बॉलीवुड के बुरे प्रदर्शन से आहत दर्शकों का ध्यान इस साल सही कहा जाए तो शादियों में रहा है। ऐसे में फिल्म से ज्यादा शादियों ने उनका मनोरंजन किया। अन्यथा इस साल के बुरे अनुभव से गुजर रहे सिनेमा देखने वाले उनके साथ हुए छलावों को भूल नहीं पाते हैं। गनीमत इतनी ही रही कि राजकुमार हिरानी की संजय दत्त पर बनने वाली कथित बायोपिक से रणबीर को एक अलग तरह की सफलता मिल गई, जो इस समय की श्रेष्ठ महानायक को मिलने वाली सफलता से भी कहीं आगे की थी...
वैसे भी सफलता का मापदंड बॉलीवुड की निगाह में अब फिल्म का मनी कलेक्शन ही रह गया है। फिल्म संजू ने खूब कमाई की और निर्माता के साथ-साथ सिनेमाघर मालिकों को भी लाभ पहुंचाया, लेकिन इस फिल्म की सफलता उस स्तर की नहीं थी, जिसका फायदा नायक को चार बड़ी या अच्छी फिल्मों के मिलने से होता। यह साल वैसे कपूर परिवार के लिए दो अर्थों में दुखद रहा है, एक तो ऐतिहासिक आर.के. स्टूडियो को बेच दिए जाने का पारिवारिक निर्णय और दूसरा कृष्णा राज कपूर का निधन।
इसी के साथ ऋषि कपूर की बीमारी को लेकर इंडस्ट्री और दर्शकों की चिंता स्वाभाविक है, क्योंकि करियर के इस लंबे समय में अनेक दिलचस्प भूमिकाओं से उन्होंने अपने आपको चर्चा और सराहना में बनाए रखा था और रणबीर से अधिक और बेहतर काम करते हुए सक्रिय थे।इस साल की सबसे सुखद घटना रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण का विवाह होना है, जिसे शायद शादी करने वाले जोड़े, उनके परिवार, दोस्तों के अलावा दर्शकों ने भी सबसे ज्यादा एन्जॉय किया है।
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priyanka chopra
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इस साल की सबसे चर्चित शादी वैसे प्रियंका चोपड़ा की होती, जिन्होंने सबसे ज्यादा अच्छा समय हिंदी सिनेमा में बिताकर विदेशी फिल्मों में छोटी-छोटी भूमिकाएं करके अपने अंतरराष्ट्रीय सितारा होने का भरपूर प्रचार किया और सुर्खियां बटोरीं, फिर अपने से 10 साल छोटे विदेशी गायक निक जोनस से सगाई की और शादी करके खबरों को विराम दिया। लेकिन, उनसे आगे निकल गए रणवीर सिंह और दीपिका, जिन्होंने इटली के लेक कोमो में अपनी शादी धूमधाम से की और देश लौटने के बाद मुंबई, बंगलुरू आदि जगहों पर शानदार रिसेप्शन आयोजित करके अपने मित्रों और शुभचिंतकों को निमंत्रित किया।
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Ranveer Singh and Deepika Padukone
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दीपिका से शादी करके रणवीर सिंह का कद और ऊंचा हो गया है। अखबारों से लेकर सोशल मीडिया में ये शादी सुर्खियां में बनी रही। ऐसे ही माहौल में लोग बड़े बैनर की बुरी फिल्मों और उसको देखकर हुए बुरे अनुभवों को भी भूल पाए हैं, नहीं तो बॉलीवुड की हाल की फिल्मों के निराशाजनक प्रदर्शन ने दर्शकों को बुरी तरह हतोत्साहित कर दिया था। इस साल जिस तरह की फिल्में आईं हैं, उम्रदराज सितारे हर हाल में अपने आपको बिकाऊ बनाए रखने के लिए मैदान छोड़ना नहीं चाहते, उससे नए और प्रतिभाशाली सितारों के लिए अपनी जगह बना पाना कठिन हो रहा है।