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सीईईडब्ल्यू की रिपोर्ट: पंजाब में 78 प्रतिशत लोग दूध की बिक्री के लिए पाल रहे पशु, देश भर में सबसे अधिक

राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 21 Jan 2026 09:25 AM IST
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सार

रिपोर्ट की अनुसार दूध की बिक्री अधिक होने के कारण पंजाब उन राज्यों में शामिल हैं जहां लोग पांच से अधिक पशु रखते हैं। इसके अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और तमिलनाडु जैसे राज्यों में भी लोग अधिक पशु रखते हैं।

CEEW report 78 percent of people in Punjab raise animals for milk production
Milk - फोटो : istock
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विस्तार
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पंजाब में 78 प्रतिशत लोग दूध की बिक्री के लिए पशु पालन में लगे हुए हैं जो देश भर में सबसे अधिक है जबकि घरेलू खपत के लिए सिर्फ 15% लोग ही पशुओं को पाल रहे हैं। इससे साफ है कि अब घरेलू खपत के लिए पशु पालन का चलन खत्म होता जा रहा है और प्रदेश में यह सिर्फ अब व्यवसाय बनकर रह गया है।

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काउंसिल ऑन एनर्जी, इन्वार्यमेंट और वाटर (सीईईडब्ल्यू) की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार सूबे में सिर्फ 3% लोग गोबर से खाद बनाने और 4% खेतों की जुताई व परिवहन के लिए पशु रखते हैं। अगर बिहार और झारखंड जैसे राज्यों की बात करें तो वहां इससे बिल्कुल उलट स्थिति है। बिहार में 29% लोग दूध की बिक्री के लिए पशु पालन का काम कर रहे हैं जबकि 61% लोग घरेलू खपत के लिए पशु पालते हैं। इसी तरह 3% लोग खाद और 7% लोग अन्य गैर दूध उपयोग के लिए पशु पाल रहे हैं।
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झारखंड में 16% लोगों ने माना कि वे दूध की बिक्री के लिए पशु पालन कर रहे हैं जबकि 54% लोगों ने दूध के घरेलू उपयोग के लिए पशु पालन की बात कही है। इसी तरह 10% लोग गोबर से खाद बनाने और 7% खेतों की जुताई व परिवहन और 13% लोगों का कहना है कि वे अन्य गैर दूध उपयोग के लिए पशु पालते हैं।

पंजाब में अधिक पशु भी रख रहे लोग  

रिपोर्ट की अनुसार दूध की बिक्री अधिक होने के कारण पंजाब उन राज्यों में शामिल हैं जहां लोग पांच से अधिक पशु रखते हैं। इसके अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और तमिलनाडु जैसे राज्यों में भी लोग अधिक पशु रखते हैं। पंजाब में 27% लोगों ने माना है कि पशुओं को रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है जबकि 20% लोगों का मानना है कि पशु शेड के लिए निर्माण की उच्च लागत और धन भी पर्याप्त नहीं है। 18% लोगों को शेड का डिजाइन कैसा होना चाहिए इस बारे में जानकारी नहीं है। ओडिशा और झारखंड जैसे राज्यों में स्थिति अधिक खराब है। ओडिशा में 45% लोगों का कहना है कि पशुओं को रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है जबकि जारखंड में यह 35% लोगों ने पर्याप्त जगह न होने की बात कही है।

प्रदेश में पशु चिकित्सा सेवाओं का अभाव 

रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में सबसे अधिक 58% लोगों का मानना है कि उनके एरिया के आसपास पशु चिकित्सा सेवाओं का अभाव है। इसी तरह 38% लोगों ने पशु चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता सही न होने की बात कही है। इसके अलावा 27% लोगों का कहना है कि उपचार और दवाओं की लागत अधिक है। प्रदेश के 36% लोगों के अनुसार उनके यहां बार-बार गंभीर बीमारी की घटनाएं होती हैं। वहीं पंजाब में हरे चारे की उपलब्धता अधिक है जिस कारण लोगों को चारे की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है जबकि कई राज्य में इसकी समस्या है।

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