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Shivling Puja: शिवलिंग के सामने 3 बार ताली बजाना सही या गलत? जानें क्या है नियम और महत्व

Sat, 01 Aug 2026 01:31 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: ज्योति मेहरा Updated Sat, 01 Aug 2026 01:31 PM IST
सार

Shivling Puja: अक्सर देखा जाता है कि कुछ श्रद्धालु शिवलिंग के सामने खड़े होकर ताली बजाते हैं। लेकिन क्या यह तरीका वास्तव में उचित है, और इसके पीछे क्या मान्यता है? आइए इसे विस्तार से समझते हैं।

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Shivling ke samne tali kyu bajate hain why do we clap 3 times in front of shivling
शिवलिंग के सामने ताली क्यों बजाते हैं? - फोटो : AI

Clapping In Front Of Shivling: सनातन परंपरा में भगवान शिव की आराधना को अत्यंत पवित्र और सरल माना गया है। भोलेनाथ ऐसे देव हैं जो सच्ची श्रद्धा से अर्पित एक लोटा जल और कुछ बेलपत्र से भी प्रसन्न हो जाते हैं। यही कारण है कि शिव मंदिरों में हर दिन बड़ी संख्या में भक्त दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं। अक्सर देखा जाता है कि कुछ श्रद्धालु शिवलिंग के सामने खड़े होकर ताली बजाते हैं, कभी इसे भक्ति की अभिव्यक्ति माना जाता है तो कभी एक पुरानी परंपरा का हिस्सा। लेकिन क्या यह तरीका वास्तव में उचित है, और इसके पीछे क्या मान्यता है? आइए इसे विस्तार से समझते हैं।


 

Shivling ke samne tali kyu bajate hain why do we clap 3 times in front of shivling
ताली बजाने का कारण - फोटो : adobe

ताली बजाने का कारण
पौराणिक दृष्टिकोण से मंदिर में ताली बजाने के पीछे कुछ विशेष कारण बताए गए हैं। पहला कारण यह माना जाता है कि ताली या घंटी की ध्वनि के माध्यम से भक्त अपनी उपस्थिति भगवान के समक्ष प्रकट करता है। यह एक संकेत होता है कि वह ईश्वर के द्वार पर आ चुका है और उनकी कृपा चाहता है। दूसरा कारण यह है कि ध्वनि तरंगों के प्रभाव से आसपास की नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और वातावरण में सकारात्मकता का संचार होता है, जिससे पूजा का माहौल अधिक पवित्र बनता है।

शिवलिंग के पास ताली बजाने का नियम
हालांकि, ज्योतिष और शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार, शिवलिंग के पास बिना नियम के ताली बजाना सही नहीं माना जाता। यदि कोई भक्त ताली बजाना चाहता है, तो इसके लिए ‘तीन ताली’ का एक विशेष नियम बताया गया है। मान्यता है कि इस विधि का पालन करने से पूजा का प्रभाव अधिक शुभ होता है।

Shivling ke samne tali kyu bajate hain why do we clap 3 times in front of shivling
तीन तालियों का महत्व  - फोटो : अमर उजाला AI

तीन तालियों का महत्व 
इन तीन तालियों का अपना-अपना महत्व माना गया है। 

  • पहली ताली यह दर्शाती है कि भक्त भगवान शिव के दरबार में उपस्थित हो चुका है और उनका ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। 
  • दूसरी ताली के माध्यम से व्यक्ति अपनी मनोकामना भगवान के समक्ष रखता है और उनके आशीर्वाद की कामना करता है। 
  • तीसरी ताली समर्पण का प्रतीक होती है, जिसमें भक्त स्वयं को पूरी तरह शिव चरणों में अर्पित कर देता है और जीवन के संकटों से रक्षा की प्रार्थना करता है।
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Shivling ke samne tali kyu bajate hain why do we clap 3 times in front of shivling
इन बातों को ध्यान रखना जारूरी - फोटो : adobe stock

इन बातों को ध्यान रखना जारूरी
लेकिन इसके साथ कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं। शिवलिंग के बिल्कुल पास जाकर तेज आवाज में ताली बजाना या शोर करना उचित नहीं माना गया है। भगवान शिव को ध्यान और समाधि का देवता कहा जाता है, इसलिए तेज ध्वनि को उनके ध्यान में विघ्न डालने वाला माना जाता है। ऐसा करना शास्त्रों में अनुचित आचरण की श्रेणी में रखा गया है।

हालांकि, जब मंदिर में सामूहिक आरती होती है, तब ताली बजाना स्वीकार्य और शुभ माना गया है, क्योंकि उस समय पूरा वातावरण ही भक्तिमय ध्वनियों से गुंजायमान होता है। वहीं व्यक्तिगत पूजा या अभिषेक के दौरान शांति बनाए रखना आवश्यक है।

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Shivling ke samne tali kyu bajate hain why do we clap 3 times in front of shivling
इन बातों को ध्यान रखना जारूरी - फोटो : adobe stock

जब भी आप शिव मंदिर जाएं, तो मर्यादा और शालीनता का ध्यान रखें। जल, बेलपत्र या धतूरा अर्पित करते समय मन को शांत रखें और ‘ॐ नमः शिवाय’ का स्मरण करें। यदि ताली बजानी हो, तो थोड़ी दूरी बनाकर और संयम के साथ केवल तीन बार ताली बजाएं। यही संतुलित भक्ति आपको शिव कृपा के और करीब ले जा सकती है।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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