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चंडीगढ़ में राइट टू बिजनेस एक्ट लागू: कारोबार को मिलेगी रफ्तार, निवेशकों के लिए बनेगा सिंगल विंडो सिस्टम

Sat, 04 Jul 2026 10:53 AM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Sat, 04 Jul 2026 10:53 AM IST
सार

अधिसूचना के तहत पंजाब सरकार और उसकी एजेंसियों के सभी संदर्भों को चंडीगढ़ प्रशासन के अनुरूप संशोधित किया गया है। अब राज्य और पंजाब की जगह केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ तथा राज्य सरकार का अर्थ चंडीगढ़ के प्रशासक से होगा।

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Right to Business Act implemented in Chandigarh Business to gain momentum
right to business - फोटो : freepik

विस्तार

गृह मंत्रालय के साथ चंडीगढ़ प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के बाद शहर के उद्योग एवं कारोबार जगत को नई दिशा मिली है। केंद्र सरकार ने कारोबार शुरू करने और निवेश को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट, 2020 को आवश्यक संशोधनों के साथ केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में लागू कर दिया है। 

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गृह मंत्रालय (एमएचए) की ओर से 2 जुलाई की देर शाम जारी अधिसूचना के साथ यह कानून प्रभावी हो गया। प्रशासन का मानना है कि इससे निवेशकों को मंजूरियां लेने की प्रक्रिया तेज होगी, नियामकीय बाधाएं कम होंगी और शहर में निवेश को नया प्रोत्साहन मिलेगा। अधिसूचना पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 की धारा-87 के तहत जारी की गई है।
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नए प्रावधानों के तहत आईटी पार्क, बायोटेक पार्क, विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड), औद्योगिक टाउनशिप, ग्रोथ सेंटर, फूड प्रोसेसिंग पार्क तथा चंडीगढ़ प्रशासन या केंद्र सरकार से स्वीकृत अन्य औद्योगिक एवं व्यावसायिक परियोजनाओं को इस कानून का लाभ मिलेगा। इन इकाइयों को पहले की तुलना में मंजूरियां तेजी से मिलेंगी और कई प्रक्रियाएं सरल होंगी।
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कानून का सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान चंडीगढ़ ब्यूरो ऑफ एंटरप्राइज एंड इन्वेस्टमेंट (सीबीईआई) की स्थापना है। यह निवेशकों के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा। ब्यूरो विभिन्न सरकारी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेगा, निवेश प्रस्तावों पर कार्रवाई करेगा, शिकायतों का समाधान करेगा और नए उद्योगों को बढ़ावा देगा। ब्यूरो का नेतृत्व चंडीगढ़ प्रशासन के उद्योग सचिव करेंगे जबकि उद्योग निदेशक अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एडिशनल सीईओ) की जिम्मेदारी संभालेंगे।

चंडीगढ़ के अनुरूप बदले गए कानून के सभी प्रावधान
अधिसूचना के तहत पंजाब सरकार और उसकी एजेंसियों के सभी संदर्भों को चंडीगढ़ प्रशासन के अनुरूप संशोधित किया गया है। अब राज्य और पंजाब की जगह केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ तथा राज्य सरकार का अर्थ चंडीगढ़ के प्रशासक से होगा। इसी प्रकार जिला नोडल एजेंसी की जगह चंडीगढ़ ब्यूरो ऑफ एंटरप्राइज एंड इन्वेस्टमेंट तथा पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जगह चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति कार्य करेगी। सक्षम प्राधिकारी की परिभाषा का भी विस्तार किया गया है, जिसमें चंडीगढ़ प्रशासन के विभाग, स्थानीय निकाय, वैधानिक बोर्ड, यूटी के स्वामित्व वाले निगम, शहरी विकास प्राधिकरण और अन्य स्वीकृति देने वाली एजेंसियां शामिल होंगी।

स्वीकृतियों का इंतजार किए बिना शुरू कर सकेंगे कारोबार
कानून के तहत पात्र उद्यम केवल घोषणा-पत्र (डिक्लेरेशन) के आधार पर सिद्धांततः मंजूरी प्राप्त कर सकेंगे। इससे उन्हें सभी वैधानिक स्वीकृतियों का इंतजार किए बिना कारोबार शुरू करने की सुविधा मिलेगी। साथ ही संबंधित विभागों को तय समय-सीमा के भीतर आवेदन का निपटारा करना होगा।

डीम्ड अप्रूवल का भी प्रावधान
डीम्ड अप्रूवल का भी प्रावधान किया गया है। यदि कोई विभाग निर्धारित अवधि में आवेदन पर निर्णय नहीं लेता तो स्वीकृति स्वतः जारी मानी जाएगी और उसका विवरण सिंगल विंडो पोर्टल पर प्रदर्शित होगा। पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी। निवेशक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज जमा करना, आवेदन की स्थिति देखना, प्रमाणपत्र प्राप्त करना, निरीक्षण रिपोर्ट देखना और शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इसके अलावा जिन उद्योगों के पास वैध इन-प्रिंसिपल अप्रूवल होगा, उन्हें उसकी वैधता अवधि के दौरान नियमित निरीक्षणों से भी राहत मिलेगी। प्रशासन का मानना है कि नई व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी, समयबद्ध मंजूरियां मिलेंगी और चंडीगढ़ निवेश व कारोबार के लिए अधिक प्रतिस्पर्धी और अनुकूल केंद्र के रूप में उभरेगा।


नए कानून की प्रमुख विशेषताएं
आईटी पार्क, बायोटेक पार्क, एसईजेड और अन्य औद्योगिक परियोजनाओं को समयबद्ध मंजूरी
सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से सभी आवेदन और मंजूरियों की सुविधा
डीम्ड अप्रूवल का प्रावधान, तय समय-सीमा में निर्णय नहीं होने पर स्वीकृति स्वतः मानी जाएगी
केवल डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट के आधार पर इन-प्रिंसिपल अप्रूवल की सुविधा
ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज अपलोड, प्रमाणपत्र, निरीक्षण रिपोर्ट और शिकायत निवारण की व्यवस्था
नियमित निरीक्षणों से राहत, केवल शिकायत या विशेष परिस्थितियों में ही निरीक्षण।

सीबीईआई की होगी अहम भूमिका
निवेशकों के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा।
विभिन्न सरकारी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेगा।
निवेश प्रस्तावों पर कार्रवाई करेगा और इन-प्रिंसिपल अप्रूवल की प्रक्रिया का संचालन करेगा।
निवेशकों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करेगा।
चंडीगढ़ में नए उद्योगों और निवेश को बढ़ावा देने के लिए कार्य करेगा।

चैंबर ऑफ चंडीगढ़ इंडस्ट्रीज ने फैसले का स्वागत किया
चैंबर ऑफ चंडीगढ़ इंडस्ट्रीज़ के उपाध्यक्ष नवीन मंगलानी ने कहा कि गृह मंत्रालय द्वारा पंजाब राइट टू बिज़नेस एक्ट, 2020 को चंडीगढ़ में लागू करने और चंडीगढ़ ब्यूरो ऑफ एंटरप्राइज एंड इन्वेस्टमेंट की स्थापना के निर्णय का हार्दिक स्वागत करते हैं। यह ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है और केंद्र शासित प्रदेश में निवेशकों का विश्वास बढ़ाएगा।

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