, इससे विवाह, सुख और आयु की प्राप्ति होगी। भाद्रपद में भगवान कृष्ण की उपासना करें, इससे संतान और विजय का वरदान मिलेगा। आश्विन में देवी और श्रीराम की उपासना करें, इससे विजय, शक्ति और आकर्षण का वरदान मिलेगा। कार्तिक में श्रीहरि और तुलसी की उपासना होती है, इससे राज्य सुख और मुक्ति मोक्ष का वरदान मिलता है। गायत्री मंत्र, पीपल की पूजा और एक समय के आहार से पूर्ण रूप से तेज भक्ति और आयु की प्राप्ति होती है।
maa durga worship
श्रावण के महीने में कामना पूर्ति के लिए क्या करें?
विवाह के लिए श्रावण में शिवलिंग पर रोज बेलपत्र और जल अर्पित करें। वैवाहिक जीवन के लिए शिव और पार्वती की संयुक्त पूजा करें। आयु रक्षा और स्वास्थ्य की समस्याओं के लिए श्रावण में नित्य शिव पुराण का पाठ करें। ग्रह बाधा से निपटने के लिए श्रावण में सपरिवार रुद्राभिषेक करवाएं। श्रावण में एक रुद्राक्ष जरूर धारण करें। इस माह में पत्तेदार सब्जियां और साग का सेवन न करें।
विवाह के लिए श्रावण में शिवलिंग पर रोज बेलपत्र और जल अर्पित करें। वैवाहिक जीवन के लिए शिव और पार्वती की संयुक्त पूजा करें। आयु रक्षा और स्वास्थ्य की समस्याओं के लिए श्रावण में नित्य शिव पुराण का पाठ करें। ग्रह बाधा से निपटने के लिए श्रावण में सपरिवार रुद्राभिषेक करवाएं। श्रावण में एक रुद्राक्ष जरूर धारण करें। इस माह में पत्तेदार सब्जियां और साग का सेवन न करें।
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मां शीतला चौकिया
भाद्रपद के महीने में कामना पूर्ति के लिए क्या करें?
संतान की प्राप्ति के लिए पूरे माह संतान गोपाल मन्त्र या संतान गोपाल स्तोत्र का पाठ करें। संतान की उन्नति के लिए श्रीमदभागवद का अध्ययन और पूजन करें। इस माह में श्रीकृष्ण जन्म उत्सव का आयोजन भी संतान के लिए सुखकारक होता है। जीवन में प्रेम आकर्षण और सुख शांति के लिए पूरे माह गीता का अध्ययन करें। पूरे माह सफ़ेद चन्दन का तिलक लगाना भी कल्याणकारी होता है। इस माह में दही का सेवन न करें।
संतान की प्राप्ति के लिए पूरे माह संतान गोपाल मन्त्र या संतान गोपाल स्तोत्र का पाठ करें। संतान की उन्नति के लिए श्रीमदभागवद का अध्ययन और पूजन करें। इस माह में श्रीकृष्ण जन्म उत्सव का आयोजन भी संतान के लिए सुखकारक होता है। जीवन में प्रेम आकर्षण और सुख शांति के लिए पूरे माह गीता का अध्ययन करें। पूरे माह सफ़ेद चन्दन का तिलक लगाना भी कल्याणकारी होता है। इस माह में दही का सेवन न करें।