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पंजाब के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी: 18 हजार से अधिक पद खाली, लुधियाना सबसे ज्यादा प्रभावित

Tue, 28 Jul 2026 03:12 PM IST
Nivedita राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Tue, 28 Jul 2026 03:12 PM IST
सार

पंजाब में प्राथमिक स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात 18:1 और उच्च प्राथमिक स्कूलों में 16:1 है, जो शिक्षा का अधिकार अधिनियम के मानकों के अनुरूप है। इसके बावजूद कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

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Teacher shortage in Punjab government schools Over 18 thousand posts vacant Ludhiana worst affected
Teacher - फोटो : freepik

विस्तार

पंजाब के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी लगातार बनी हुई है। प्रदेश में स्वीकृत 1,03,052 पदों में से 18,015 पद खाली हैं, जो कुल स्वीकृत पदों का 17.48 फीसदी है। 
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सबसे अधिक 2,179 पद लुधियाना और 1,764 पद जालंधर जिले में रिक्त हैं। सीमा से जुड़े पांच जिले भी शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। यह जानकारी केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने लोकसभा में शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल के सवाल के जवाब में दी।
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रिपोर्ट के अनुसार सीमा से जुड़े जिलों में अमृतसर में 1,490, गुरदासपुर में 1,314, तरनतारन में 1,100, फिरोजपुर में 450 और श्री मुक्तसर साहिब में 323 पद खाली हैं। शिक्षा मंत्रालय ने माना कि राज्यों को शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने की जरूरत है। हालांकि शिक्षकों की भर्ती और तैनाती का अधिकार राज्य सरकारों के पास है।
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प्रदेश में प्राथमिक स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात 18:1 और उच्च प्राथमिक स्कूलों में 16:1 है, जो शिक्षा का अधिकार अधिनियम के मानकों के अनुरूप है। इसके बावजूद कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है। राज्य सरकार ने नए शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू की है।

इन जिलों में भी बड़ी संख्या में पद खाली
लुधियाना (2,179) और जालंधर (1,764) के अलावा होशियारपुर में 1,665, अमृतसर में 1,490, गुरदासपुर में 1,314, तरनतारन में 1,100, कपूरथला में 957, रूपनगर में 927, एसबीएस नगर में 919, पटियाला में 870, मोगा में 691, फतेहगढ़ साहिब में 596, संगरूर में 468, फिरोजपुर में 450, बठिंडा में 358, मोहाली में 344, श्री मुक्तसर साहिब में 323, बरनाला में 308, मानसा में 268, फाजिल्का में 242, फरीदकोट और मलेरकोटला में 185-185 पद रिक्त हैं।

ग्रामीण स्कूलों में तैनाती बड़ी चुनौती
शिक्षा विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती है। शिक्षक गांवों में नियुक्ति लेने से बचते हैं जिससे वहां लंबे समय तक पद खाली रहते हैं। हाल ही में एक कार्यक्रम में एक छात्र ने भी शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया था। इस पर शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने कहा था कि शहरी स्कूलों में शिक्षक पर्याप्त हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में तैनाती के लिए शिक्षक आगे नहीं आते। विभाग अब नई भर्ती में ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहा है।

शिक्षा मंत्रालय की सलाह
शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भर्ती प्रक्रिया तेज करने की सलाह दी है ताकि स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हो सकें। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों की भर्ती, तैनाती और सेवा संबंधी निर्णय संबंधित राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
 
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