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NEET-UG 2026: जालंधर के गीतांश सरीन को ऑल इंडिया आठवां रैंक, फैमिली में नहीं कोई डाॅक्टर; ऐसे की तैयारी
Fri, 17 Jul 2026 12:56 PM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
Published by: Nivedita
Updated Fri, 17 Jul 2026 12:56 PM IST
सार
गीतांश ने कहा कि घर में माहौल पढ़ाई वाला रहता था लेकिन जब नीट एग्जाम घोषित हुए तो थोड़ी सी घबराहट और डर था। इसके बाद अभिभावक और टीचरों ने सही मार्गदर्शन किया और एक महीने में पूरे साल भर की तैयारी की।
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गीतांश सरीन
- फोटो : संवाद
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विस्तार
जालंधर के गीतांश सरीन ने नीट में ऑल इंडिया रैंक 8 हासिल किया है। मैथ में दसवीं में 100 में से 99 नंबर लाने वाले गीतांश ने कहा कि वह डॉक्टर बनना चाहते थे क्योंकि फैमिली में कोई डॉक्टर नहीं था। गीतांश के पिता सुनीत सरीन और मां मोनिका दोनों सरकारी स्कूल में टीचर है।
गीतांश ने कहा कि घर में माहौल पढ़ाई वाला रहता था लेकिन जब नीट एग्जाम घोषित हुए तो थोड़ी सी घबराहट और डर था। इसके बाद अभिभावक और टीचरों ने सही मार्गदर्शन किया और एक महीने में पूरे साल भर की तैयारी की। दिन में 4:30 घंटे कोचिंग में क्लासेस और फिर घर में चार घंटे की पढ़ाई के बाद जब थोड़ा हैवी फील होता था तो मूवीज और गाने सुनने के साथ बैडमिंटन और बास्केटबॉल भी खेल लिया करता था।
उन्होंने बताया कि पहले उनकी खेलों में रुचि थी लेकिन बाद में पढ़ाई के साथ फ्रेंड सर्कल भी छूटा और खेल भी। घर में कोई डॉक्टर नहीं था तो उन्होंने नीट में जाने का मन बनाया। घर वालों ने भी बहुत सपोर्ट किया और टीचर्स ने क्लास और टेस्ट सीरीज के साथ तैयारी करवाई जो पहले से भी बेहतर रही।
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गीतांश ने कहा कि घर में माहौल पढ़ाई वाला रहता था लेकिन जब नीट एग्जाम घोषित हुए तो थोड़ी सी घबराहट और डर था। इसके बाद अभिभावक और टीचरों ने सही मार्गदर्शन किया और एक महीने में पूरे साल भर की तैयारी की। दिन में 4:30 घंटे कोचिंग में क्लासेस और फिर घर में चार घंटे की पढ़ाई के बाद जब थोड़ा हैवी फील होता था तो मूवीज और गाने सुनने के साथ बैडमिंटन और बास्केटबॉल भी खेल लिया करता था।
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उन्होंने बताया कि पहले उनकी खेलों में रुचि थी लेकिन बाद में पढ़ाई के साथ फ्रेंड सर्कल भी छूटा और खेल भी। घर में कोई डॉक्टर नहीं था तो उन्होंने नीट में जाने का मन बनाया। घर वालों ने भी बहुत सपोर्ट किया और टीचर्स ने क्लास और टेस्ट सीरीज के साथ तैयारी करवाई जो पहले से भी बेहतर रही।
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