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Q-Day: क्या 2029 के बाद बेकार हो जाएंगे आज के सभी मजबूत पासवर्ड? जानिए गूगल ने क्यों दी गंभीर चेतावनी
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Thu, 28 May 2026 01:52 PM IST
सार
Quantum Computing: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बाद अब पूरी दुनिया की नजर क्वांटम कंप्यूटिंग पर टिक गई है। गूगल का कहना है कि 2029 के बाद यह तकनीक इतनी ताकतवर हो सकती है कि आज के सुपरकंप्यूटर भी इसके सामने कमजोर पड़ जाएं। हालांकि कंपनी ने इसके साथ एक गंभीर चेतावनी भी दी है, जो साइबर सुरक्षा और इंटरनेट की दुनिया को पूरी तरह बदल सकती है।
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जानिए 2029 के बाद कैसे बदल जाएगी दुनिया
- फोटो : एआई जनरेटेड
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आज हम जिस इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं, उसे काफी सुरक्षित माना जाता है। आपके बैंक के पासवर्ड से लेकर आपके वॉट्सऐप मैसेज तक, सब कुछ एक खास तरीके के 'डिजिटल ताले' में बंद होता है, जिसे तकनीकी भाषा में एन्क्रिप्शन (Encryption) कहते हैं। लेकिन, दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक 'गूगल' (Google) ने अपने ब्लॉग के जरिए एक ऐसी चेतावनी दी है, जिसने दुनियाभर के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की नींद उड़ा दी है। गूगल के अनुसार, 'क्वांटम कंप्यूटिंग' (Quantum Computing) की तेजी से बढ़ती तकनीक आने वाले कुछ ही वर्षों में हमारे आज के डिजिटल सुरक्षा चक्र को पूरी तरह से चकनाचूर कर सकती है।
करोड़ों गुना तेज प्रोसेसिंग कर सकते हैं क्वांटम कंप्यूटर
- फोटो : एआई जनरेटेड
क्वांटम कंप्यूटर आखिर क्या बला है?
इसे समझने के लिए हमें आज के आम कंप्यूटर और भविष्य के क्वांटम कंप्यूटर के बीच का अंतर समझना होगा:आम कंप्यूटर: हमारे घर का लैपटॉप या स्मार्टफोन 'बिट्स' (Bits) पर काम करता है। यह डेटा को केवल 0 या 1 के रूप में पढ़ता है। यह एक बार में एक ही काम कर सकता है। अगर इसे कोई भूलभुलैया पार करनी हो, तो यह एक-एक करके सारे रास्ते तलाशेगा।
क्वांटम कंप्यूटर: यह 'क्यूबिट्स' (Qubits) पर काम करता है। क्वांटम भौतिकी के नियमों के कारण यह एक ही समय में 0 और 1 दोनों अवस्थाओं में रह सकता है। अगर इसे भूलभुलैया पार करनी हो, तो यह एक ही समय में सभी रास्तों पर जाकर पलक झपकते ही सही रास्ता ढूंढ लेगा।
इसकी यही खूबी इसे हमारे आज के सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर से भी करोड़ों गुना तेज और ताकतवर बनाती है।
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क्वांटम कंप्यूटर से खतरे में होंगे मौजूदा एन्क्रिप्शन और पासवर्ड
- फोटो : एआई जनरेटेड
गूगल की चेतावनी: खतरे में है डिजिटल सुरक्षा का 'ताला'
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई (Sundar Pichai) और कंपनी के क्वांटम एआई (Quantum AI) विशेषज्ञ कई बार इस खतरे की चेतावनी दे चुके हैं, जिसे तकनीकी दुनिया में 'क्वांटम एपोकैलिप्स' (Quantum Apocalypse) या 'क्यू-डे' (Q-Day) कहा जाता है। गूगल का कहना है कि:- आज हम इंटरनेट पर जो भी डेटा सुरक्षित रखते हैं, वह RSA जैसे एन्क्रिप्शन (डिजिटल ताले) से सुरक्षित रहता है।
- आज के सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर को भी इस ताले को तोड़ने (हैक करने) में हजारों या लाखों साल लग जाएंगे।
- लेकिन, भविष्य का एक ताकतवर क्वांटम कंप्यूटर इसी ताले को महज कुछ मिनटों या घंटों में तोड़ सकता है।
- गूगल की चेतावनी यही है कि अगर क्वांटम कंप्यूटर हैकर्स या दुश्मन देशों के हाथों में पड़ गया, तो दुनिया का कोई भी बैंक खाता, सेना की कोई भी खुफिया जानकारी या आपका निजी डेटा सुरक्षित नहीं बचेगा।
साल 2029 की 'डेडलाइन' ही क्यों?
