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चंडीगढ़ में केमिस्ट शाॅप में फायरिंग: गोली लगने से कैशियर की माैत, बाइक पर आए थे तीन बदमाश; देखें CCTV फुटेज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Sat, 13 Jun 2026 03:08 PM IST
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सार
मुख्य सड़क पर नाका लगा था, उसी के पास पार्किंग में एक्टिवा सवार ने दुकान के कैशियर पर फायरिंग की। गोली लगने से कैशियर समेत दो लोग घायल हुए हैं। कैशियर की माैत हो गई है।
कैशियर पर गोली चलाते आरोपी
- फोटो : संवाद
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विस्तार
चंडीगढ़ में शनिवार दोपहर करीब 2.30 बजे सेक्टर-11 डी के एससीओ-14 के श्री कुमार मेडिकल हॉल-1 में घुसकर दो नकाबपोश शूटरों ने कैशियर जानकी दास की ऑटोमैटिक हथियार से ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी। वारदात इतनी तेजी से अंजाम दी गई कि महज एक से डेढ़ सेकेंड के भीतर करीब 13 गोलियां दाग दी गईं। हैरानी की बात यह है कि जिस समय गोलीकांड हुआ, घटनास्थल से करीब 50 मीटर दूर पुलिस की नाकाबंदी चल रही थी।
गोल्डी बराड़ गैंग ने ली हत्या की जिम्मेदारी
हत्या के कुछ घंटों बाद गैंगस्टर गोल्डी बराड़ गैंग ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर इस वारदात की जिम्मेदारी ली गई। पोस्ट में चेतावनी दी गई है कि जिसे हमारे फोन की रिंग सुनाई नहीं देगी, उसका दिमाग गोली से खोल देंगे। साथ ही लॉरेंस बिश्नोई गैंग और उसके समर्थकों को भी खुली धमकी दी गई। पोस्ट में राणा ढिल्लों, गोल्डी ढिल्लों ग्रुप, 420 ग्रुप कनाडा, आकाश हरिके-47 और सुक्ख संधू का भी जिक्र किया गया है। पोस्ट सामने आने के बाद पुलिस की जांच को नया एंगल मिल गया है।
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सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि मूलरूप से हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू के रहने वाले जानकी दास अपने सहयोगी के साथ दवाइयों की बिलिंग और नकदी लेने के काम में व्यस्त था। तभी दो युवक चेहरे पर मास्क लगाकर दुकान में दाखिल हुए। एक शूटर ने ऑटोमैटिक हथियार निकाला, उसे लोड किया और सीधे जानकी दास के सीने पर गोलियां बरसा दीं। फायरिंग होते ही दुकान में अफरा-तफरी मच गई। जानकी दास लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। दूसरा शूटर पिस्टल लेकर उसके साथ खड़ा रहा। वारदात के बाद दोनों हमलावर बाहर भागे, जहां मुख्य सड़क पर बाइक पर उनका तीसरा साथी इंतजार कर रहा था। वारदात के बाद तीनों सेक्टर-11 क्राइम ब्रांच कार्यालय की ओर भाग निकले।
घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई। स्थानीय दुकानदारों का आरोप है कि गोलियों की आवाज सुनने के बावजूद पुलिस तत्काल मौके पर नहीं पहुंची। पीजीआई और जीएमएसएच-16 के मरीजों की भीड़ से भरे इस इलाके में दिनदहाड़े हुई हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि जानकी दास लंबे समय से धनास में रह रहे थे जबकि उसकी पत्नी हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू क्षेत्र में सरपंच है। पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि हत्या के पीछे कोई निजी रंजिश या पुराना विवाद तो नहीं था।
गलत पहचान का एंगल भी जांच में
