Sawan Somwar 2026: सावन का पावन महीना जारी है और इस बार दूसरा सोमवार व्रत 10 अगस्त 2026 को रखा जाएगा। इस दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना और व्रत-उपाय करने से जीवन के दुख-दर्द दूर होते हैं। कहा जाता है कि, सावन के सोमवार पर महादेव अपने भक्तों की भक्ति से शीघ्र प्रसन्न होकर उन पर विशेष कृपा बरसाते हैं। इसके प्रभाव से सुख-सौभाग्य और जीवन में स्थिरता बढ़ती है। ज्योतिषियों की मानें, तो इस बार सावन के दूसरे सोमवार पर आर्द्रा नक्षत्र और वज्र योग का शुभ संयोग बनने जा रहा है। ऐसे शुभ अवसर पर श्री शिव रुद्राष्टकम का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि, इसके प्रभाव से करियर में सफलता, व्यापार में नाम, नौकरी के नए अवसर और पारिवारिक रिश्तों में प्रेम और मधुरता बढ़ती है। ऐसे में आइए श्री शिव रुद्राष्टकम के पाठ को जानते हैं।
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Sawan Somwar 2026: सावन के दूसरे सोमवार पर करें यह एक काम, चमक उठेगा भाग्य और करेंगे तरक्की
Sun, 09 Aug 2026 11:20 AM IST
मेघा कुमारी
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: मेघा कुमारी
Updated Sun, 09 Aug 2026 11:20 AM IST
सार
Sawan Somwar 2026: इस साल सावन के दूसरे सोमवार पर आर्द्रा नक्षत्र और वज्र योग का शुभ संयोग बनेगा। इस योग में महाकाल की पूजा और कुछ उपाय करने से सफलता-सम्मान की प्राप्ति संभव है।
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Sawan Somwar 2026
- फोटो : अमर उजाला AI
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Sawan Somwar 2026
- फोटो : adobe
शिव रुद्राष्टकम पाठ
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं
चिदाकाशमाकाशवासं भजेहम्
निराकारमोङ्करमूलं तुरीयं
गिराज्ञानगोतीतमीशं गिरीशम् ।
करालं महाकालकालं कृपालं
गुणागारसंसारपारं नतोहम्
तुषाराद्रिसंकाशगौरं गभिरं
मनोभूतकोटिप्रभाश्री शरीरम् ।
स्फुरन्मौलिकल्लोलिनी चारुगङ्गा
लसद्भालबालेन्दु कण्ठे भुजङ्गा
चलत्कुण्डलं भ्रूसुनेत्रं विशालं
प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम् ।
मृगाधीशचर्माम्बरं मुण्डमालं
प्रियं शङ्करं सर्वनाथं भजामि
प्रचण्डं प्रकृष्टं प्रगल्भं परेशं
अखण्डं अजं भानुकोटिप्रकाशं ।
त्र्यःशूलनिर्मूलनं शूलपाणिं
भजेहं भवानीपतिं भावगम्यम्
कलातीतकल्याण कल्पान्तकारी
सदा सज्जनानन्ददाता पुरारी ।
चिदानन्दसंदोह मोहापहारी
प्रसीद प्रसीद प्रभो मन्मथारी
न यावद् उमानाथपादारविन्दं
भजन्तीह लोके परे वा नराणाम् ।
न तावत्सुखं शान्ति सन्तापनाशं
प्रसीद प्रभो सर्वभूताधिवासं
न जानामि योगं जपं नैव पूजां
नतोहं सदा सर्वदा शम्भुतुभ्यम् ।
जराजन्मदुःखौघ तातप्यमानं
प्रभो पाहि आपन्नमामीश शंभो
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं
चिदाकाशमाकाशवासं भजेहम्
निराकारमोङ्करमूलं तुरीयं
गिराज्ञानगोतीतमीशं गिरीशम् ।
करालं महाकालकालं कृपालं
गुणागारसंसारपारं नतोहम्
तुषाराद्रिसंकाशगौरं गभिरं
मनोभूतकोटिप्रभाश्री शरीरम् ।
स्फुरन्मौलिकल्लोलिनी चारुगङ्गा
लसद्भालबालेन्दु कण्ठे भुजङ्गा
चलत्कुण्डलं भ्रूसुनेत्रं विशालं
प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम् ।
मृगाधीशचर्माम्बरं मुण्डमालं
प्रियं शङ्करं सर्वनाथं भजामि
प्रचण्डं प्रकृष्टं प्रगल्भं परेशं
अखण्डं अजं भानुकोटिप्रकाशं ।
त्र्यःशूलनिर्मूलनं शूलपाणिं
भजेहं भवानीपतिं भावगम्यम्
कलातीतकल्याण कल्पान्तकारी
सदा सज्जनानन्ददाता पुरारी ।
चिदानन्दसंदोह मोहापहारी
प्रसीद प्रसीद प्रभो मन्मथारी
न यावद् उमानाथपादारविन्दं
भजन्तीह लोके परे वा नराणाम् ।
न तावत्सुखं शान्ति सन्तापनाशं
प्रसीद प्रभो सर्वभूताधिवासं
न जानामि योगं जपं नैव पूजां
नतोहं सदा सर्वदा शम्भुतुभ्यम् ।
जराजन्मदुःखौघ तातप्यमानं
प्रभो पाहि आपन्नमामीश शंभो
Sawan Somwar 2026
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पाठ के नियम
- श्री शिव रुद्राष्टकम का पाठ प्रातः स्नान और शिव पूजा के बाद करना शुभ माना जाता है।
- सफेद आसन पर बैठकर एकाग्र मन से पाठ करने का विशेष महत्व बताया गया है।
- संभव हो तो खाली पेट और शुद्ध मन से रुद्राष्टकम का पाठ करें।
- शिवलिंग का जलाभिषेक करने के बाद रुद्राष्टकम का पाठ करना अधिक फलदायी माना जाता है।
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Sawan Somwar 2026
- फोटो : freepik
पाठ के लाभ
- श्री शिव रुद्राष्टकम के पाठ से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
- इस पाठ से आर्थिक उन्नति, सफलता, सम्मान और समृद्धि के योग बनते हैं।
- मान्यता है कि, श्री शिव रुद्राष्टकम के पाठ से योग्य एवं मनचाहा जीवनसाथी मिलने का आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है।
- इस पाठ से करियर-कारोबार को लेकर चल रही परेशानियां समाप्त होती हैं और अन्य कार्यों में भी सफलता मिलने की मान्यता है।