Hanuman Chalisa: रामचरितमानस तथा हनुमान चालीसा की एक-एक चौपाई तुलसीदास द्वारा रचित है। जिनके पाठ करने से जातक की सभी समस्याओं का समाधान होता है। कुछ लोग रट्टा मारकर इसे पढ़ते है यदि अर्थ समझकर इसे दिल से पढ़ा जाए तो इसकी एक-एक चौपाई जीवन के हर क्षेत्र मे सफलता देने वाली है। भगवान राम के प्रिय भक्त हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नौ निधि के दाता के रूप में जाना जाता है। गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित हनुमान चालीसा, वीर हनुमान को प्रसन्न करने के लिए सबसे सरल और शक्तिशाली स्तुति है। इसकी हर चौपाई अलग अलग रूप से शक्तिशाली है। जीवन की हर समस्या का समाधान हनुमान चालीसा द्वारा किया जा सकता है। हनुमान चालीसा का पाठ करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। गोस्वामी तुलसीदास ने हनुमान चालीसा के माध्यम से हनुमानजी के बल, बुद्धि व पराक्रम का वर्णन किया है। हनुमान चालीसा की अनेक चौपाइयों में हमारी समस्याओं का समाधान भी छिपा हुआ है। आइए जानते हैं चौपाइयों के बारे में अर्थ सहित।
Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा की हर चौपाई देती है आपको लाभ, जानें इन चौपाइयों का अर्थ
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चौपाई: हाथ ब्रज और ध्वजा विराजे, काँधे मूँज जनेऊ साजे
अर्थ: आपके हाथ मे बज्र और ध्वजा है और कन्धे पर मूंज के जनेऊ की शोभा है।
लाभ: यह चौपाई जातक को विजय दिलाती है।
चौपाई: शंकर सुवन केसरी नंदन, तेज प्रताप महा जग वंदन।।
अर्थ:हे शंकर के अवतार! हे केसरी नंदन! आपके पराक्रम और महान यश की संसार भर मे वन्दना होती है।
लाभ: इस चौपाई के पाठ से जातक का प्रताप बढ़ता है
चौपाई: भीम रुप धरि असुर संहारे, रामचन्द्र के काज संवारे॥
अर्थ:आपने विकराल रुप धारण करके.राक्षसों को मारा और श्री रामचन्द्र जी के उदेश्यों को सफल कराया।
लाभ: किसी भयानक संकट या शत्रुपक्ष से घिरने पर मदद मिलती है।
चौपाई: सहस बदन तुम्हरो जस गावैं, अस कहि श्री पति कंठ लगावैं॥
अर्थ: श्री राम ने आपको यह कहकर हृदय से.लगा लिया की तुम्हारा यश हजार मुख से सराहनीय है।
लाभ: इस चौपाई के पढ़ने से आपको यश और मान सम्मान मिलता है