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Chrome Warning: क्रोम यूजर्स सावधान! सरकार ने जारी की हाई रिस्क चेतावनी, तुरंत करें ये जरूरी काम
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Mon, 19 May 2025 07:32 PM IST
सार
भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने Google Chrome ब्राउजर में गंभीर कमजोरियों की चेतावनी जारी की है। ये खामियां हैकर्स को सिस्टम में सेंध लगाने का मौका दे सकती हैं। यूजर्स को तुरंत ब्राउजर अपडेट करने की सलाह दी गई है।
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chrome browser
- फोटो : अमर उजाला
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अगर आप अपने कंप्यूटर या लैपटॉप में Google Chrome का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने Chrome ब्राउजर में गंभीर सुरक्षा खामियों की पहचान की है, जिनका साइबर हमलावर फायदा उठा सकते हैं। एजेंसी का कहना है कि इन कमजोरियों के जरिए हैकर्स आपके सिस्टम और निजी डेटा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसीलिए Chrome को फौरन अपडेट करने की सलाह दी गई है।
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Google Chrome
- फोटो : FREEPIK
किन प्लेटफॉर्म्स पर है खतरा?
यह चेतावनी खासतौर पर Windows, macOS और Linux यूजर्स के लिए जारी की गई है। मोबाइल यूजर्स के लिए फिलहाल कोई खतरा नहीं बताया गया है। एजेंसी ने कहा है कि जिन यूजर्स के पास Chrome का पुराना वर्जन है, उन्हें तुरंत लेटेस्ट वर्जन पर स्विच कर लेना चाहिए, जिससे वह इन साइबर हमलों से सुरक्षित रह सकें।
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Chrome
- फोटो : अमर उजाला
कौन-से वर्जन हैं प्रभावित?
CERT-In के मुताबिक Chrome के जिन वर्जन में यह खामियां हैं, उनमें Windows और macOS के लिए 136.0.7103.113/.114 से पहले के वर्जन और Linux के लिए 136.0.7103.113 से पुराने वर्जन शामिल हैं। इस वल्नरेबिलिटी को CIVN-2025-0099 के नाम से पहचाना गया है।
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गूगल क्रोम
- फोटो : अमर उजाला
कैसे हो सकता है खतरा?
एजेंसी के अनुसार, Chrome में मौजूद ये कमजोरियां ब्राउजर के लोडर कंपोनेंट और Mojo इंटर-प्रोसेस कम्युनिकेशन सिस्टम में खराबी की वजह से आई हैं। इनमें सुरक्षा नियमों को ठीक से लागू न कर पाने और सिस्टम के रिस्पॉन्स को सही तरह से हैंडल न कर पाने जैसी समस्याएं शामिल हैं।
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कैसे हो सकता है अटैक?
- फोटो : AI
कैसे हो सकता है अटैक?
CERT-In का कहना है कि कोई रिमोट हैकर एक यूजर को खास तरह से तैयार किए गए वेबसाइट लिंक पर क्लिक करने के लिए बहला सकता है। ऐसा करते ही हैकर Chrome की इन कमजोरियों का फायदा उठाकर सिस्टम में मालवेयर या अनचाहा कोड डाल सकता है। इससे आपका पूरा सिस्टम हैक हो सकता है और पर्सनल डेटा लीक होने का खतरा बढ़ जाता है।
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