फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Boris Johnson Resigns: एक के बाद एक स्कैंडल, फिर साथियों का छूटा साथ, क्यों पीएम पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर हुए जॉनसन?

Thu, 07 Jul 2022 11:19 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Thu, 07 Jul 2022 11:19 PM IST
सार

ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर वह क्या वजहें थीं, जिनकी वजह से बोरिस जॉनसन को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा? जॉनसन के वे कौन से साथी हैं, जिन्होंने उन्हें पद छोड़ने की सलाह दी? और क्यों जॉनसन के एक करीबी साथी से जुड़े मामले ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दीं?

विज्ञापन
As Boris Johnson agrees to resign know about the scandals which led his downfall Conservative Party MPs against him explained news in hindi
बोरिस जॉनसन के इस्तीफे की तीन वजहें। - फोटो : अमर उजाला।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने सियासी उथल-पुथल के बीच पद से इस्तीफा दे दिया है। बताया गया है कि उन्होंने यह फैसला कंजर्वेटिव पार्टी में लगातार बढ़ रहे विरोध और साथी मंत्रियों के इस्तीफे के बाद लिया। बीते दो दिनों में ही उनके मंत्रिमंडल से 40 मंत्रियों का इस्तीफा हो चुका था। साथ ही जॉनसन के करीबी नेताओं ने भी उन्हें पद छोड़ने का संदेश पहुंचा दिया था। इसके बाद गुरुवार को उन्होंने पीएम पद छोड़ने पर सहमति जता दी। 
loader


ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर वह क्या वजहें थीं, जिनकी वजह से बोरिस जॉनसन को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा? जॉनसन के वे कौन से साथी हैं, जिन्होंने उन्हें पद छोड़ने की सलाह दी? और क्यों जॉनसन के एक करीबी साथी से जुड़े मामले ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दीं?

जॉनसन पर क्या-क्या लगे आरोप?

As Boris Johnson agrees to resign know about the scandals which led his downfall Conservative Party MPs against him explained news in hindi
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन - फोटो : twitter.com/BorisJohnson
पहले जानें- वह विवाद जिनमें घिर गए बोरिस जॉनसन?
ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन पिछले करीब तीन साल से सत्ता में हैं। दिसंबर 2019 में जबरदस्त जीत के बाद उन्होंने इस पद के लिए दावा मजबूत किया था। हालांकि, उनका यह पूरा कार्यकाल उनकी खुद की पार्टी के लिए ही स्कैंडल और आलोचनाओं से भरा रहा। हालांकि, प्रमुख तौर पर दो ऐसे स्कैंडल रहे, जिसने उनकी प्रधानमंत्री के तौर पर पारी को खत्म कर दिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन
As Boris Johnson agrees to resign know about the scandals which led his downfall Conservative Party MPs against him explained news in hindi
पार्टीगेट स्कैंडल। - फोटो : Social Media
1. पार्टीगेट स्कैंडल
ब्रिटेन में कोरोनावायरस महामारी का दौर सबसे कठिन समय में से एक रहा। इस दौरान सरकार ने लॉकडाउन समेत कई कड़े प्रतिबंध लगाए। इसके चलते जनता को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हालांकि, इसी मुश्किल वक्त के दौरान एक रिपोर्ट सामने आई, जिसमें दावा किया गया कि जब आम जनता कोरोना और प्रतिबंधों से जूझ रही थी, उस दौरान जॉनसन सरकार के कुछ मंत्री और अधिकारी शराब पार्टियां कर रहे थे। वह भी किसी आम क्लब या चोरी-छिपे नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के डाउनिंग स्ट्रीट स्थित आवास पर। 

जॉनसन ने लगातार इन आरोपों को नकारा और कहा कि उनके या उनकी पार्टी के नेताओं की तरफ से लॉकडाउन के किसी नियम को नहीं तोड़ा गया। हालांकि, इसी साल 25 मई को सिविल सर्वेंट स्यू ग्रे की जांच कमेटी ने जो रिपोर्ट दायर की, उससे साफ हो गया कि कोरोना के सबसे कठिन वक्त के दौरान ब्रिटिश सरकार के मंत्री नियमों को ताक पर रख पार्टियां कर रहे थे। इस रिपोर्ट में मई 2020 से लेकर अप्रैल 2021 के बीच की 16 पार्टियों के फोटोग्राफ और जानकारियां दी गई थीं। साथ ही यह भी कहा गया था कि पीएम बोरिस जॉनसन खुद इनमें से कम से कम छह अवैध पार्टियों में शामिल थे। 
As Boris Johnson agrees to resign know about the scandals which led his downfall Conservative Party MPs against him explained news in hindi
पार्टीगेट पर जॉनसन का जबरदस्त विरोध हुआ। - फोटो : Social Media
यह उस दौरान कोविड गाइडलाइंस का पूरी तरह से उल्लंघन था। क्योंकि तब लोगों के साथ घूमने तो दूर उनके मिलने पर भी रोक थी। यहां तक कि किसी के निधन में भी लोगों के जुटने की संख्या पर कई पाबंदियां थीं। लोग पीड़ितों से मिलने अस्पताल तक नहीं जा सकते थे।

इस रिपोर्ट के सामने आने के अगले ही दिन जॉनसन ने सार्वजनिक तौर पर माफी मांग ली और संसद को बताया कि वह इन गलतियों के लिए खुद जिम्मेदार हैं। इस मामले में 29 जून को संसद ने आदेश दिया कि वह एक जांच समिति से यह पता लगवाएगी कि क्या जॉनसन ने पहले इन आरोपों पर झूठ बोला था?
विज्ञापन
As Boris Johnson agrees to resign know about the scandals which led his downfall Conservative Party MPs against him explained news in hindi
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन - फोटो : एएनआई
2. पार्टी में घटता समर्थन
जॉनसन पर एक आरोप यह भी लगा कि कंजर्वेटिव पार्टी के सांसदों के बीच ही उनकी लोकप्रियता काफी कम हो रही थी। पार्टीगेट स्कैंडल के बाद ही जब कंजर्वेटिव पार्टी में जॉनसन को प्रधानमंत्री पद से हटाने की बात चली तो उन्हें अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ा। ब्रिटेन के नियमों के तहत वहां पार्टी भी प्रधानमंत्री को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव ला सकती है। जब इस प्रस्ताव पर पार्टी सांसदों ने वोट किए तो सामने आया कि 359 सांसदों में से 211 जॉनसन के प्रधानमंत्री बने रहने के समर्थन में थे। वहीं 148 सांसद (यानी करीब 41 फीसदी) उनके पीएम पद पर रहने के खिलाफ थे। 

इस तरह अविश्वास प्रस्ताव के नाकाम हो जाने से जॉनसन का पद तो बच गया, लेकिन यह भी तय हो गया कि पार्टी के 10 में से चार सांसद उनके खिलाफ हैं। कंजर्वेटिव के नियमों के तहत जॉनसन के खिलाफ अगला अविश्वास प्रस्ताव 12 महीने तक नहीं लाया जा सकता था, लेकिन पार्टी में एक और स्कैंडल ने उनकी छवि पर बुरी तरह चोट की। यह स्कैंडल जॉनसन के करीबी नेता क्रिस्टोफर पिंचर से जुड़ा था।
विज्ञापन
अगली फोटो गैलरी देखें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन

Followed