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Punjab: गुरुद्वारों में योग कार्यक्रम पर जत्थेदार गड़गज्ज ने जताई आपत्ति, कहा-ये सिख परंपराओं के अनुरूप नहीं
Sun, 26 Jul 2026 04:08 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Sun, 26 Jul 2026 04:08 PM IST
सार
जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि गुरुद्वारों की अपनी धार्मिक गरिमा और मर्यादा है, जिसका हर हाल में पालन होना चाहिए।
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जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज
- फोटो : संवाद
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विस्तार
गुरुद्वारों में योग कार्यक्रम आयोजित किए जाने को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा केवल गुरु की वाणी, कीर्तन, अरदास और सिख धार्मिक परंपराओं के पालन का स्थान है। यहां ऐसे कार्यक्रम आयोजित करना, जो सिख मर्यादा का हिस्सा नहीं हैं, उचित नहीं है।
जत्थेदार ने कहा कि गुरुद्वारों की अपनी धार्मिक गरिमा और मर्यादा है, जिसका हर हाल में पालन होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि योग व्यक्तिगत अभ्यास का विषय हो सकता है, लेकिन गुरुद्वारा परिसर में इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करना सिख परंपरा और मर्यादा के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने गुरुद्वारा प्रबंधकों और संबंधित संस्थाओं से अपील की कि वे गुरुद्वारों की पवित्रता और सिख रीति-रिवाजों का सम्मान करें तथा भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों से बचें। जत्थेदार ने कहा कि धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और इस संबंध में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
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जत्थेदार ने कहा कि गुरुद्वारों की अपनी धार्मिक गरिमा और मर्यादा है, जिसका हर हाल में पालन होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि योग व्यक्तिगत अभ्यास का विषय हो सकता है, लेकिन गुरुद्वारा परिसर में इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करना सिख परंपरा और मर्यादा के अनुरूप नहीं है।
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उन्होंने गुरुद्वारा प्रबंधकों और संबंधित संस्थाओं से अपील की कि वे गुरुद्वारों की पवित्रता और सिख रीति-रिवाजों का सम्मान करें तथा भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों से बचें। जत्थेदार ने कहा कि धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और इस संबंध में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
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