Tenant Rights India: पढ़ाई या नौकरी के सिलसिले में दूसरे शहरों में रहने वाले लाखों लोग किराए के मकानों का सहारा लेते हैं। मकान मालिक और किराएदार का रिश्ता आपसी तालमेल पर चलता है, लेकिन कई बार मकान मालिक अपनी मर्जी से जब चाहे किराएदार के कमरे में घुस जाते हैं या बिना वजह परेशान करते हैं। बहुत से लोग इसे मकान मालिक का हक समझकर चुप रह जाते हैं, क्योंकि उन्हें अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी नहीं होती।
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क्या मकान मालिक बिना बताए आपके कमरे में नहीं घुस सकता? जानें किराएदार के ये 4 अधिकार
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shikhar Baranawal
Updated Sat, 13 Jun 2026 05:31 PM IST
सार
अक्सर मकान मालिक किराएदारों को किसी न किसी आधार पर परेशान करते रहते हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि बहुत से किराएदारों को उनके अधिकारों के बारे में पता ही नहीं होता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं।
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हर किराएदार को मालूम होने चाहिए ये अधिकार
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निजता का अधिकार
- फोटो : Amar Ujala
निजता का अधिकार
- कानूनन किराए पर घर देने के बाद वह स्पेस किराएदार का हो जाता है। मकान मालिक आपकी अनुपस्थिति या बिना अनुमति के कमरे में नहीं घुस सकता।
- अगर मकान मालिक को घर का निरीक्षण करना है या कोई मरम्मत करानी है, तो उसे कम से कम 24 घंटे पहले किराएदार को सूचित करना होगा।
- बिना बताए बार-बार कमरे में आना किराएदार की प्राइवेसी का उल्लंघन है, जिसके खिलाफ रेंट ट्रिब्यूनल या पुलिस में शिकायत की जा सकती है।
बिना नोटिस घर से न निकालने का अधिकार
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बिना नोटिस घर से न निकालने का अधिकार
- मकान मालिक किसी भी किराएदार को रातों-रात घर खाली करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता, न ही उसका सामान बाहर फेंक सकता है।
- अगर किराएदार समय पर किराया दे रहा है, तो मकान मालिक बिना किसी ठोस और वैध कारण के उसे एग्रीमेंट की अवधि के बीच से नहीं हटा सकता।
- घर खाली कराने के लिए मकान मालिक को रेंट एग्रीमेंट की शर्तों के मुताबिक 1 से 2 महीने का समय और लिखित कानूनी नोटिस देना अनिवार्य है।
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बुनियादी सुविधाओं और बिजली-पानी का अधिकार
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बुनियादी सुविधाओं और बिजली-पानी का अधिकार
- किसी भी विवाद या किराया बकाया होने की स्थिति में भी मकान मालिक किराएदार के घर की बिजली, पानी या गैस की सप्लाई नहीं काट सकता।
- अगर मकान मालिक जबरन बुनियादी सुविधाएं रोकता है, तो रेंट अथॉरिटी उस पर भारी जुर्माना लगा सकती है और सुविधाएं तुरंत बहाल करने का आदेश देती है।
- घर की बड़ी मरम्मत जैसे दीवार की सीलन, वायरिंग या प्लंबिंग का खर्च मकान मालिक को ही उठाना होता है, किराएदार इसके लिए बाध्य नहीं है।
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house rent agreement
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रेंट एग्रीमेंट और सिक्योरिटी मनी का नियम
- मकान मालिक रेंट एग्रीमेंट में तय की गई दरों से अलग अपनी मर्जी से अचानक किराया नहीं बढ़ा सकता, इसके लिए नया एग्रीमेंट जरूरी है।
- घर छोड़ते समय मकान मालिक को ली गई एडवांस या सिक्योरिटी मनी पूरी वापस करनी होगी। वह सिर्फ वाजिब नुकसान की रकम ही काट सकता है।
- सबसे बड़ी बात कि मौखिक बातों के बजाय हमेशा 11 महीने का रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट ही बनवाएं, क्योंकि कानूनी विवाद में यही दस्तावेज आपका सबसे बड़ा सुरक्षा कवच बनता है।