सोशल मीडिया पोस्ट और पूछताछ के दौरान पुलिस के सामने एक नया तथ्य भी आया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि श्री कुमार मेडिकल हॉल-1 के संचालक को कभी किसी गैंगस्टर की ओर से रंगदारी या धमकी नहीं मिली थी जबकि इसी सेक्टर में स्थित कुमार ब्रदर्स केमिस्ट के संचालकों को पहले लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग की ओर से धमकियां मिल चुकी हैं। पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि एक जैसे नाम होने के कारण शूटरों ने गलत दुकान को निशाना बना दिया हो। आशंका है कि हमलावर कुमार ब्रदर्स को टारगेट करने आए थे लेकिन भ्रम की स्थिति में श्री कुमार मेडिकल हॉल-1 में घुस गए। हालांकि, पुलिस अभी इस सिद्धांत की आधिकारिक पुष्टि नहीं कर रही है।
पहले भी मिल चुकी हैं रंगदारी की धमकियां
कुमार ब्रदर्स केमिस्ट को वर्ष 2018 में गैंगस्टर संपत नेहरा की ओर से व्हाट्सएप कॉल कर तीन करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। बीते मार्च में सोनीपत में गोल्डी बराड़ गैंग के एक गुर्गे की गिरफ्तारी के बाद इस मामले का खुलासा हुआ था। हाल ही में भी केमिस्ट संचालकों को धमकियां मिलने की सूचना थी जिसके चलते पुलिस ने सेक्टर-11 की मुख्य सड़क पर नाकाबंदी कर रखी थी। इसके बावजूद शूटर वारदात को अंजाम देकर भाग निकले। शहर में पिछले कुछ महीनों के दौरान रंगदारी और गैंगवार से जुड़ी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सेक्टर-32 स्थित सेवक फार्मेसी, सेक्टर-21 के एक बिल्डर, सेक्टर-37 के शराब कारोबारी और मोहाली के होटल कारोबारी तारा सिंह को भी धमकियां मिल चुकी हैं। नवंबर 2025 में सेक्टर-26 के दो क्लबों के बाहर बम धमाके भी किए गए थे।
एसएसपी पहुंचे, एरिया सील
गोलीकांड की सूचना मिलते ही सेक्टर-11 थाना पुलिस, ऑपरेशन सेल, क्राइम ब्रांच और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया। दुकान के अंदर से सात से आठ खाली खोल बरामद हुए जबकि फर्श पर जगह-जगह खून के निशान मिले। देर शाम तक आसपास की कई दुकानों को भी बंद कराया गया।
सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ी पुलिस की चुनौती
वारदात के कुछ घंटों बाद गोल्डी ढिल्लों ग्रुप के नाम से आई पोस्ट ने पूरे मामले को गैंगवार के दायरे में ला दिया है। पोस्ट में न सिर्फ हत्या की जिम्मेदारी ली गई बल्कि प्रतिद्वंद्वी गैंग और उनके समर्थकों को खुली धमकी भी दी गई। पुलिस जांच कर रही है कि पोस्ट वास्तव में गैंग से जुड़ी है या किसी ने जांच को भटकाने के लिए इसे वायरल किया है। साइबर टीम पोस्ट के स्रोत और उसके तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही है।
मरीजों के कारण दिनभर व्यस्त रहती है मार्केट
सेक्टर-11 डी की यह मार्केट पीजीआई और जीएमएसएच-16 के मरीजों के कारण दिनभर व्यस्त रहती है। आसपास बड़ी संख्या में केमिस्ट शॉप और टेस्ट लैब संचालित हैं, जहां रोजाना सैकड़ों लोग आते-जाते हैं। इसके बावजूद शूटर दिनदहाड़े वारदात को अंजाम देकर भाग निकले। आसपास के दुकानदारों का कहना है कि गोलियों की आवाज सुनने के बावजूद पुलिस तुरंत मौके पर नहीं पहुंची।
घटना की जांच के लिए ऑपरेशन सेल और क्राइम ब्रांच की अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं। तीनों आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से खून, कारतूसों के खोल और अन्य साक्ष्य एकत्र किए हैं, जिनका विश्लेषण कराया जा रहा है। -सुमेर प्रताप सिंह, एसएसपी, चंडीगढ़