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बसंत पंचमी 2026: दयालबाग व राधास्वामी संग में श्रद्धा, सेवा और खेल भावना का भव्य संगम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Sun, 25 Jan 2026 12:33 PM IST
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सार
बसंत पंचमी 2026 के पावन अवसर पर दयालबाग एवं राधास्वामी संग के तत्वावधान में श्रद्धा, प्रेम, भक्ति और सेवा की भावना के साथ विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में शामिल लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बसंत पंचमी 2026 के पावन अवसर पर दयालबाग एवं राधास्वामी संग के तत्वावधान में श्रद्धा, प्रेम, भक्ति और सेवा की भावना के साथ विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह पर्व निस्वार्थ सेवा, अनुशासन, आत्मविकास और मानवीय मूल्यों के प्रति नए संकल्प का प्रतीक बना। दयालबाग की जीवनशैली का मूल आधार निष्काम सेवा, कर्तव्यनिष्ठा और फल की अपेक्षा से मुक्त कर्म माना जाता है। यहाँ प्रत्येक दिन की शुरुआत श्रीमद्भगवद् गीता के शाश्वत संदेश से होती है -कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।
बसंत पंचमी, जो हिंदू पंचांग के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष का पंचमी तिथि का पावन दिन है, नवजीवन, आशा और उल्लास का प्रतीक मानी जाती है। ऋतु परिवर्तन के साथ प्रकृति, पशु-पक्षियों और मानव जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है। संतों और मनीषियों ने इसे सृष्टि के नवसृजन का अत्यंत शुभ समय बताया है।
इस शुभ अवसर पर दयालबाग में बच्चों, युवाओं और वरिष्ठजनों के लिए विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बेबी शो, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, जिम्नास्टिक प्रदर्शन और स्पोर्ट्स इवेंट्स प्रमुख रहे। सभी वर्गों ने उत्साह और उमंग के साथ भागीदारी निभाई।
इसी कड़ी में राधास्वामी संग दयालबाग, जालंधर शाखा द्वारा भी भव्य बसंत स्पोर्ट्स फेस्टिवल का आयोजन किया गया। यहाँ बसंत को नववर्ष के रूप में मनाया जाता है। कार्यक्रम का उद्देश्य शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास को प्रोत्साहित करना रहा। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों के लिए अलग-अलग वर्गों में खेल प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं, जिससे फिटनेस, अनुशासन और खेल भावना को बढ़ावा मिला।
आयोजकों ने कहा कि बसंत खेल महोत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में स्वस्थ जीवनशैली, राष्ट्रीय भावना, भाईचारे और सर्वांगीण विकास को आगे बढ़ाने का प्रेरणादायक प्रयास है। यह आयोजन पूरे वर्ष खेल और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की एक सशक्त पहल बना रहेगा।
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बसंत पंचमी, जो हिंदू पंचांग के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष का पंचमी तिथि का पावन दिन है, नवजीवन, आशा और उल्लास का प्रतीक मानी जाती है। ऋतु परिवर्तन के साथ प्रकृति, पशु-पक्षियों और मानव जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है। संतों और मनीषियों ने इसे सृष्टि के नवसृजन का अत्यंत शुभ समय बताया है।
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इस शुभ अवसर पर दयालबाग में बच्चों, युवाओं और वरिष्ठजनों के लिए विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बेबी शो, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, जिम्नास्टिक प्रदर्शन और स्पोर्ट्स इवेंट्स प्रमुख रहे। सभी वर्गों ने उत्साह और उमंग के साथ भागीदारी निभाई।
इसी कड़ी में राधास्वामी संग दयालबाग, जालंधर शाखा द्वारा भी भव्य बसंत स्पोर्ट्स फेस्टिवल का आयोजन किया गया। यहाँ बसंत को नववर्ष के रूप में मनाया जाता है। कार्यक्रम का उद्देश्य शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास को प्रोत्साहित करना रहा। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों के लिए अलग-अलग वर्गों में खेल प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं, जिससे फिटनेस, अनुशासन और खेल भावना को बढ़ावा मिला।
आयोजकों ने कहा कि बसंत खेल महोत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में स्वस्थ जीवनशैली, राष्ट्रीय भावना, भाईचारे और सर्वांगीण विकास को आगे बढ़ाने का प्रेरणादायक प्रयास है। यह आयोजन पूरे वर्ष खेल और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की एक सशक्त पहल बना रहेगा।