बेटियां अगर जिद पर हो तो फिर आसमान भी छोटा दिखाई देता है। दंगल हो या निशानेबाजी, पढ़ाई के साथ-साथ जिले की बेटियों ने विभिन्न खेलों में खुद को साबित किया है। परिजन अब खेलों में भी बेटियों का भविष्य देख रहे हैं। बच्चा पार्क समीप राजकीय इंटर कॉलेज में 40 बेटियां क्रिकेट का हुनर सीख रहीं हैं। जिसमें से कई बेटियां नेशनल स्तर पर खेल चुकी हैं।
मिताली राज बनने की राह पर मेरठ की बेटियां, क्रिकेट के पटल पर मचाएंगी धूम, तस्वीरें
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दो साल से राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान पर पुरानी मोहनपुरी निवासी क्रिकेट कोच नरेंद्र कुमार एकेडमी चला रहे हैं। संसाधनों के अभाव के बावजूद एकेडमी में बेटियों की संख्या में कोई कमी नहीं आई। कोच नरेंद्र कुमार ने बताया कि मैदान पर सुविधाएं तो कम हैं। लेकिन बेटियों का क्रिकेट के प्रति जुनून सुविधाओं को दरकिनार कर देता है।
वह बेटियों को क्रिकेट का हुनर सिखा रहे हैं। बेटियों को भी जीवन में रोजगार और खुद को नए आयामों पर पहुंचने की इच्छा होती है। बेटियों के लिए महिला आईपीएल शुरू हो तो भारतीय टीम में नहीं जाने वाली खिलाड़ियों के पास अपनी काबलियत दिखाने का मौका होगा। खास बात है जीआईसी मैदान पर कंकरखेड़ा, रोहटा रोड सहित अधिकतर बेटियां साइकिल से मैदान में आती हैं। मैदान से दस खिलाड़ी गोवा सहित कई प्रदेशों में राष्ट्रीय खेलों में प्रतिभाग कर चुकी हैं।
भारतीय टीम में स्थान बनाना है सपना
रोहटा रोड निवासी दाएं हाथ की बल्लेबाज 16 वर्षीय अंजलि सैनी प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट खेल चुकी हैं। वो भारतीय महिला टीम की पूर्व कप्तान मिताली राज को पसंद करती हैं। उनका सपना है वो भी भारतीय टीम में जाकर परिवार और मेरठ का नाम रोशन करें। आईपीएल की तरह महिला आईपीएल शुरू होना चाहिए।
बुमराह को मानती हैं आदर्श
रेलवे रोड निवासी 15 वर्षीय भूमिकांत दाएं हाथ की शानदार गेंदबाज है। बुमराह और भुवनेश्वर को अपना आदर्श मानती हैं। भूमिकांत भी नेशनल स्तर पर क्रिकेट में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं। दोबारा भी उसका चयन राष्ट्रीय स्तर पर हो चुका है। कहा कि महिला आईपीएल शुरू होने से खिलाड़ियों को रोजगार के साथ एक नई पहचान मिलेगी।
महिला आईपीएल भी होना चाहिए
मोहकमपुर निवासी 18 वर्षीय अंजलि दाएं हाथ की बल्लेबाज है। वो बीकॉम कर रही हैं। विराट कोहली की जबरदस्त फैन है। वो दो बार राष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट खेल चुकी है। उनका मानना है कि महिला खिलाड़ियों के लिए भी आईपीएल होना चाहिए। जिससे देश से प्रतिभा निकलेगी।
बेटियों को भी मिलेगा मौका
कंकरखेड़ा निवासी 26 वर्षीय आंचल चौधरी एक निजी स्कूल में खेल प्रशिक्षक भी हैं। दाएं हाथ की बल्लेबाज हैं, स्कूल के बाद वो जीआईसी के मैदान पर क्रिकेट अभ्यास करती हैं। वो गोवा सहित दो बार राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि महिला आईपीएल शुरू हो तो बेटियों को भी आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
आईपीएल से मिलेगी नई राह
रेलवे रोड़ निवासी 19 वर्षीय शिवानी आलराउंडर है। वो लगातार बल्लेबाजी और गेंदबाजी में अच्छा प्रदर्शन कर रही है। वो भारतीय महिला टीम की हरमनप्रीत कौर व हार्दिक पांड्या को अपना आदर्श मानती है। उन्होंने कहा कि पुरूष आईपीएल ने युवाओं को अच्छा ट्रैक दिया है। ऐसे में महिला आईपीएल हो तो नई राह मिलेगी।