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खतरे में 4.6 लाख भारतीयों के क्रेडिट और डेबिट कार्ड, बैंक खाते में किसी भी वक्त लग सकती है सेंध
टेक डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रदीप पांडे
Updated Sat, 08 Feb 2020 10:33 AM IST
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Debit Credit cards on dark net
- फोटो : amar ujala
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एक बार फिर से भारत के लाखों लोगों के क्रेडिट और डेबिट कार्ड खतरे में हैं, क्योंकि 4 लाख से अधिक लोगों के क्रेडिट और डेबिट कार्ड की जानकारी डार्क नेट पर बिक रही है। इसका खुलासा Group-IB ने किया है जो कि सिंगापुर की एक साइबर सिक्योरिटी कंपनी है। आइए विस्तार से जानते हैं इसके बारे में...
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cert
- फोटो : cert
ग्रुप आईबी ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि 4,61,976 क्रेडिट और डेबिट कार्ड की जानकारी डार्क वेब Joker’s Stash पर बिक रही है। बिक रही जानकारियों में कार्ड नंबर के साथ-साथ सीवीवी कोड भी शामिल हैं। ग्रुप आईबी ने इसकी जानकारी इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) को दी है।
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card details
- फोटो : Group-IB
ग्रुप आईबी ने कहा है कि डार्क नेट पर बिक रही इन जानकारियों की कीमत करीब 4.2 मिलियन डॉलर यानी करीब 30 करोड़ रुपये से भी अधिक है, हालांकि भारत के लोगों के क्रेडिट और डेबिट कार्ड की जानकारी डार्क नेट पर कैसे पहुंची है इसकी फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिली है।
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credit card demo
- फोटो : pexels.com
महाराष्ट्र साइबर पुलिस के एसपी बालसिंग राजपुत ने अपने एक बयान में कहा है कि हम इस मामले की जांच कर रहे हैं और जल्द ही इसके लिए एडवाइजरी जारी की जाएगी। ग्रुप आईबी की रिपोर्ट में कहा गया है कि डार्क नेट पर बिक रही जानकारियों में क्रेडिट और डेबिट कार्ड के नंबर के साथ-साथ एक्सपायरी डेट, कार्ड होल्डर का नाम और सीवीवी नंबर भी शामिल है। इसके अलावा कार्ड होल्डर का मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और घर का पता भी शामिल है।
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Hacker
हालांकि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी पिछले साल नवंबर में 13 लाख लोगों के क्रेडिट और डेबिट कार्ड की जानकारी लीक हुई थी। रिपोर्ट सामने आने के बाद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने सभी बैंकों को इस मामले की जांच का आदेश दिया थी। अगली स्लाइड में जानें आपको क्या करना चाहिए?
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