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Cooler Tips: कूलर की टंकी में मटका रखने से मिलेगी AC जैसी ठंडक? जानें सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की सच्चाई
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jagriti
Updated Sat, 23 May 2026 07:11 AM IST
सार
Viral Cooler Matka Hack: गर्मी के बढ़ते तापमान में जहां एसी हर किसी के बजट में फिट नहीं बैठता, वहीं कूलर लोगों का सबसे बड़ा सहारा बनता है। ऐसे में इन दिनों सोशल मीडिया पर कूलर की टंकी में मटका रखने का जुगाड़ तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि इससे कूलर एसी जैसी ठंडी हवा देने लगता है। लेकिन क्या सच में ऐसा होता है? आइए जानते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई जनरेटेड
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Cooler water tank clay pot trick: जैसे-जैसे गर्मी का पारा बढ़ रहा है, वैसे-वैसे लोग घरों को ठंडा रखने के लिए नए-नए देसी और सस्ते तरीके अपना रहे हैं। आजकल इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। इस वायरल जुगाड़ (Viral Matka Hack for Cooler) में लोग अपने कूलर की पानी वाली टंकी के अंदर मिट्टी का एक छोटा सा मटका या बर्तन रखते हुए नजर आ रहे हैं।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई जनरेटेड
आखिर क्यों किया जा रहा है कूलर में मटके का इस्तेमाल?
गर्मियों में ज्यादातर लोग मटके का ठंडा पानी पीना पसंद करते हैं। पहले यह सिर्फ गांवों में ज्यादा इस्तेमाल होता था, लेकिन अब शहरों में भी लोग फ्रिज की बजाय मटके का पानी पसंद करने लगे हैं। इसकी वजह है इसका नेचुरल तरीके से पानी ठंडा करना।
असल में मटके की मिट्टी में बहुत छोटे-छोटे और अदृश्य छेद होते हैं। इन छेदों से थोड़ा-थोड़ा पानी बाहर की सतह तक पहुंचता है और हवा के संपर्क में आकर धीरे-धीरे भाप बनकर उड़ जाता है। इस प्रक्रिया को वाष्पीकरण (Evaporation) कहा जाता है। इसी वजह से मटके के अंदर का पानी अपने आप ठंडा बना रहता है।
इसी साइंस को देखकर लोगों ने तरकीब लगाई कि क्यों न कूलर की टंकी में भी छोटा मटका रख दिया जाए तो? क्या इससे वहां भी पानी ज्यादा ठंडा रहेगा। फिर जब वही पानी कूलर के पैड्स पर जाएगा, तो हवा भी पहले से ज्यादा ठंडी महसूस हो सकती। यही वजह है कि आजकल यह जुगाड़ सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
गर्मियों में ज्यादातर लोग मटके का ठंडा पानी पीना पसंद करते हैं। पहले यह सिर्फ गांवों में ज्यादा इस्तेमाल होता था, लेकिन अब शहरों में भी लोग फ्रिज की बजाय मटके का पानी पसंद करने लगे हैं। इसकी वजह है इसका नेचुरल तरीके से पानी ठंडा करना।
असल में मटके की मिट्टी में बहुत छोटे-छोटे और अदृश्य छेद होते हैं। इन छेदों से थोड़ा-थोड़ा पानी बाहर की सतह तक पहुंचता है और हवा के संपर्क में आकर धीरे-धीरे भाप बनकर उड़ जाता है। इस प्रक्रिया को वाष्पीकरण (Evaporation) कहा जाता है। इसी वजह से मटके के अंदर का पानी अपने आप ठंडा बना रहता है।
इसी साइंस को देखकर लोगों ने तरकीब लगाई कि क्यों न कूलर की टंकी में भी छोटा मटका रख दिया जाए तो? क्या इससे वहां भी पानी ज्यादा ठंडा रहेगा। फिर जब वही पानी कूलर के पैड्स पर जाएगा, तो हवा भी पहले से ज्यादा ठंडी महसूस हो सकती। यही वजह है कि आजकल यह जुगाड़ सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई जनरेटेड
क्या सच में बढ़ जाती है कूलिंग?
