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Gukesh vs Liren: गुकेश ने तीसरी बाजी जीत कर लिरेन पर मानसिक बढ़त बनाई, भारतीय खिलाड़ी के साथ हुई बदसलूकी?
Thu, 28 Nov 2024 03:17 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Thu, 28 Nov 2024 03:17 PM IST
सार
पहली बाजी में शिकस्त का सामना करने वाले गुकेश ने स्पष्ट रूप से अपने खेल के स्तर को ऊंचा किया और बेहतर तैयारी दिखाई है। लिरेन को तीसरी बाजी में चालों की गणना करने में गलती का खामियाजा उठाना पड़ा।
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लिरेन और डी गुकेश
- फोटो : Chess.com
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भारत के युवा शतरंज खिलाड़ी डी गुकेश ने विश्व शतरंज चैम्पियनशिप में एक दिन के विश्राम के बार शुक्रवार को चौथी बाजी के लिए जब चीन के डिंग लिरेन के खिलाफ चुनौती पेश करेंगे तो 14 बाजियों वाले इस मुकाबले की तीसरी बाजी में मिली जीत से उनका मनोबल बड़ा हुआ होगा। 18 साल के गुकेश ने तीसरे दौर में शानदार प्रदर्शन करते हुए इस चैम्पियनशिप की अपनी पहली जीत दर्ज की। क्लासिक टाइम कंट्रोल के तहत खेली जा रही चैंपियनशिप में अभी 11 मुकाबले बचे हुए हैं।
गुकेश को ले जाते हुए
- फोटो : (Source: screengrab/ X/@ChessMike)
जश्न नहीं मनाने दिया, एंटी डोपिंग परीक्षण के लिए ले गए
इससे पहले गुकेश को शुरुआती मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था, जबकि दूसरा मुकाबला ड्रॉ रहा था। तीन बाजियों के बाद दोनों दोनों खिलाड़ियों के अब एक समान डेढ़-डेढ़ अंक हैं। जैसे ही यह युवा भारतीय ग्रैंडमास्टर टूर्नामेंट की अपनी पहली जीत का जश्न मनाने जा रहा था, उन्हें अपने जश्न को मजबूरी में रोकना पड़ा। ग्रैंडमास्टर और मेडिकल प्रोफेशनल झाओ जोंग युआन जो कि एक डोपिंग रोधी परीक्षण के लिए प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, 18 वर्षीय गुकेश को बुला लिया और उन्हें परीक्षण के लिए ले गए।
हालांकि, इसके बावजूद गुकेश ने अपना संयम बनाए रखा और स्थिति को शालीनता के साथ संभाला। पुरस्कार विजेता शतरंज खिलाड़ी, कोच और पत्रकार माइक क्लेन, जिन्होंने इस घटना को कैमरे में शूट किया, ने बताया कि डिंग लिरेन को भी कुछ ही समय बाद उसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। फिडे नियमों के तहत कभी भी एंटी-डोपिंग परीक्षण आयोजित किए जाते हैं ताकि खेल की अखंडता को बनाए रखा जा सके।
ऐसे होती है चेस में एंटी डोपिंग परीक्षण
इस प्रक्रिया में किसी भी प्रतिबंधित पदार्थों की जांच के लिए जैविक नमूने एकत्र करना शामिल है जो मानसिक ध्यान, सहनशक्ति या प्रतिक्रिया समय को गलत तरीके से बढ़ा सकते हैं। इस बीच फिडे की डोपिंग रोधी परीक्षण नीति में खिलाड़ियों को मूत्र के नमूने जमा कराने होते हैं और ग्रैंडमास्टर निहाल सरीन ने पिछले साल इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। सरीन ने अपने अनुभव के बारे में बात करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया था जब उन्हें प्रक्रिया को मंजूरी देने से पहले तीन बार नमूना देना पड़ा था।
