फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Chandigarh-Punjab News ›   Punjab 13 properties to be auctioned to recover outstanding tax dues of 48.48 crore

Punjab: 48.48 करोड़ की बकाया कर वसूली के लिए नीलाम होंगी 13 संपत्तियां, वन टाइम सेटलमेंट योजना की तारीख बढ़ी

Fri, 31 Jul 2026 04:28 PM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Fri, 31 Jul 2026 04:28 PM IST
सार

वित्तमंत्री ने जीएसटी लागू होने से पूर्व के कर बकायों के निपटारे के लिए शुरू की गई पंजाब एकमुश्त निपटान (वन टाइम सेटलमेंट) योजना की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी है।

विज्ञापन
Punjab 13 properties to be auctioned to recover outstanding tax dues of 48.48 crore
वित्तमंत्री हरपाल चीमा - फोटो : ANI

विस्तार

पंजाब में वित्त मंत्रालय की सख्ती के बाद बकाया कर न चुकाने वाले 13 उद्यमियों की संपत्तियां अगस्त में नीलाम की जाएंगी। इस संदर्भ में प्रस्ताव को वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मंजूरी दे दी है। यदि संबंधित उद्यमी नीलामी प्रक्रिया से पहले अपनी बकाया कर राशि चुका देता है तो उनकी संपत्ति की नीलामी प्रक्रिया रद्द कर दी जाएगी।

विज्ञापन


चीमा ने साफ कहा कि राज्य सरकार जहां जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए संसाधन जुटाने हेतु प्रतिबद्ध है वहीं लगातार कर बकाया रखने वालों के विरुद्ध भी समान रूप से कठोर रुख अपनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग ने वैट के पुराने बकायेदारों के विरुद्ध संपत्तियों की कुर्की और नीलामी की कार्रवाई तेज कर दी है। इसके अलावा सर्वोच्च न्यायालय के ‘समाधान’ अभियान के तहत भी अब तक 12 बड़े कर विवादों का समाधान किया जा चुका है व चार अन्य विवाद भी समाधान के अंतिम चरण में हैं।
विज्ञापन


उधर वित्तमंत्री ने जीएसटी लागू होने से पूर्व के कर बकायों के निपटारे के लिए शुरू की गई पंजाब एकमुश्त निपटान (वन टाइम सेटलमेंट) योजना की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी है। योजना के अंतर्गत अब तक करदाताओं द्वारा 167.23 करोड़ रुपये जमा कराए जा चुके हैं जबकि सरकार ने कर, ब्याज और जुर्माने में 534.54 करोड़ रुपये की राहत प्रदान की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वित्त मंत्री चीमा ने बताया कि पंजाब सरकार पात्र करदाताओं को लंबे समय से लंबित कर विवादों का समाधान करने तथा व्यापक कानूनी राहत प्राप्त करने का एक अंतिम अवसर दे रही है। इसी उद्देश्य से तारीख को बढ़ाया गया है। आंकड़ों के तहत 30 जुलाई तक आबकारी एवं कराधान विभाग को 9,782 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 437.51 करोड़ रुपये की कुल कर मांग शामिल है। इन आवेदनों के विरुद्ध करदाताओं ने 167.23 करोड़ रुपये जमा किए हैं जबकि राज्य सरकार ने उन्हें 534.54 करोड़ रुपये की कर राहत प्रदान की है।

वित्तमंत्री के अनुसार इन सख्ती के परिणामस्वरूप 12.39 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की जा चुकी है। कई करदाताओं ने अपने विरुद्ध कार्रवाई या नीलामी शुरू होते ही ओटीएस योजना के तहत अपना बकाया चुकता कर दिया है। शेष 9,386 पात्र करदाताओं से अपील करते हुए मंत्री ने कहा कि वे 30 सितंबर से पहले योजना का लाभ अवश्य उठाएं ताकि उन्हें ब्याज और जुर्माने पर 100 प्रतिशत छूट के साथ-साथ अपनी निर्धारित स्लैब के अनुसार मूल कर में भी पर्याप्त राहत प्राप्त हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वैच्छिक कर निपटान कारोबारियों के लिए सबसे किफायती और लाभकारी विकल्प है।


बैंक खाते सील करने की चेतावनी
मंत्री ने साफ किया कि योजना की अवधि में किया गया यह विस्तार अंतिम है और इसके बाद किसी प्रकार की अतिरिक्त मोहलत नहीं दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद विभाग कर कानूनों तथा पंजाब भूमि राजस्व अधिनियम के अंतर्गत बैंक खाते सील करने, संपत्तियों की कुर्की एवं नीलामी जैसी कठोर वसूली कार्रवाई तेज करेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed