Sawan Somwar 2026: सावन माह का दूसरा सोमवार व्रत 10 अगस्त 2026 को रखा जा रहा है। इस तिथि पर आर्द्रा नक्षत्र और वज्र योग का शुभ संयोग रहेगा। मान्यता है कि, सावन सोमवार पर महादेव की पूजा और रुद्राभिषेक करने से प्रभु प्रसन्न होते हैं। साथ ही साधक पर अपनी विशेष कृपा बरसाते हैं। चूंकि सावन में सृष्टि का कार्यभार भी महाकाल के हाथों में होता है, इसलिए इस समय किए गए पुण्य कार्यों से व्यक्ति के भाग्य में वृद्धि होती है और उसे मनचाहे परिणाम प्राप्त होते हैं। इस दिन जलाभिषेक करने की विशेष मान्यता है। आइए इसकी संपूर्ण विधि जानते हैं।
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Sawan Somwar 2026: सावन का दूसरा सोमवार कल, जानें जलाभिषेक विधि और पूजा के 4 खास मुहूर्त
Sun, 09 Aug 2026 12:46 PM IST
मेघा कुमारी
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: मेघा कुमारी
Updated Sun, 09 Aug 2026 12:46 PM IST
सार
Sawan Somwar 2026: सावन माह का दूसरा सोमवार व्रत 10 अगस्त 2026 को रखा जा रहा है। इस दिन शिव भक्तों को पूजा के लिए 4 खास मुहूर्त मिल रहे हैं। आइए इसके महत्व और जलाभिषेक विधि को जानते हैं।
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Sawan Somwar 2026
- फोटो : अमर उजाला
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Sawan Somwar 2026
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पूजा का मुहूर्त
- सावन सोमवार पूजा मुहूर्त - सुबह 5:47 से 7:27 बजे तक और सुबह 9:07 से 10:47 बजे तक।
- सोम प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त - रात 7:05 बजे से रात 9:14 बजे तक।
- अमृत चौघड़िया - सुबह 5 बजकर 47 मिनट से लेकर 7 बजकर 27 मिनट तक।
- शुभ चौघड़िया - सुबह 9 बजकर 7 मिनट से लेकर 10 बजकर 46 मिनट तक।
- अमृत चौघड़िया - शाम 5 बजकर 25 मिनट से लेकर 7 बजकर 5 मिनट तक।
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Sawan Somwar 2026
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जलाभिषेक की विधि
- सावन के दूसरे सोमवार पर शिवलिंग पर जलाभिषेक करने के लिए सबसे पहले शिवलिंग के सामने हाथ जोड़कर महादेव का स्मरण करें।
- अब सबसे पहले एक साफ लोटे में जल लें और उसमें गंगाजल की कुछ बूंदें डालें।
- इस जल में अब दूध, दही, शहद, घी, शक्कर और गन्ने का रस मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित कर दें।
- इस समय इस मिश्रण को पतली धारा के रूप में शिवलिंग पर चढ़ाएं।
- फिर गंगाजल और साफ जल एक बार अर्पित करें।
- कुछ काले तिल, फूल, अनाज और चावल शिवलिंग पर रखें।
- इस दौरान महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
- महादेव को बेलपत्र, फूल व शहद चढ़ाएं।
- आटे का दीपक जलाकर महादेव की आरती करें।
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शिवलिंग पर जल चढ़ाने का मंत्र
मन्दाकिन्यास्तु यद्वारि सर्वपापहरं शुभम् ।
तदिदं कल्पितं देव स्नानार्थं प्रतिगृह्यताम् ॥
श्रीभगवते साम्बशिवाय नमः । स्नानीयं जलं समर्पयामि।
मन्दाकिन्यास्तु यद्वारि सर्वपापहरं शुभम् ।
तदिदं कल्पितं देव स्नानार्थं प्रतिगृह्यताम् ॥
श्रीभगवते साम्बशिवाय नमः । स्नानीयं जलं समर्पयामि।
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शिव जी का मूल मंत्र
ऊँ नम: शिवाय।।
भगवान शिव के प्रभावशाली मंत्र
ओम साधो जातये नम:।। ओम वाम देवाय नम:।।
ओम अघोराय नम:।। ओम तत्पुरूषाय नम:।।
ओम ईशानाय नम:।। ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।।
ऊँ नम: शिवाय।।
भगवान शिव के प्रभावशाली मंत्र
ओम साधो जातये नम:।। ओम वाम देवाय नम:।।
ओम अघोराय नम:।। ओम तत्पुरूषाय नम:।।
ओम ईशानाय नम:।। ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।