इससे पहले गुकेश को शुरुआती मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था, जबकि दूसरा मुकाबला ड्रॉ रहा था। तीन बाजियों के बाद दोनों दोनों खिलाड़ियों के अब एक समान डेढ़-डेढ़ अंक हैं। जैसे ही यह युवा भारतीय ग्रैंडमास्टर टूर्नामेंट की अपनी पहली जीत का जश्न मनाने जा रहा था, उन्हें अपने जश्न को मजबूरी में रोकना पड़ा। ग्रैंडमास्टर और मेडिकल प्रोफेशनल झाओ जोंग युआन जो कि एक डोपिंग रोधी परीक्षण के लिए प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, 18 वर्षीय गुकेश को बुला लिया और उन्हें परीक्षण के लिए ले गए।
हालांकि, इसके बावजूद गुकेश ने अपना संयम बनाए रखा और स्थिति को शालीनता के साथ संभाला। पुरस्कार विजेता शतरंज खिलाड़ी, कोच और पत्रकार माइक क्लेन, जिन्होंने इस घटना को कैमरे में शूट किया, ने बताया कि डिंग लिरेन को भी कुछ ही समय बाद उसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। फिडे नियमों के तहत कभी भी एंटी-डोपिंग परीक्षण आयोजित किए जाते हैं ताकि खेल की अखंडता को बनाए रखा जा सके।
Just as @DGukesh was about to celebrate his first win, he’s called back from the van and escorted to anti-doping control by GM Zhao Zong Yuan (himself a doctor and in charge for this event).
— Mike Klein (@ChessMike) November 27, 2024
Shortly after Ding was also escorted. #DingGukesh pic.twitter.com/b6HNygGbaZ
ऐसे होती है चेस में एंटी डोपिंग परीक्षण
इस प्रक्रिया में किसी भी प्रतिबंधित पदार्थों की जांच के लिए जैविक नमूने एकत्र करना शामिल है जो मानसिक ध्यान, सहनशक्ति या प्रतिक्रिया समय को गलत तरीके से बढ़ा सकते हैं। इस बीच फिडे की डोपिंग रोधी परीक्षण नीति में खिलाड़ियों को मूत्र के नमूने जमा कराने होते हैं और ग्रैंडमास्टर निहाल सरीन ने पिछले साल इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। सरीन ने अपने अनुभव के बारे में बात करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया था जब उन्हें प्रक्रिया को मंजूरी देने से पहले तीन बार नमूना देना पड़ा था।
Has @FIDE_chess ever caught anyone doping in the history of anti doping tests by using urine samples?
— Nihal Sarin (@NihalSarin) December 28, 2023
डी गुकेश और डिंग लिरेन
- फोटो : Twitter
मैच के दौरान क्या हुआ?
पहली बाजी में शिकस्त का सामना करने वाले गुकेश ने स्पष्ट रूप से अपने खेल के स्तर को ऊंचा किया और बेहतर तैयारी दिखाई है। लिरेन को तीसरी बाजी में चालों की गणना करने में गलती का खामियाजा उठाना पड़ा। उन्होंने इस दौरान बहुत अधिक समय लिये जिससे उनके लिए चीजें जटिल होती चली गईं। 13वीं चाल तक गुकेश के पास एक घंटे की बढ़त थी और उन्होंने सिर्फ चार मिनट खर्च किये थे।
