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पंजाब कांग्रेस में बगावत: नाराज नेताओं ने राहुल गांधी से मिलने का मांगा समय, सीएम फेस पर क्या बोले वड़िंग?

Sat, 04 Jul 2026 08:53 PM IST
शाहिल शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: शाहिल शर्मा Updated Sat, 04 Jul 2026 08:53 PM IST
सार

वड़िंग ने कहा, जिन नेताओं ने उनके खिलाफ बयान दिया है, वे तो पहले से ही पार्टी में नहीं हैं और जो अपनी सीमाएं पार करेगा तो निश्चित तौर पर पार्टी उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी।

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Rebellion in Punjab Congress Political news
चरणजीत चन्नी, पूर्व सीएम और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब कांग्रेस में उठे असंतोष के बीच नाराज नेताओं ने अब फैसला हाईकमान पर छोड़ दिया है। उन्होंने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से मिलने का समय मांगा है। वहीं, हाईकमान ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से फिलहाल कोई बड़ा कदम न उठाने को कहा है। इस बीच चन्नी ने साफ किया कि वह न पार्टी छोड़ेंगे, न नई पार्टी बनाएंगे, जबकि प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि वह सीएम फेस की दौड़ में नहीं हैं और चन्नी उनके बड़े भाई हैं।
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हाईकमान से मिलने के लिए नाराज नेताओं ने पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता में तीन वरिष्ठ नेताओं की कमेटी गठित की है। इन नेताओं की यही जिद है कि प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को बदला जाए और पूर्व सीएम चन्नी को प्रदेशाध्यक्ष अथवा सीएम फेस घोषित किया जाए। इसी के चलते शुक्रवार को मोरिंडा में चन्नी ने अपने समर्थक विधायकों, पूर्व मंत्रियों, पूर्व विधायकों समेत अन्य नेताओं की बैठक बुलाई थी।
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इस बैठक में पहुंचे 62 से अधिक वरिष्ठ नेताओं ने आगामी रणनीति पर चर्चा करते हुए अपना ऐतराज हाईकमान तक पहुंचाने के लिए पूर्व सीएम चन्नी को अधिकृत किया। चन्नी अब हाईकमान से समय लेकर मिलेंगे। पार्टी सूत्र बताते हैं कि इस बैठक में कुछ नेताओं ने तल्ख तेवर दिखाते हुए सामूहिक इस्तीफा देकर नई पार्टी बनाने की भी बात रखी थी जिसे वहां मौजूद नेताओं ने खारिज कर दिया।

उधर, पूर्व सीएम चन्नी ने भी अब यह स्पष्ट कर दिया है कि न तो वह पार्टी छोड़ेंगे, न किसी पार्टी में जाएंगे और न ही नई पार्टी बनाएंगे। उन्हें पंजाब के लोगों व नेताओं की भावनाएं हाईकमान तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, वे सारी स्थिति से हाईकमान को अवगत करवाते हुए अपने लोगों के साथ आगे बढ़ेंगे।

उधर, नाराज नेताओं की कमेटी ने राहुल गांधी से मिलने का समय भी मांग लिया है। सूत्रों के अनुसार हाईकमान की ओर से एक वरिष्ठ नेता के जरिये चन्नी को भी संपर्क कर उनसे फिलहाल कोई बड़ा फैसला न लेने का आग्रह किया गया है।

दूसरी ओर पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग भी शनिवार को डैमेज कंट्रोल करते दिखे। उन्होंने कहा, पूर्व सीएम चन्नी उनके बड़े भाई हैं और अन्य सभी वरिष्ठ नेता पार्टी के सिर का ताज हैं। वड़िंग ने कहा, वे सीएम की रेस में नहीं हैं। सीएम फेस कौन होगा, यह अधिकार राहुल गांधी और खरगे के पास है। 

पार्टी में बगावत की बात को सिरे से खारिज करते हुए वड़िंग ने कहा, पार्टी के नेता किसी भी वरिष्ठ नेता के घर बैठकर बात कर सकते हैं और कई नेताओं के कुछ ऐतराज भी हो सकते हैं। सभी मसले हाईकमान स्तर पर हल किए जाएंगे। पार्टी में कोई गुटबंदी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि सभी नेता जल्द ही एक मंच पर एकजुटता के साथ दिखेंगे।

वड़िंग ने कहा, जिन नेताओं ने उनके खिलाफ बयान दिया है, वे तो पहले से ही पार्टी में नहीं हैं और जो अपनी सीमाएं पार करेगा तो निश्चित तौर पर पार्टी उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी। वड़िंग ने कहा, पूर्व सीएम चन्नी को राहुल गांधी और पार्टी बहुत प्यार करती है, वे जब चाहेंगे हाईकमान से मिल लेंगे। सभी कांग्रेसियों का एक ही मकसद है, पंजाब में कांग्रेस को दोबारा सत्ता में लाना।
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सीमाएं जरूर पहंचाने : रमेश
कांग्रेस लोकतांत्रिक पार्टी है और किसी की आवाज को दबाती नहीं है। पार्टी में अनुशासन बहुत जरूरी है मगर सभी को अपनी सीमाएं जरूर पहचाननी चाहिए। हम नेताओं और कार्यकर्ताओं को समझाते हैं, मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से काम करते हैं। पार्टी में बोलने और सोचने का हक सभी को है। पार्टी में आवाज अनेक हैं मगर मकसद एक है। - जयराम रमेश, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता

माहौल खराब न हो : रंधावा
पंजाब में सभी नेताओं को एकजुट होकर आगे बढ़ना है। जिसके जो ऐतराज हैं, वे अपनी बात रखें मगर माहौल खराब नहीं होना चाहिए। हाईकमान स्तर पर तीन से चार बैठकें हुई थीं, उसके बाद ऐसे हालात बन गए। ऐसा नहीं होना चाहिए था। सभी का लक्ष्य पंजाब में कांग्रेस को सत्ता में लाना होना चाहिए। - सुखजिंदर सिंह रंधावा, सांसद एवं पूर्व डिप्टी सीएम
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