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Chandigarh: ध्वस्त इमारत से बिना अनुमति जेसीबी से सामान निकाला, परिजनों को आशंका-साक्ष्यों से न हो छेड़छाड़
Wed, 08 Jul 2026 11:07 AM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Wed, 08 Jul 2026 11:07 AM IST
सार
इंडस्ट्रियल एरिया में ध्वस्त हुई इमारत के मामले में अब पीड़ित परिवार ने जांच प्रभावित होने की आशंका जताई है। मृतक तरुण जैन के भाई ने आरोप लगाया कि जांच पूरी होने से पहले ही मकान मालिक की ओर से बिना किसी अनुमति के इमारत में छेड़छाड़ और मलबा हटाने का प्रयास किया गया।
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इंडस्ट्रियल एरिया में ध्वस्त हुई बिल्डिंग के बाहर जेसीबी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया में इमारत ढहने के मामले में मेरठ निवासी पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि जांच पूरी होने से पहले ही मकान मालिक की ओर से बिना प्रशासनिक अनुमति घटनास्थल पर छेड़छाड़ कराई जा रही है।
परिवार का कहना है कि यदि मलबा हटाने या संरचना में बदलाव का काम जारी रहा तो हादसे के अहम साक्ष्य नष्ट हो सकते हैं, जिससे जांच प्रभावित होगी और जिम्मेदार लोगों तक पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। परिजनों ने प्रशासन और पुलिस से तत्काल हस्तक्षेप कर साक्ष्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
इंडस्ट्रियल एरिया में ध्वस्त हुई इमारत के मामले में अब पीड़ित परिवार ने जांच प्रभावित होने की आशंका जताई है। मृतक तरुण जैन के भाई ने आरोप लगाया कि जांच पूरी होने से पहले ही मकान मालिक की ओर से बिना किसी अनुमति के इमारत में छेड़छाड़ और मलबा हटाने का प्रयास किया गया।
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उनका कहना है कि घटनास्थल पर मौजूद मलबा, क्षतिग्रस्त ढांचा और अन्य भौतिक साक्ष्य ही हादसे की वास्तविक वजह सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यदि इनमें बदलाव किया गया तो जांच की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने बताया कि सोमवार रात महज तीन कुर्सियां निकालने के लिए जेसीबी मशीन लगवाई गई। उस समय मौके पर पुलिस की मौजूदगी से भी परिवार की चिंता बढ़ गई।
उन्होंने कहा कि परिवार इस समय अंतिम संस्कार और अन्य धार्मिक रस्मों में व्यस्त है। इसी दौरान उन्हें घटनास्थल पर गतिविधियां होने की सूचना मिली। उनका कहना है कि यदि साक्ष्यों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ हुई तो हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करना कठिन हो जाएगा। उन्होंने मांग की कि जांच पूरी होने तक घटनास्थल को पूरी तरह सील कर दिया जाए, सुरक्षा बढ़ाई जाए और बिना अनुमति किसी भी व्यक्ति को वहां प्रवेश या मलबा हटाने की अनुमति न दी जाए। उनका कहना है कि फोरेंसिक और पुलिस जांच पूरी होने तक घटनास्थल को यथास्थिति में रखा जाना चाहिए।
प्रशासन की ओर से जांच पूरी होने तक घटनास्थल पर मौजूद साक्ष्यों से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। सभी महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। -पवित्र सिंह, जांच कमेटी के प्रभारी अधिकारी
जर्जर लटकते हुए छज्जे को सुरक्षा की दृष्टि से हटवाया गया है। इसके अलावा वहां किसी भी साक्ष्य से छेड़छाड़ नहीं हुई है। घटनास्थल पर 24 घंटे पुलिस तैनात है और पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। - हरिओम शर्मा, थाना प्रभारी, सेक्टर-32 थाना
मैंने वहां जेसीबी नहीं लगवाई। मैंने वहां से कोई सामान नहीं निकलवाया। - प्रेमचंद मित्तल, बिल्डिंग के मालिक
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परिवार का कहना है कि यदि मलबा हटाने या संरचना में बदलाव का काम जारी रहा तो हादसे के अहम साक्ष्य नष्ट हो सकते हैं, जिससे जांच प्रभावित होगी और जिम्मेदार लोगों तक पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। परिजनों ने प्रशासन और पुलिस से तत्काल हस्तक्षेप कर साक्ष्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
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इंडस्ट्रियल एरिया में ध्वस्त हुई इमारत के मामले में अब पीड़ित परिवार ने जांच प्रभावित होने की आशंका जताई है। मृतक तरुण जैन के भाई ने आरोप लगाया कि जांच पूरी होने से पहले ही मकान मालिक की ओर से बिना किसी अनुमति के इमारत में छेड़छाड़ और मलबा हटाने का प्रयास किया गया।
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उनका कहना है कि घटनास्थल पर मौजूद मलबा, क्षतिग्रस्त ढांचा और अन्य भौतिक साक्ष्य ही हादसे की वास्तविक वजह सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यदि इनमें बदलाव किया गया तो जांच की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने बताया कि सोमवार रात महज तीन कुर्सियां निकालने के लिए जेसीबी मशीन लगवाई गई। उस समय मौके पर पुलिस की मौजूदगी से भी परिवार की चिंता बढ़ गई।
उन्होंने कहा कि परिवार इस समय अंतिम संस्कार और अन्य धार्मिक रस्मों में व्यस्त है। इसी दौरान उन्हें घटनास्थल पर गतिविधियां होने की सूचना मिली। उनका कहना है कि यदि साक्ष्यों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ हुई तो हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करना कठिन हो जाएगा। उन्होंने मांग की कि जांच पूरी होने तक घटनास्थल को पूरी तरह सील कर दिया जाए, सुरक्षा बढ़ाई जाए और बिना अनुमति किसी भी व्यक्ति को वहां प्रवेश या मलबा हटाने की अनुमति न दी जाए। उनका कहना है कि फोरेंसिक और पुलिस जांच पूरी होने तक घटनास्थल को यथास्थिति में रखा जाना चाहिए।
प्रशासन की ओर से जांच पूरी होने तक घटनास्थल पर मौजूद साक्ष्यों से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। सभी महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। -पवित्र सिंह, जांच कमेटी के प्रभारी अधिकारी
जर्जर लटकते हुए छज्जे को सुरक्षा की दृष्टि से हटवाया गया है। इसके अलावा वहां किसी भी साक्ष्य से छेड़छाड़ नहीं हुई है। घटनास्थल पर 24 घंटे पुलिस तैनात है और पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। - हरिओम शर्मा, थाना प्रभारी, सेक्टर-32 थाना
मैंने वहां जेसीबी नहीं लगवाई। मैंने वहां से कोई सामान नहीं निकलवाया। - प्रेमचंद मित्तल, बिल्डिंग के मालिक