लिरेन ने दूसरी तरफ एक घंटा और छह मिनट लगा दिए थे। खेल के पहले 120 मिनट में से 40 चालों तक समय में कोई इजाफा नहीं किया जाता। बीच में मुकाबला जटिल होने से लिरेन पर असर पड़ा और गुकेश ने सटीक चालों से उन पर दबाव बढ़ा दिया। गुकेश ने वही रणनीति अपनाई जो पूर्व विश्व चैम्पियन रूस के व्लादिमीर क्रामनिक ने एक रैपिड मुकाबले में भारत के अर्जुन एरिगेसी के खिलाफ अपनाई थी। एरिगेसी ने हार से बाल बाल बचते हुए वह मुकाबला ड्रॉ कराया था, जबकि गुकेश ने लिरेन की सहज गलतियों का फायदा उठाकर जीत दर्ज की।
लिरेन के पास आखिरी नौ चाल के लिये सिर्फ दो मिनट और आखिरी छह चाल के लिये सिर्फ दस सेकंड बचे थे। आखिर में उनके पास समय ही बाकी नहीं रह गया। सफेद मोहरों से खेलते हुए जीत दर्ज करने के बाद गुकेश ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा ,‘‘ बहुत अच्छा लग रहा है । पिछले दो दिन मैं अपने खेल से खुश था। आज मैंने और अच्छा खेला। बोर्ड पर अच्छा लग रहा था और मैं अपने प्रतिद्वंद्वी को हराने में कामयाब रहा।'
पहली बाजी में शिकस्त का सामना करने वाले गुकेश ने स्पष्ट रूप से अपने खेल के स्तर को ऊंचा किया और बेहतर तैयारी दिखाई है। लिरेन को तीसरी बाजी में चालों की गणना करने में गलती का खामियाजा उठाना पड़ा। उन्होंने इस दौरान बहुत अधिक समय लिये जिससे उनके लिए चीजें जटिल होती चली गईं। 13वीं चाल तक गुकेश के पास एक घंटे की बढ़त थी और उन्होंने सिर्फ चार मिनट खर्च किये थे।
लिरेन ने दूसरी तरफ एक घंटा और छह मिनट लगा दिए थे। खेल के पहले 120 मिनट में से 40 चालों तक समय में कोई इजाफा नहीं किया जाता। बीच में मुकाबला जटिल होने से लिरेन पर असर पड़ा और गुकेश ने सटीक चालों से उन पर दबाव बढ़ा दिया। गुकेश ने वही रणनीति अपनाई जो पूर्व विश्व चैम्पियन रूस के व्लादिमीर क्रामनिक ने एक रैपिड मुकाबले में भारत के अर्जुन एरिगेसी के खिलाफ अपनाई थी। एरिगेसी ने हार से बाल बाल बचते हुए वह मुकाबला ड्रॉ कराया था, जबकि गुकेश ने लिरेन की सहज गलतियों का फायदा उठाकर जीत दर्ज की।
लिरेन के पास आखिरी नौ चाल के लिये सिर्फ दो मिनट और आखिरी छह चाल के लिये सिर्फ दस सेकंड बचे थे। आखिर में उनके पास समय ही बाकी नहीं रह गया। सफेद मोहरों से खेलते हुए जीत दर्ज करने के बाद गुकेश ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा ,‘‘ बहुत अच्छा लग रहा है । पिछले दो दिन मैं अपने खेल से खुश था। आज मैंने और अच्छा खेला। बोर्ड पर अच्छा लग रहा था और मैं अपने प्रतिद्वंद्वी को हराने में कामयाब रहा।'
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डी गुकेश
- फोटो : SAI Media
शुरुआती मुकाबले में मिली थी हार
इससे पहले शुरुआती मुकाबले में गुकेश को बाजी के बीच में गैर जरूरी ढंग से जटिल बनाना भारी पड़ा जिससे चीन के मौजूदा चैम्पियन को जीत से आगाज करने का मौका दिया। गुकेश ने दूसरी बाजी में अच्छी वापसी करते हुए लिरेन को बराबरी पर रोका। यह मुकाबला केवल 23 चालों तक चला। 18 वर्षीय गुकेश विश्व खिताब के लिए सबसे कम उम्र के दावेदार हैं और वह विश्वनाथन आनंद के बाद यह खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बनने की कोशिश कर रहे हैं। आनंद ने अपने शानदार करियर में पांच बार यह खिताब अपने नाम किया है।
