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टॉयलेट में करते हैं स्मार्टफोन का इस्तेमाल तो आज ही बंद कर दें, हो सकती है यह गंभीर बीमारी

Mon, 10 Feb 2020 08:02 PM IST
प्रदीप पांडे टेक डेस्क, अमर उजाला
टेक डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रदीप पांडे Updated Mon, 10 Feb 2020 08:02 PM IST
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smartphone uses in Toilet - फोटो : news9.co.ke

यदि आपको भी 24 घंटे स्मार्टफोन पर इस्तेमाल करने की आदत है और साथ ही आप टॉयलेच में भी मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं तो सावधान हो जाएं। हम आपको इसलिए आगाह कर रहे हैं, क्योंकि स्मार्टफोन की वजह से लखनऊ के रहने वाले एक शख्स रवि मिश्रा को कैंसर हो गया है। दरअसल 27 साल के रवि स्मार्टफोन पर इंटरनेट चलाने और गेम खेलने में इतने व्यस्त रहे कि उन्होंने पांच साल से भी पुराने कब्जियत पर ध्यान नहीं दिया और इस कब्जियत के कारण उन्हें मलाशय का कैंसर हो गया।

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constipation

रवि ने अपने एक बयान में कहा, 'मैंने तब तक पेट की जलन और शौच में आ रही परेशानी को अनदेखा किया जब तक कि मल के साथ खून नहीं आने लगा। एंडोस्कोपी और बायोप्सी के बाद, डॉक्टर ने मुझे बताया कि मुझे गुदा का कैंसर है।' बता दें कि रवि मिश्रा पेशे से एक कंप्यूटर इंजीनियर हैं।

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kgmu - फोटो : kgmu

वहीं इस मामले पर किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज लखनऊ के ऑन्कोलॉजी विभाग के डॉक्टर्स का कहना है कि इस बीमारी से जूझने वाला रवि अकेला नहीं है। पिछले कुछ सालों से 30 से कम उम्र के लोगों में मलाशय या गुदा का कैंसर के मामले सामने आ रहे है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media

ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और एनोरेक्टल सर्जरी के विशेषज्ञ डॉक्टर अरशद अहमद ने कहा, 'शौचालय में मोबाइल फोन का इस्तेमाल शौच से ध्यान हटाता है जिससे कारण पेट साफ नहीं होता और लोग कब्ज से परेशान रहते हैं। यह कब्ज लंबे समय तक रहने के बाद जीर्ण हो जाता है और मलद्वार से रक्तस्राव का कारण बनता है। यदि यही कब्ज 4-5 वर्षों तक रह जाए तो मलाशय का कैंसर भी हो सकता है।'

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उन्होंने बताया कि पांच साल पहले तक एक महीने में करीब 40-45 मरीज आते थे जिन्हें मलाशय में कैंसर की शिकायत थी। इनमें 30 से कम उम्र के मरीजों की संख्या 3-4 रहती थी लेकिन अब 40-45 मरीजों में से 30 से कम उम्र के मलाशय के रोगियों की संख्या 25 पहुंच गई है। 

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