{"_id":"57064c784f1c1b3315c810d1","slug":"amnesty-capital-punishment-report","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"मौत की सजा देने में सबसे आगे चीन: एमनेस्टी इंटरनेशनल","category":{"title":"China","title_hn":"चीन","slug":"china"}}
मौत की सजा देने में सबसे आगे चीन: एमनेस्टी इंटरनेशनल
बीबीसी/चीन
Updated Thu, 07 Apr 2016 05:33 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
मौत की सजा देने में सबसे आगे चीन
- फोटो : Reuters
Link Copied
मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक 2014 की तुलना में 2015 में दुनिया में मृत्युदंड देने में 50 फीसदी का इजाफा हुआ है। एमनेस्टी के मुताबिक दुनिया भर में 1989 के बाद 2015 में सबसे अधिक मौत की सजा दी गई। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने 2015 की समीक्षा रिपोर्ट में बताया है कि 2015 में 1634 लोगों को मौत की सजा दी गई। इनमें से 89 फीसद मामले ईरान, पाकिस्तान और सऊदी अरब के थे।
Trending Videos
मौत की सजा देने में सबसे आगे चीन
2 of 5
मौत की सजा देने में सबसे आगे चीन
- फोटो : BBC
एमनेस्टी के मुताबिक मौत की सजा देने में चीन दुनियाभर में पहले नंबर पर है, लेकिन चीन में भी मौत की सजा देने में पहले की तुलना में गिरावट आई है। ठोस आंकड़े न होने के कारण इसके बारे में स्पष्ट कुछ नहीं कहा जा सकता है। एमनेस्टी की रिपोर्ट में चीन के बारे में ठोस आंकड़े नहीं हैं। वहां इस संख्या को सार्वजनिक नहीं किया जाता है। एमनेस्टी के अनुमान के मुताबिक वहां हजारों लोगों को मौत की सजा दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मौत की सजा देने में सबसे आगे चीन
3 of 5
China
- फोटो : BBC
इस तस्वीर का एक दूसरा पहलू भी है। पहली बार दुनिया के अनेक देशों ने मौत की सज़ा को पूरी तरह खत्म कर दिया है। फीजी, मैडागासकर और सूरीनाम जैसे देशों ने 2015 में मौत की सज़ा से जुड़े अपने कानूनों में बदलाव किया है। मंगोलिया ने भी एक नया अपराध कानून पास किया है, जो इस साल के अंत से प्रभावी होगा। एमनेस्टी के मुताबिक पाकिस्तान में तो 'एक के बाद एक सरकार समर्थित हत्याएं' हो रही हैं क्योंकि दिसंबर 2014 के बाद पाकिस्तान में मौत की सजा देने पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया गया था।
मौत की सजा देने में सबसे आगे चीन
4 of 5
मौत की सजा देने में सबसे आगे चीन
- फोटो : BBC
पिछले साल वहां 326 लोगों को फांसी की सजा दी गई। ईरान में ज्यादातर मादक पदार्थों से जुड़े अपराध के लिए 2014 में 743 लोगों को मौत की सजा दी गई थी। साल 2015 में यह संख्या बढ़कर 977 हो गई। इनमें से कम से कम चार लोगों की आयु अपराध के समय 18 साल से कम थी। ऐसे लोगों को मौत की सजा देना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। सऊदी अरब में 2014 की तुलना में 2015 में मौत की सजा देने में 76 फीसद की वृद्धि दर्ज की गई।
विज्ञापन
मौत की सजा देने में सबसे आगे चीन
5 of 5
मौत की सजा देने में सबसे आगे चीन
- फोटो : BBC
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि चीन मौत की सज़ा देने के मामले में दुनिया में अव्वल नंबर पर है जबकि ईरान, सउदी अरब,पाकिस्तान और अमेरिका इसके बाद आते हैं। एमनेस्टी के महासचिव सलिल शेट्टी के मुताबिक़ 2015 में मौत की सज़ा की दर में बढ़ोतरी बेहद चिंताजनक है। सलिल शेट्टी के अनुसार, "दुखद है कि दुनियाभर की सरकारों ने कई लोगों को सिर्फ इस झूठे आधार पर जिंदगी से महरूम कर दिया कि मौत की सज़ा उन्हें सुरक्षा प्रदान करती है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।