सोशल मीडिया का क्रेज तो अधिकतर लोगों के दिमाग में चढ़ा है। ऐसे में अगर आप भी इस जुगाड़ को आजमाने की सोच रहे हैं, तो पहले एक्सपर्ट्स और वैज्ञानिकों की राय जान लीजिए। एक्सपर्ट्स इससे कूलिंग में कोई फर्क नहीं पड़ता है। न ही यह कोई मैजिक ट्रिक है। कूलर के अंदर अगर मटके को रख भी दिया जाए, तो भी वाष्पीकरण नहीं हो पाएगा।
क्योंकि मटका पूरी तरीके से पानी में डूबा होगा और मटके को ठंडा करने के लिए वाष्पीकरण की प्रक्रिया अहम होती है। तो इससे साबित होता है कि सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा ये हैक पूरी तरीके से एक झूठ है। मटके के जरिए कूलर की कार्यक्षमता को बदलकर उसे एसी जैसा बना देना मुमकिन नहीं है।
कूलर खराब होने का खतरा
इतना ही नहीं, अगर आप सोशल मीडिया के बहकावे में आकर अपनी टंकी में कोई बड़ा या भारी मटका रख देते हैं, तो फायदे की जगह आपको उल्टा नुकसान हो सकता है। इससे टंकी के अंदर पानी के प्राकृतिक फ्लो (बहाव) में बाधा आ सकती है। इससे पानी खींचने वाले वाटर पंप पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है, जिससे पंप समय से पहले फुंक या खराब हो सकता है और कूलर की काम करने की क्षमता भी कम हो सकती है।
सोशल मीडिया का क्रेज तो अधिकतर लोगों के दिमाग में चढ़ा है। ऐसे में अगर आप भी इस जुगाड़ को आजमाने की सोच रहे हैं, तो पहले एक्सपर्ट्स और वैज्ञानिकों की राय जान लीजिए। एक्सपर्ट्स इससे कूलिंग में कोई फर्क नहीं पड़ता है। न ही यह कोई मैजिक ट्रिक है। कूलर के अंदर अगर मटके को रख भी दिया जाए, तो भी वाष्पीकरण नहीं हो पाएगा।
क्योंकि मटका पूरी तरीके से पानी में डूबा होगा और मटके को ठंडा करने के लिए वाष्पीकरण की प्रक्रिया अहम होती है। तो इससे साबित होता है कि सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा ये हैक पूरी तरीके से एक झूठ है। मटके के जरिए कूलर की कार्यक्षमता को बदलकर उसे एसी जैसा बना देना मुमकिन नहीं है।
कूलर खराब होने का खतरा
इतना ही नहीं, अगर आप सोशल मीडिया के बहकावे में आकर अपनी टंकी में कोई बड़ा या भारी मटका रख देते हैं, तो फायदे की जगह आपको उल्टा नुकसान हो सकता है। इससे टंकी के अंदर पानी के प्राकृतिक फ्लो (बहाव) में बाधा आ सकती है। इससे पानी खींचने वाले वाटर पंप पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है, जिससे पंप समय से पहले फुंक या खराब हो सकता है और कूलर की काम करने की क्षमता भी कम हो सकती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई जनरेटेड
बीमारी और गंदगी का डर
इसके अलावा मिट्टी का मटका अगर लंबे समय तक कूलर के गंदे पानी में डूबा रहा और उसकी ठीक से नियमित सफाई नहीं की गई, तो मटके की मिट्टी के छिद्रों में धूल, काई और खतरनाक बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं, जो हवा के जरिए आपके कमरे में फैलकर आपको बीमार कर सकते हैं।
इसके अलावा मिट्टी का मटका अगर लंबे समय तक कूलर के गंदे पानी में डूबा रहा और उसकी ठीक से नियमित सफाई नहीं की गई, तो मटके की मिट्टी के छिद्रों में धूल, काई और खतरनाक बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं, जो हवा के जरिए आपके कमरे में फैलकर आपको बीमार कर सकते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई जनरेटेड
How to make cooler air colder: मटके के चक्कर में न पड़ें, इन ट्रिक्स से बढ़ाएं कूलर की कूलिंग
अगर आप वाकई में अपने कूलर की कूलिंग बढ़ाना चाहते हैं तो इन तरीकों को अपना कर काफी हद तक आराम पा सकते हैं...