आप सोच रहे होंगे कि गूगल बार-बार 2029 या इस दशक के अंत का जिक्र क्यों कर रहा है? दरअसल, गूगल क्वांटम तकनीक के क्षेत्र में सबसे आगे चलने वाली कंपनियों में से एक है।गूगल ने अपने लिए एक लक्ष्य तय किया है कि वह साल 2029 तक दुनिया का पहला व्यावसायिक रूप से उपयोगी और एरर-फ्री क्वांटम कंप्यूटर बना लेगा। गूगल का लक्ष्य 2029 तक 10 लाख फिजिकल क्यूबिट्स वाला एक ऐसा सिस्टम तैयार करना है, जो बिना किसी गलती के जटिल से जटिल गणनाएं कर सके। जब गूगल ऐसा कंप्यूटर बना लेगा, तो जाहिर है कि दुनिया के अन्य देश भी इस तकनीक को हासिल कर लेंगे। यहीं से असली खतरा शुरू होगा।
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बैंकिंग और क्रिप्टोकरेंसी को बनाना होगा ज्यादा सुरक्षित
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2029 के बाद क्या-क्या बड़े बदलाव आएंगे?
गूगल के मुताबिक, जब क्वांटम कंप्यूटर पूरी तरह से विकसित हो जाएंगे, तो 2029 के बाद दुनिया में कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे:1. इंटरनेट सुरक्षा के मायने पूरी तरह बदल जाएंगे
आज के समय के सारे पासवर्ड और सुरक्षा प्रणालियां बेकार हो सकती हैं। दुनिया भर की कंपनियों और सरकारों को अपना डेटा बचाने के लिए एक बिल्कुल नई तकनीक की जरूरत पड़ेगी, जिसे 'पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी' (Post-Quantum Cryptography - PQC) कहा जाता है। यानी सुरक्षा का ऐसा ताला जिसे क्वांटम कंप्यूटर भी न तोड़ सके।
2. 'स्टोर नाउ, डिक्रिप्ट लेटर' का खतरा (Store Now, Decrypt Later)
यह सबसे डराने वाला बदलाव है। आज हैकर्स दुनिया भर से बहुत सारा एन्क्रिप्टेड (सुरक्षित) डेटा चुराकर जमा कर रहे हैं, भले ही वे आज उसे खोल नहीं सकते। उनका प्लान है कि 2029 के बाद जब उनके पास क्वांटम कंप्यूटर होगा, तब वे इस पुराने जमा किए गए डेटा का ताला खोल लेंगे। इसमें देशों के रक्षा रहस्य, बैंकिंग पासवर्ड्स और लोगों की निजी जानकारियां शामिल हैं।
3. बैंकिंग और क्रिप्टोकरेंसी में उथल-पुथल
बिटकॉइन (Bitcoin) जैसी क्रिप्टोकरेंसी और ब्लॉकचेन तकनीक आज के एन्क्रिप्शन पर ही टिकी हैं। 2029 के बाद क्वांटम कंप्यूटर आसानी से ब्लॉकचेन के सुरक्षा चक्र को भेद सकता है। ऐसे में पूरी दुनिया के बैंकिंग सिस्टम को रातों-रात एक नए क्वांटम-प्रूफ सिस्टम पर शिफ्ट होना पड़ेगा।
4. विज्ञान और दवाओं की दुनिया में चमत्कार
क्वांटम कंप्यूटर का सिर्फ नुकसान ही नहीं है। 2029 के बाद यह विज्ञान के क्षेत्र में वरदान भी साबित होगा:
नई बीमारियों का इलाज: आज जिन कैंसर या अल्जाइमर जैसी बीमारियों की दवा खोजने में कई साल लग जाते हैं, क्वांटम कंप्यूटर अरबों मॉलिक्यूल्स की गणना करके उसे चंद दिनों में खोज लेगा।
नई बैटरियां और मटीरियल: यह ऐसी शक्तिशाली बैटरियां डिजाइन कर सकेगा जिससे इलेक्ट्रिक गाड़ियां एक बार चार्ज करने पर महीनों चलेंगी।
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तैयार करनी होगी नई रणनीति
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
दुनिया इससे बचने के लिए क्या कर रही है?
गूगल सिर्फ चेतावनी नहीं दे रहा है, बल्कि समाधान भी ढूंढ रहा है। गूगल ने अपने क्रोम ब्राउजर (Chrome Browser) में अभी से क्वांटम-सुरक्षित एन्क्रिप्शन (PQC) की टेस्टिंग और उसे लागू करना शुरू कर दिया है, ताकि भविष्य के हमलों से बचा जा सके। इसके अलावा, अमेरिका सहित कई देशों की साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने नए 'क्वांटम-प्रूफ' सुरक्षा मानक जारी कर दिए हैं और टेक कंपनियों को अभी से अपना सिस्टम अपडेट करने को कहा है।गूगल की यह चेतावनी किसी साइंस-फिक्शन फिल्म की कहानी जैसी लग सकती है, लेकिन यह भविष्य की एक ठोस सच्चाई है। 2029 वह साल हो सकता है जब दुनिया आज के इंटरनेट को छोड़कर एक नए 'क्वांटम युग' में कदम रखेगी। इसके फायदे भी अनगिनत हैं और खतरे भी बहुत बड़े हैं। जरूरत बस इस बात की है कि इससे पहले कि कोई हैकर क्वांटम कंप्यूटर का गलत इस्तेमाल करे, दुनिया के सारे 'डिजिटल ताले' क्वांटम-प्रूफ हो जाएं।