Morning Powerful Mantra: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अधिकतर लोग अपनी सुबह की शुरुआत मोबाइल स्क्रीन देखकर करते हैं। लेकिन हमारे प्राचीन ग्रंथों में दिन की शुरुआत को लेकर एक बेहद सरल और सकारात्मक परंपरा बताई गई है, जो न केवल मन को शांति देती है बल्कि पूरे दिन के लिए ऊर्जा का स्रोत भी बनती है। मान्यता है कि यदि सुबह उठते ही इस नियम का पालन किया जाए, तो व्यक्ति के भीतर सकारात्मकता बनी रहती है और वह अपने हर कार्य को अधिक आत्मविश्वास और सफलता के साथ पूरा कर पाता है।
Morning Mantra: सुबह आंख खुलते ही हथेलियों को देखकर बोलें ये मंत्र, हर कार्य में मिलेगी सफलता
Morning Powerful Mantra: हमारे प्राचीन ग्रंथों में दिन की शुरुआत को लेकर एक बेहद सरल और सकारात्मक परंपरा बताई गई है, जो न केवल मन को शांति देती है बल्कि पूरे दिन के लिए ऊर्जा का स्रोत भी बनती है। मान्यता है कि यदि सुबह उठते ही इस नियम का पालन किया जाए, तो व्यक्ति के भीतर सकारात्मकता बनी रहती है।
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कैसे करें इस नियम का पालन?
सुबह नींद खुलते ही तुरंत उठने के बजाय कुछ क्षण शांति से बिस्तर पर बैठें। इसके बाद अपनी दोनों हथेलियों को जोड़कर चेहरे के सामने लाएं और ध्यानपूर्वक नीचे दिए गए मंत्र का जाप करें।
कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती।
करमूले तू गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्॥
मंत्र का भावार्थ
इस श्लोक का अर्थ है कि हमारी हथेलियों के अग्र भाग यानी उंगलियों में मां लक्ष्मी का वास होता है, जो समृद्धि और ऐश्वर्य की प्रतीक हैं। हथेली के मध्य भाग में मां सरस्वती विराजमान हैं, जो ज्ञान और बुद्धि प्रदान करती हैं। वहीं हथेली के मूल भाग, यानी कलाई के पास भगवान विष्णु का निवास माना गया है, जो इस सृष्टि के पालनकर्ता हैं। इसलिए सुबह उठकर अपने हाथों के दर्शन करना इन तीनों दिव्य शक्तियों को प्रणाम करने के समान माना गया है।
इस मंत्र के जाप के लाभ
नियमित रूप से इस मंत्र का जाप करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगते हैं। मां लक्ष्मी की कृपा से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। मां सरस्वती के आशीर्वाद से बुद्धि का विकास होता है, जिससे व्यक्ति बेहतर निर्णय ले पाता है और अपने करियर में आगे बढ़ता है। वहीं भगवान विष्णु का स्मरण आत्मबल और आत्मविश्वास को बढ़ाता है, जिससे व्यक्ति हर चुनौती का सामना करने में सक्षम बनता है।
इस प्रक्रिया के बाद जब आप जमीन पर कदम रखने जाएं, तो पहले धरती माता को स्पर्श कर प्रणाम करें। यह विनम्रता और कृतज्ञता का प्रतीक माना जाता है। यदि इस छोटे-से नियम को रोजाना अपनाया जाए, तो धीरे-धीरे जीवन में आ रही परेशानियां कम होने लगती हैं और मन में शांति व संतुलन का अनुभव होता है।
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