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करवाचौथ स्पेशलः ऐसे करें पूजन, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 08 Oct 2017 02:42 PM IST
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करवाचौथ का त्योहार रविवार को परंपरा, अध्यात्म, प्यार व समर्पण को आपस में पिरोकर संजोता नजर आएगा। त्योहार को लेकर बाजारों में तैयारियां जोरों पर हैं। बाजार दिन भर गुलजार हैं।
करवाचौथ की पूजन की सामग्री खरीदती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
करवा चौथ का यह है मुहूर्त
हरदोईः शास्त्री उमाकांत अवस्थी ने बताया कि करवाचौथ के दिन रविवार को पूजा का शुभ मुहूर्त पांच बजकर 55 मिनट से शुरू होगा। चंद्रोदय का समय आठ बजकर 14 मिनट से है। चतुर्थ तिथि आठ अक्तूबर को चार बजकर 58 मिनट से शुरू होकर नौ अक्तूबर को चार बजकर 16 मिनट पर समाप्त होगी।
हरदोईः शास्त्री उमाकांत अवस्थी ने बताया कि करवाचौथ के दिन रविवार को पूजा का शुभ मुहूर्त पांच बजकर 55 मिनट से शुरू होगा। चंद्रोदय का समय आठ बजकर 14 मिनट से है। चतुर्थ तिथि आठ अक्तूबर को चार बजकर 58 मिनट से शुरू होकर नौ अक्तूबर को चार बजकर 16 मिनट पर समाप्त होगी।
पूजन के लिए करवा देखती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे करें सुहागिनें पूजन, यह है पूजन विधि
पूजा घर में दीवार आदि को साफ कर उस पर गेरू से फलक बनाकर चावल, हल्दी के घोल से करवा आदि बनाएं। करवा के चित्र में गेरू की स्याही से गणेश जी, पार्वती जी, शंकर एंव कार्तिकेय जी का चित्र बनाकर एक वटवृक्ष तथा मानव आकृति बनाकर उसकेहाथ में चलनी भी बनाएं।
पूजा घर में दीवार आदि को साफ कर उस पर गेरू से फलक बनाकर चावल, हल्दी के घोल से करवा आदि बनाएं। करवा के चित्र में गेरू की स्याही से गणेश जी, पार्वती जी, शंकर एंव कार्तिकेय जी का चित्र बनाकर एक वटवृक्ष तथा मानव आकृति बनाकर उसकेहाथ में चलनी भी बनाएं।
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हरदोईः बुजुर्ग महिलाओं ने बताया कि पास में ही उदित होते हुए चांद का एक चित्र बनाए जाने की भी परंपरा है। तत्पश्चात पीली मिट्टी से गौरी प्रतिमा बनाकर उनकी गोद में गणेश जी बनाकर बिठाए जाते हैं। शाम को चंद्र उदय होने के बाद दोनों करवे चावल से भरे पात्र से ढककर उस पर सुपारी, नैवेद्य के रूप में चावल शक्कर से बने लड्डू, पूड़ी की आठ अठावरी तथा कोई ऋतुफल अर्पित किए जाएं। दाएं करवे को बाएं और बाएं करवे को दाई और स्थापित कर मंत्रों का प्रयोग करने केबाद पूजन करें।