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पंजाब में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म: राहत के लिए करना होगा इंतजार, हजारों शिकायतें लंबित
Mon, 27 Jul 2026 09:55 AM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, होशियारपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, होशियारपुर
Published by: Nivedita
Updated Mon, 27 Jul 2026 09:55 AM IST
सार
नियमित कर्मचारियों के काम पर लौटने से पावर सब-स्टेशनों का संचालन अब सामान्य हो जाएगा। हड़ताल के दौरान सब-स्टेशनों पर तैनात एसडीओ, जेई और अन्य अधिकारियों को अब फील्ड में भेजा जाएगा, जिससे फॉल्ट दूर करने और लंबित शिकायतों के निपटारे में तेजी आएगी।
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फॉल्ट ठीक करते कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला/फाइल
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विस्तार
पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के नियमित कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो चुकी है, लेकिन होशियारपुर जिले के बिजली उपभोक्ताओं को अभी पूरी राहत मिलने में समय लग सकता है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि बिजली लाइनों की मरम्मत और फॉल्ट ठीक करने वाले अधिकतर आउटसोर्स एवं ठेका कर्मचारी अब भी हड़ताल पर हैं। ऐसे में लंबित शिकायतों के निपटारे की रफ्तार अभी भी प्रभावित रहने की संभावना है।
हालांकि अधीक्षण अभियंता (एसई) ने स्पष्ट किया कि हड़ताल के दौरान बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई नहीं थी। उन्होंने कहा कि पूरे हड़ताल काल में बिजली प्रणाली में कोई बड़ा ब्रेकडाउन नहीं हुआ। जहां भी 11 केवी फीडरों में फॉल्ट आया, उसे 2 से 3 घंटे के भीतर ठीक कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
उन्होंने बताया कि नियमित कर्मचारियों, विभागीय अधिकारियों और पैनल में शामिल निजी ठेकेदारों की मदद से बिजली आपूर्ति बहाल रखने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का निपटारा करने का प्रयास किया गया। राज्य सरकार ने भी विभाग को आवश्यकता पड़ने पर ओपन मार्केट से निजी इलेक्ट्रिशियन और तकनीकी कर्मियों की सेवाएं लेने की अनुमति दे दी है, जिस पर अमल शुरू कर दिया गया है।
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पीएसपीसीएल द्वारा 21 जुलाई से 26 जुलाई तक की अवधि का जारी शिकायत विवरण बताता है कि होशियारपुर सर्किल में कुल 43,153 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 23,592 शिकायतों का समाधान कर दिया गया, जबकि 18,520 शिकायतें 26 जुलाई तक लंबित थीं। इनमें 12,288 शिकायतें ऐसी थीं जो 24 घंटे से अधिक समय से लंबित थीं।
सबसे अधिक 12,029 शिकायतें होशियारपुर सिटी डिवीजन में दर्ज हुईं। इनमें से 5,763 शिकायतों का निपटारा किया गया, जबकि 6,088 शिकायतें लंबित रहीं। मुकेरियां डिवीजन में 9,063 शिकायतें मिलीं, जिनमें 3,150 का समाधान हुआ और 5,533 शिकायतें लंबित रहीं।
सब-अर्बन होशियारपुर डिवीजन में 10,022 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 4,272 का निपटारा किया गया और 5,577 शिकायतें अभी भी लंबित हैं। भोगपुर डिवीजन में 2,126 शिकायतों में से 1,368 का समाधान हुआ, जबकि 679 शिकायतें शेष हैं।
वहीं दसूहा डिवीजन ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। यहां प्राप्त 5,935 शिकायतों में से 5,835 का समाधान कर दिया गया और कोई शिकायत लंबित नहीं रही। गढ़शंकर/माहिलपुर डिवीजन में 3,978 शिकायतों में से 3,204 का निपटारा हुआ, जबकि 643 शिकायतें लंबित रहीं।
एसई ने कहा कि नियमित कर्मचारियों के काम पर लौटने से पावर सब-स्टेशनों का संचालन अब सामान्य हो जाएगा। हड़ताल के दौरान सब-स्टेशनों पर तैनात एसडीओ, जेई और अन्य अधिकारियों को अब फील्ड में भेजा जाएगा, जिससे फॉल्ट दूर करने और लंबित शिकायतों के निपटारे में तेजी आएगी।
उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले दिनों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह सामान्य हो जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि रिपेयर कार्य का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा आउटसोर्स कर्मचारियों के जिम्मे है और उनकी हड़ताल समाप्त होने के बाद ही शिकायतों के निपटारे में अपेक्षित तेजी आ सकेगी। फिलहाल विभाग उपलब्ध संसाधनों और निजी ठेकेदारों की सहायता से बिजली आपूर्ति को पूरी तरह सामान्य करने में जुटा हुआ है।
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हालांकि अधीक्षण अभियंता (एसई) ने स्पष्ट किया कि हड़ताल के दौरान बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई नहीं थी। उन्होंने कहा कि पूरे हड़ताल काल में बिजली प्रणाली में कोई बड़ा ब्रेकडाउन नहीं हुआ। जहां भी 11 केवी फीडरों में फॉल्ट आया, उसे 2 से 3 घंटे के भीतर ठीक कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
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उन्होंने बताया कि नियमित कर्मचारियों, विभागीय अधिकारियों और पैनल में शामिल निजी ठेकेदारों की मदद से बिजली आपूर्ति बहाल रखने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का निपटारा करने का प्रयास किया गया। राज्य सरकार ने भी विभाग को आवश्यकता पड़ने पर ओपन मार्केट से निजी इलेक्ट्रिशियन और तकनीकी कर्मियों की सेवाएं लेने की अनुमति दे दी है, जिस पर अमल शुरू कर दिया गया है।
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पीएसपीसीएल द्वारा 21 जुलाई से 26 जुलाई तक की अवधि का जारी शिकायत विवरण बताता है कि होशियारपुर सर्किल में कुल 43,153 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 23,592 शिकायतों का समाधान कर दिया गया, जबकि 18,520 शिकायतें 26 जुलाई तक लंबित थीं। इनमें 12,288 शिकायतें ऐसी थीं जो 24 घंटे से अधिक समय से लंबित थीं।
सबसे अधिक 12,029 शिकायतें होशियारपुर सिटी डिवीजन में दर्ज हुईं। इनमें से 5,763 शिकायतों का निपटारा किया गया, जबकि 6,088 शिकायतें लंबित रहीं। मुकेरियां डिवीजन में 9,063 शिकायतें मिलीं, जिनमें 3,150 का समाधान हुआ और 5,533 शिकायतें लंबित रहीं।
सब-अर्बन होशियारपुर डिवीजन में 10,022 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 4,272 का निपटारा किया गया और 5,577 शिकायतें अभी भी लंबित हैं। भोगपुर डिवीजन में 2,126 शिकायतों में से 1,368 का समाधान हुआ, जबकि 679 शिकायतें शेष हैं।
वहीं दसूहा डिवीजन ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। यहां प्राप्त 5,935 शिकायतों में से 5,835 का समाधान कर दिया गया और कोई शिकायत लंबित नहीं रही। गढ़शंकर/माहिलपुर डिवीजन में 3,978 शिकायतों में से 3,204 का निपटारा हुआ, जबकि 643 शिकायतें लंबित रहीं।
एसई ने कहा कि नियमित कर्मचारियों के काम पर लौटने से पावर सब-स्टेशनों का संचालन अब सामान्य हो जाएगा। हड़ताल के दौरान सब-स्टेशनों पर तैनात एसडीओ, जेई और अन्य अधिकारियों को अब फील्ड में भेजा जाएगा, जिससे फॉल्ट दूर करने और लंबित शिकायतों के निपटारे में तेजी आएगी।
उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले दिनों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह सामान्य हो जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि रिपेयर कार्य का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा आउटसोर्स कर्मचारियों के जिम्मे है और उनकी हड़ताल समाप्त होने के बाद ही शिकायतों के निपटारे में अपेक्षित तेजी आ सकेगी। फिलहाल विभाग उपलब्ध संसाधनों और निजी ठेकेदारों की सहायता से बिजली आपूर्ति को पूरी तरह सामान्य करने में जुटा हुआ है।