इस बात की संभावना अधिक है कि स्कोर बराबर होने के लिरेन आक्रामक की जगह अधिक सतर्क रवैया अपनाएं और तीसरी बाजी में की गयी गलतियों से सबक लेंगे। आत्मविश्वास से लबरेज गुकेश का ध्यान अपनी मानसिक बढ़त को बनाए रखने के साथ चीन के खिलाड़ी को वापसी का मौका नहीं देने पर होगी। चेन्नई का यह खिलाड़ी सफेद मोहरों से बेहतर खेल दिखता है और वह अगर ऐसा करना जारी रखने में सफल हुए तो लिरेन दबाव में आ जाएंगे।
इससे पहले शुरुआती मुकाबले में गुकेश को बाजी के बीच में गैर जरूरी ढंग से जटिल बनाना भारी पड़ा जिससे चीन के मौजूदा चैम्पियन को जीत से आगाज करने का मौका दिया। गुकेश ने दूसरी बाजी में अच्छी वापसी करते हुए लिरेन को बराबरी पर रोका। यह मुकाबला केवल 23 चालों तक चला। 18 वर्षीय गुकेश विश्व खिताब के लिए सबसे कम उम्र के दावेदार हैं और वह विश्वनाथन आनंद के बाद यह खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बनने की कोशिश कर रहे हैं। आनंद ने अपने शानदार करियर में पांच बार यह खिताब अपने नाम किया है।
इस बात की संभावना अधिक है कि स्कोर बराबर होने के लिरेन आक्रामक की जगह अधिक सतर्क रवैया अपनाएं और तीसरी बाजी में की गयी गलतियों से सबक लेंगे। आत्मविश्वास से लबरेज गुकेश का ध्यान अपनी मानसिक बढ़त को बनाए रखने के साथ चीन के खिलाड़ी को वापसी का मौका नहीं देने पर होगी। चेन्नई का यह खिलाड़ी सफेद मोहरों से बेहतर खेल दिखता है और वह अगर ऐसा करना जारी रखने में सफल हुए तो लिरेन दबाव में आ जाएंगे।
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गुकेश
- फोटो : PTI
लिरेन ने पिछला विश्व खिताब जीता था
लिरेन ने पिछला विश्व चैंपियनशिप खिताब रूस के इयान नेपोमनियाचची के खिलाफ तीन बार पिछड़ने के बाद जीता था। उन्होंने तब मुकाबले के आखिरी चरण में बढ़त बनायी थी और अंतिम दिन टाईब्रेकर ने खिताब के विजेता का फैसला किया था। लिरेन की वापसी करने की क्षमता को देखते हुए उन्हें कम नहीं आंका जा सकता है।
इस 32 वर्षीय खिलाड़ी ने बुधवार की हार के बाद स्पष्ट रूप से कहा, '… इस मुकाबले का परिणाम शायद आराम के दिन मेरी भावनाओं को प्रभावित करेगा।' अब यह देखना होगा कि वह किस तरह से वापसी करते है। गुकेश की जीत के बाद मैच दिलचस्प रूप से आगे बढ़ा है और शतरंज के शौकीनों ने शुरुआती तीन बाजियों में इससे अधिक रोमांच की उम्मीद नहीं होगी।
लिरेन ने पिछला विश्व चैंपियनशिप खिताब रूस के इयान नेपोमनियाचची के खिलाफ तीन बार पिछड़ने के बाद जीता था। उन्होंने तब मुकाबले के आखिरी चरण में बढ़त बनायी थी और अंतिम दिन टाईब्रेकर ने खिताब के विजेता का फैसला किया था। लिरेन की वापसी करने की क्षमता को देखते हुए उन्हें कम नहीं आंका जा सकता है।
इस 32 वर्षीय खिलाड़ी ने बुधवार की हार के बाद स्पष्ट रूप से कहा, '… इस मुकाबले का परिणाम शायद आराम के दिन मेरी भावनाओं को प्रभावित करेगा।' अब यह देखना होगा कि वह किस तरह से वापसी करते है। गुकेश की जीत के बाद मैच दिलचस्प रूप से आगे बढ़ा है और शतरंज के शौकीनों ने शुरुआती तीन बाजियों में इससे अधिक रोमांच की उम्मीद नहीं होगी।