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मुख्यमंत्री सेहत योजना बन रही वरदान: चार माह की दिलजोत को मिला मुफ्त इलाज, परिवार ने जताया आभार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Thu, 09 Apr 2026 03:43 PM IST
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सार
पिछले तीन महीनों में ही 6,000 से अधिक नवजात मामलों का इलाज मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत किया गया है, जो नवजात शिशुओं को समय पर चिकित्सा देखभाल प्रदान करने में योजना की बढ़ती पहुंच को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत बच्चों को मिल रहा मुफ्त इलाज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब में मुख्यमंत्री सेहत योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है।
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अबोहर में रशप्रीत कौर और भारत कुमार के घर जन्मी चार महीने की दिलजोत को गंभीर संक्रमण और वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट (दिल में छेद) की समस्या पाई गई। यह जन्म से पहले विकसित होती है।उसके अभिभावक उसे इलाज के लिए बठिंडा ले गए। गहन चिकित्सा का खर्च बहुत भारी था, लेकिन मुख्यमंत्री सेहत योजना से मिली मदद के बाद स्थिति संभल गई। दिलजोत को विशेष चिकित्सा देखभाल मिली, जिसमें चौबीस घंटे निगरानी शामिल थी, और उसके परिवार को एक दिन भी पैसों की चिंता नहीं करनी पड़ी।
भारत कुमार अबोहर में एक छोटा सैलून चलाते है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने बताया कि मेरी बेटी के दिल में छेद है। उसका इलाज दो अलग-अलग अस्पतालों में हुआ और सेहत कार्ड के तहत 2.77 लाख रुपये का पूरा खर्च कवर हो गया।
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मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत, हर मां और नवजात को सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिल सकता है, चाहे वह सरकारी अस्पताल हो या सूचीबद्ध निजी अस्पताल, और यह सुविधा बच्चे के जीवन के शुरुआती घंटों से ही उपलब्ध होती है।
पिछले तीन महीनों में ही 6,000 से अधिक नवजात मामलों का इलाज मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत किया गया है, जो नवजात शिशुओं को समय पर चिकित्सा देखभाल प्रदान करने में योजना की बढ़ती पहुंच को दर्शाता है। यह योजना जन्म के समय कम वजन, समय से पहले जन्म, संक्रमण और अन्य नवजात जटिलताओं के इलाज में मदद करती है और मातृ व प्रसवोत्तर सेहत सेवाओं को मजबूत बनाती है।
बठिंडा के अग्रवाल अस्पताल में एक नवजात, जिसे गंभीर पीलिया के साथ सांस लेने में दिक्कत थी, का एक लाख खर्च का इलाज पूरी तरह मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कवर हुआ।
पटियाला के गढ़ाया गांव के मनकीरत सिंह को जन्म के कुछ दिनों बाद पीलिया और सांस की समस्या के लिए इलाज की जरूरत थी। उनके पिता, बलविंदर सिंह ने कहा कि इस योजना के तहत इलाज का पूरा खर्च कवर हो गया।
फरीदकोट के कोटकपूरा की बिमला रानी ने हाल ही में एक बच्चे को जन्म दिया, जिसे देखभाल की जरूरत थी। उनके परिवार के एक सदस्य के मुताबिक उनका अठारह दिन का बच्चा अब सुरक्षित रूप से मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत इलाज पा रहा है।