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पंजाब में आतंकी साजिश का अंत, लेकिन सवाल बरकरार: क्यों लावारिस पड़ा है जगरूप का शव? परिवार ने भी किया किनारा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विकास कुमार Updated Fri, 01 May 2026 08:23 PM IST
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सार

शुक्रवार को एक बार फिर बम ब्लास्ट वाली जगह पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई और पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया। जीआरपी के आईजी रैंक के बड़े अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ नए सिरे से साक्ष्य जुटाने और जांच के लिए मौके पर पहुंचे। 

Rajpura Shambhu Railway Track Blast Accused Jagrups Body Remains in Mortuary Family Not Claimed It
संदिग्ध आतंकी जगरूप सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

शंभू-राजपुरा मालगाड़ी ट्रैक को बम से उड़ाने की साजिश रचने वाले आरोपी जगरूप सिंह की मौत के बाद उसका शव अभी भी राजपुरा सिविल अस्पताल की मोर्चरी में लावारिस पड़ा हुआ है। जगरूप की मौत बीते दिनों ट्रैक पर बम लगाते समय हुए धमाके में ही हो गई थी, जिसके बाद 28 अप्रैल की सुबह जिला प्रशासनिक अधिकारियों ने उसके क्षत-विक्षत शव को पोस्टमार्टम के लिए राजपुरा सिविल अस्पताल पहुंचाया था। लेकिन इतने दिन बीत जाने के बाद भी जगरूप के परिवार का कोई भी सदस्य शव का दावा करने नहीं पहुंचा है।

परिवार ने तोड़ा नाता
अस्पताल के दस्तावेजों में यह शव अभी भी 'अज्ञात' के रूप में ही दर्ज है, जबकि यह पूरी तरह साफ हो चुका है कि यह शव जगरूप का ही है। परिजनों द्वारा दूरी बनाए रखने से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि परिवार ने उसे आतंकी मानकर उससे नाता तोड़ लिया हो।

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नियमों के तहत 72 घंटे की अवधि समाप्त
राजपुरा सिविल अस्पताल के एसएमओ ने बताया कि नियमों के मुताबिक किसी भी लावारिस या अज्ञात शव को अधिकतम 72 घंटे तक ही मोर्चरी में रखा जाता है। जगरूप के मामले में अभी तक परिवार की तरफ से कोई संपर्क नहीं किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शव का पोस्टमार्टम जीआरपी अधिकारियों के जरूरी दस्तावेज मिलने के बाद ही किया जाएगा। इसके बाद कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा कर मृतक का अंतिम संस्कार जीआरपी की देखरेख में ही किया जाएगा।

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जांच के लिए दोबारा छावनी में बदला घटनास्थल
शुक्रवार को एक बार फिर बम ब्लास्ट वाली जगह पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई और पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया। जीआरपी के आईजी रैंक के बड़े अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ नए सिरे से साक्ष्य जुटाने और जांच के लिए मौके पर पहुंचे। अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस बेहद संवेदनशील मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।

हाई-प्रोफाइल हुआ मामला, चार आरोपी पहले से पुलिस रिमांड पर, बड़े अधिकारियों का दौरा
घटना की गंभीरता को देखते हुए पटियाला के जिला पुलिस अधिकारी, जीआरपी शशि प्रभा और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू घटनास्थल का जायजा ले चुके हैं। 
 

अब तक चार गिरफ्तार
पुलिस इस आतंकी साजिश में शामिल चार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जो फिलहाल पुलिस रिमांड पर हैं और उनसे पूछताछ जारी है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और आतंकवाद के खतरे को लेकर स्थानीय लोगों और प्रशासन में गंभीर चिंता पैदा हो गई है।

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