टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Thu, 14 Aug 2025 05:32 PM IST
सार
ब्रिटेन में सरकार ने लोगों को पुरानी तस्वीरें डिलीट करने की अनोखी सलाह दी है। वजह सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। जानिए इस अजीब लेकिन सच्ची गाइडलाइन का पूरा मामला।
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पानी बचाने के लिए डिलीट करें फोटो
- फोटो : AI
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गर्मियों में पानी बचाने के लिए लोग नल कम खोलते हैं, गाड़ियां कम धोते हैं, लेकिन ब्रिटेन में सरकार ने इस साल एक अलग ही सुझाव दे दिया है। सरकार ने पानी बचाने के लिए पुरानी डिजिटल तस्वीरें डिलीट करने की सलाह दी है। सुनने में भले ही ये मजाक लगे, लेकिन इसके पीछे एक गंभीर कारण है, जो हमारी डिजिटल लाइफस्टाइल से जुड़ा है।
असल में हमारी फोटो, वीडियो, ईमेल, यह सब किसी न किसी डेटा सेंटर में स्टोर होते हैं। ये डेटा सेंटर बड़े-बड़े सर्वरों से भरे होते हैं, जो लगातार गर्म होते हैं और इन्हें ठंडा करने के लिए पानी या बिजली से चलने वाली कूलिंग टेक्नॉलजी का इस्तेमाल होता है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
डेटा सेंटर की प्यास
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से जुड़े शोधकर्ताओं की एक स्टडी के अनुसार, सिर्फ 1 मेगावाट का एक छोटा डेटा सेंटर भी हर साल करोड़ों लीटर पानी सिर्फ कूलिंग के लिए इस्तेमाल कर सकता है। हालांकि, यह आंकड़ा जगह और तकनीक के हिसाब से बदल सकता है।
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डेटा सेंटर
- फोटो : AI
कूलिंग तकनीक के भरोसे डेटा सेंटर
कुछ डेटा सेंटर अब नॉन-पोटेबल (पीने योग्य नहीं) या रीसाइकल्ड पानी का इस्तेमाल करने लगे हैं, ताकि पीने के पानी पर दबाव न पड़े। वहीं, कुछ कंपनियां एयर-कूलिंग या इवैपोरेटिव कूलिंग टेक्नॉलजी अपना रही हैं, जो मौसम और स्थानीय नियमों पर निर्भर करती हैं।
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टेक कंपनियों के नए प्रयोग
- फोटो : अमर उजाला
टेक कंपनियों के नए प्रयोग
बिग टेक कंपनियां इस वॉटर फुटप्रिंट को घटाने के लिए कई इनोवेशन कर रही हैं। Google ने अमेरिका के जॉर्जिया राज्य के डगलस काउंटी में रीसाइकल्ड वेस्टवॉटर से डेटा सेंटर कूल करने का प्रयोग किया। Microsoft ने तो पानी की बचत के लिए अंडरवॉटर डेटा सेंटर तक टेस्ट किया, जिसमें समुद्र का ठंडा पानी सर्वरों को ठंडा करने में मदद करता है। कई क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स अब “वाटर यूसेज इफेक्टिवनेस” जैसे मेट्रिक्स पब्लिश करने लगे हैं, जिससे यह पता चल सके कि वे पानी की खपत कम करने में कितना सफल हैं।
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बढ़ेगी बिजली और पानी की खपत
- फोटो : पीआईबी
बढ़ेगी बिजली और पानी की खपत
AI और मशीन लर्निंग की बढ़ती डिमांड के साथ डेटा प्रोसेसिंग की जरूरत भी तेजी से बढ़ रही है। इसका मतलब है कि अगर डिजाइन में बदलाव न किए जाएं, तो आने वाले समय में बिजली और पानी दोनों की खपत और बढ़ सकती है।
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