1. कमरे का सही वेंटिलेशन
कूलर कभी भी पूरी तरह बंद कमरे में काम नहीं करता। कूलर की बेहतर परफॉर्मेंस के लिए कमरे में हवा बाहर निकलने का रास्ता होना बेहद जरूरी है। इसलिए जिस कमरे में कूलर चल रहा हो, उसकी खिड़की या दरवाजा थोड़ा खुला जरूर रखें, ताकि बाहर की ताजी हवा अंदर आए और अंदर की उमस बाहर जा सके।
2. कूलर के पैड्स की नियमित सफाई और बदलाव
कूलर के किनारे लगे हनीकॉम्ब या घास के पैड्स अगर गंदे या पुराने हो जाएं, तो उन पर नमक और धूल जम जाती है, जिससे हवा का फ्लो रुक जाता है। इन्हें समय-समय पर साफ करें और जरूरत पड़ने पर नए पैड्स बदलवाएं।
3. साफ और पर्याप्त पानी
टंकी में हमेशा साफ और पर्याप्त मात्रा में पानी भरकर रखें। पानी गंदा होने पर कूलर से बदबू आने लगती है और कूलिंग पैड्स भी जल्दी चोक हो जाते हैं।
4. बर्फ का इस्तेमाल
कभी-कभी पारा अधिक चढ़ने पर उस दिन असहनीय गर्मी हो जाती है। ऐसे में आप मटका रखने के बजाय आप कूलर के पानी में कुछ बर्फ के टुकड़े (Ice Cubes) डाल सकते हैं। इससे कुछ देर के लिए पानी काफी ठंडा हो जाता है और हवा में तुरंत ज्यादा ठंडक महसूस होने लगती है।
5. टंकी और पंखे की रेगुलर क्लीनिंग
हफ्ते में कम से कम एक बार कूलर की पानी की टंकी को पूरी तरह खाली करके साफ करें। साथ ही पंखे की ब्लेड्स पर जमी धूल को भी पोंछते रहें, वरना वहां बैक्टीरिया और धूल जमा होकर हवा की स्पीड को कम कर देते हैं।
अगर आप वाकई में अपने कूलर की कूलिंग बढ़ाना चाहते हैं तो इन तरीकों को अपना कर काफी हद तक आराम पा सकते हैं...
1. कमरे का सही वेंटिलेशन
कूलर कभी भी पूरी तरह बंद कमरे में काम नहीं करता। कूलर की बेहतर परफॉर्मेंस के लिए कमरे में हवा बाहर निकलने का रास्ता होना बेहद जरूरी है। इसलिए जिस कमरे में कूलर चल रहा हो, उसकी खिड़की या दरवाजा थोड़ा खुला जरूर रखें, ताकि बाहर की ताजी हवा अंदर आए और अंदर की उमस बाहर जा सके।
2. कूलर के पैड्स की नियमित सफाई और बदलाव
कूलर के किनारे लगे हनीकॉम्ब या घास के पैड्स अगर गंदे या पुराने हो जाएं, तो उन पर नमक और धूल जम जाती है, जिससे हवा का फ्लो रुक जाता है। इन्हें समय-समय पर साफ करें और जरूरत पड़ने पर नए पैड्स बदलवाएं।
3. साफ और पर्याप्त पानी
टंकी में हमेशा साफ और पर्याप्त मात्रा में पानी भरकर रखें। पानी गंदा होने पर कूलर से बदबू आने लगती है और कूलिंग पैड्स भी जल्दी चोक हो जाते हैं।
4. बर्फ का इस्तेमाल
कभी-कभी पारा अधिक चढ़ने पर उस दिन असहनीय गर्मी हो जाती है। ऐसे में आप मटका रखने के बजाय आप कूलर के पानी में कुछ बर्फ के टुकड़े (Ice Cubes) डाल सकते हैं। इससे कुछ देर के लिए पानी काफी ठंडा हो जाता है और हवा में तुरंत ज्यादा ठंडक महसूस होने लगती है।
5. टंकी और पंखे की रेगुलर क्लीनिंग
हफ्ते में कम से कम एक बार कूलर की पानी की टंकी को पूरी तरह खाली करके साफ करें। साथ ही पंखे की ब्लेड्स पर जमी धूल को भी पोंछते रहें, वरना वहां बैक्टीरिया और धूल जमा होकर हवा की स्पीड को कम कर देते हैं।