{"_id":"69d571e2fb203c64060966da","slug":"after-april-11-the-mayor-and-councillors-will-be-former-the-bureaucracy-will-take-over-mohali-news-c-71-1-spkl1025-141031-2026-04-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: 11 अप्रैल के बाद मेयर और पार्षद होंगे पूर्व, अफसरशाही संभालेगी कमान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: 11 अप्रैल के बाद मेयर और पार्षद होंगे पूर्व, अफसरशाही संभालेगी कमान
विज्ञापन
विज्ञापन
मोहाली। नगर निगम में 11 अप्रैल के बाद बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिलेगा। मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू समेत सभी पार्षदों का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। इसके बाद वे पूर्व पदाधिकारी माने जाएंगे। शहर में कुल 50 वार्ड हैं। इन सभी वार्डों के जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल एक साथ खत्म हो रहा है। इसके बाद निगम की कमान पूरी तरह प्रशासन के हाथ में आ जाएगी। शहर के 50 वार्डों के जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल एक साथ खत्म होने से अब नगर निगम का संचालन कमिश्नर द्वारा किया जाएगा।
पंजाब म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट, 1976 के तहत पांच साल की अवधि पूरी होने पर यह फैसला लिया गया है। सरकार की अधिसूचना के अनुसार फिलहाल चुनाव समय पर कराना संभव नहीं है। राज्यपाल ने निगम के सभी अधिकार कमिश्नर को सौंप दिए हैं। अक्सर देखा गया है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच तालमेल की कमी के कारण कई प्रोजेक्ट लंबित रह जाते हैं। अब एकल नेतृत्व में फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे। इससे विकास कार्यों से जुड़े कामों में तेजी आ सकती है। दूसरी और शहर में राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि विधायक कुलवंत सिंह के सुझावों के आधार पर ही कई अहम फैसले लिए जाएंगे। इससे स्थानीय राजनीति पर भी असर पड़ सकता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि अफसरशाही के नेतृत्व में शहर का विकास किस दिशा में आगे बढ़ता है। संवाद
मेयर की भूमिका खत्म, विधायक का बढ़ेगा दबदबा
मोहाली। नगर निगम में 11 अप्रैल के बाद शहर में कई लंबित फैसलों पर तेजी से मुहर लगने की संभावना है। जो विकास कार्य अब तक विभिन्न कारणों से अटके थे, उन्हें जल्द पूरा किया जा सकता है। खासतौर पर सड़कों के नेक्स्ट जेनरेशन प्रोग्राम जैसी अहम परियोजनाओं को भी मंजूरी मिलने की उम्मीद है। प्रशासनिक नियंत्रण बढ़ने के साथ ही निर्णय प्रक्रिया में तेजी आएगी और फाइलों का निपटारा जल्द होगा। इस बदलाव का सबसे बड़ा राजनीतिक असर यह होगा कि अब विकास कार्यों के उद्घाटन में मेयर की भूमिका खत्म हो जाएगी। स्थानीय स्तर पर विधायक कुलवंत सिंह की भूमिका और प्रभाव बढ़ने की चर्चा जोरों पर है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में अधिकतर विकास कार्य उनके निर्देशों के तहत आगे बढ़ेंगे।
Trending Videos
पंजाब म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट, 1976 के तहत पांच साल की अवधि पूरी होने पर यह फैसला लिया गया है। सरकार की अधिसूचना के अनुसार फिलहाल चुनाव समय पर कराना संभव नहीं है। राज्यपाल ने निगम के सभी अधिकार कमिश्नर को सौंप दिए हैं। अक्सर देखा गया है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच तालमेल की कमी के कारण कई प्रोजेक्ट लंबित रह जाते हैं। अब एकल नेतृत्व में फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे। इससे विकास कार्यों से जुड़े कामों में तेजी आ सकती है। दूसरी और शहर में राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि विधायक कुलवंत सिंह के सुझावों के आधार पर ही कई अहम फैसले लिए जाएंगे। इससे स्थानीय राजनीति पर भी असर पड़ सकता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि अफसरशाही के नेतृत्व में शहर का विकास किस दिशा में आगे बढ़ता है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
मेयर की भूमिका खत्म, विधायक का बढ़ेगा दबदबा
मोहाली। नगर निगम में 11 अप्रैल के बाद शहर में कई लंबित फैसलों पर तेजी से मुहर लगने की संभावना है। जो विकास कार्य अब तक विभिन्न कारणों से अटके थे, उन्हें जल्द पूरा किया जा सकता है। खासतौर पर सड़कों के नेक्स्ट जेनरेशन प्रोग्राम जैसी अहम परियोजनाओं को भी मंजूरी मिलने की उम्मीद है। प्रशासनिक नियंत्रण बढ़ने के साथ ही निर्णय प्रक्रिया में तेजी आएगी और फाइलों का निपटारा जल्द होगा। इस बदलाव का सबसे बड़ा राजनीतिक असर यह होगा कि अब विकास कार्यों के उद्घाटन में मेयर की भूमिका खत्म हो जाएगी। स्थानीय स्तर पर विधायक कुलवंत सिंह की भूमिका और प्रभाव बढ़ने की चर्चा जोरों पर है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में अधिकतर विकास कार्य उनके निर्देशों के तहत आगे बढ़ेंगे।