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iPhone: क्या आईफोन ने घटा दी दुनिया की जन्मदर? 128 देशों की स्टडी में हुआ बड़ा खुलासा
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Tue, 09 Jun 2026 07:05 PM IST
सार
क्या स्मार्टफोन और खासकर iPhone ने दुनिया की घटती जन्मदर में बड़ी भूमिका निभाई है? दो नई रिसर्च रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि 2007 में iPhone आने के बाद किशोरों और युवाओं में जन्मदर तेजी से घटी। शोधकर्ताओं का मानना है कि बदलती डिजिटल लाइफस्टाइल और सामाजिक व्यवहार इसके पीछे अहम वजह हो सकते हैं।
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नई रिसर्च में आईफोन के प्रभाव पर हुए बड़े दावे
- फोटो : एआई जनरेटेड
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आमतौर पर किसी देश की आर्थिक स्थिति बेहतर होने पर जन्मदर में गिरावट आती है। लेकिन पिछले दो दशकों में शोधकर्ताओं ने एक अलग ट्रेंड देखा है। दुनिया के अलग-अलग देशों में सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियां अलग होने के बावजूद 2007 के बाद जन्मदर लगभग एक जैसी रफ्तार से घटने लगी।
जहां ज्यादा iPhone पहुंचा, वहां ज्यादा गिरी जन्मदर
- फोटो : croma
जहां ज्यादा iPhone पहुंचा, वहां ज्यादा गिरी जन्मदर
- शोधकर्ताओं ने 2007 से 2011 के बीच अमेरिका के उन इलाकों का अध्ययन किया जहां AT&T नेटवर्क के जरिए iPhone उपलब्ध था।
- उन्होंने पाया कि जिन क्षेत्रों में iPhone की पहुंच ज्यादा थी, वहां 15 से 19 वर्ष की महिलाओं में जन्मदर 4.5 से 8 प्रतिशत तक और 20 से 24 वर्ष आयु वर्ग में 3.2 से 6.6 प्रतिशत तक कम हुई।
- अध्ययन के अनुसार 2007-2011 के दौरान 15 से 44 वर्ष की महिलाओं में जन्मदर में आई कुल गिरावट का 33 से 52 प्रतिशत हिस्सा iPhone के प्रभाव से जुड़ा हो सकता है।
आखिर क्यों घट रही है जन्मदर?
- रिसर्चर्स का मानना है कि स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल ने लोगों के सामाजिक व्यवहार को बदल दिया है। लोग दोस्तों और परिचितों से आमने-सामने कम मिलने लगे हैं। इसके साथ यौन गतिविधियों में भी कमी देखी गई है।
- अध्ययन में यह भी कहा गया है कि ऑनलाइन अश्लील कंटेंट की बढ़ती खपत और डिजिटल मनोरंजन ने लोगों की जीवनशैली को प्रभावित किया। वहीं स्मार्टफोन ने युवाओं को गर्भनिरोधक उपायों और गर्भपात से जुड़ी जानकारी तक आसान पहुंच भी दी।
iPhone 17e
- फोटो : एआई जनरेटेड
सिर्फ अमेरिका नहीं, दुनिया भर में दिखा असर
- सिनसिनाटी यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्रियों द्वारा 128 देशों पर किए गए एक अन्य अध्ययन में भी इसी तरह के नतीजे सामने आए। शोधकर्ताओं ने पाया कि अलग-अलग स्वास्थ्य व्यवस्था, धर्म, कानून और आर्थिक हालात वाले देशों में भी स्मार्टफोन के व्यापक होने के बाद किशोर जन्मदर में तेज गिरावट आई।
- ईरान, चिली, मैक्सिको, तुर्की और कोस्टा रिका जैसे देशों में यह ट्रेंड साफ दिखाई दिया।
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सिर्फ अमेरिका नहीं, दुनिया भर में दिखा असर
- फोटो : एआई जनरेटेड
बढ़ा स्क्रीन टाइम, घटी सामाजिक बातचीत
- अध्ययन के अनुसार 2003 में लोग प्रतिदिन औसतन 68 मिनट आमने-सामने बातचीत और सामाजिक मेलजोल में बिताते थे। 2019 तक यह घटकर 38 मिनट रह गया। यानी 44 प्रतिशत की गिरावट।
- वहीं कंप्यूटर और डिजिटल डिवाइस पर बिताया जाने वाला समय 22 मिनट से बढ़कर 96 मिनट प्रतिदिन हो गया। यह 336 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
दुनिया भर में चिंता का विषय बन रही घटती जन्मदर
- रिसर्चर्स ने स्पष्ट किया कि iPhone या स्मार्टफोन अकेले जन्मदर में गिरावट के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। लेकिन यह एक महत्वपूर्ण कारण हो सकता है।
- आज दुनिया के कई विकसित और विकासशील देशों में जन्मदर लगातार घट रही है। अमेरिका की प्रजनन दर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच चुकी है। कनाडा में 2024 में प्रति महिला प्रजनन दर 1.25 दर्ज की गई, जो जापान, सिंगापुर और स्पेन जैसे देशों के समान है।
- चीन को 2016 में अपनी एक-संतान नीति समाप्त करनी पड़ी थी। वहीं जापान और दक्षिण कोरिया ने जन्मदर बढ़ाने के लिए अरबों डॉलर खर्च किए हैं, लेकिन खास सफलता नहीं मिली।
- भारत और ब्राजील जैसे मध्यम आय वाले देशों में भी जन्मदर तेजी से घट रही है, जबकि उप-सहारा अफ्रीका के कुछ गरीब देशों में अभी भी जन्मदर अपेक्षाकृत ऊंची बनी हुई है।