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Mohali News: ब्रदर ट्रेडर्स में खुलवाते थे फर्जी-म्यूल खाते, पुलिस ने किया नेटवर्क का खुलासा
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मोहाली। राज्य साइबर क्राइम थाना मोहाली में गुप्त सूचना के आधार पर साइबर ठगी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। साइबर पुलिस के अनुसार कुछ व्यक्तियों ने फेज-5 में बहना दा ढाबा के पास एक शोरूम किराए पर लेकर ब्रदर ट्रेडर्स के नाम से गतिविधियां शुरू कर रखी हैं। सूचना में बताया गया है कि उक्त स्थान पर संदिग्ध लोग फर्जी या म्यूल बैंक खाते (साइबर ठग सीधे अपने खाते में पैसे ना मंगवाकर, किसी दूसरे व्यक्ति के खाते का इस्तेमाल करना) खुलवाने और उपलब्ध कराने का काम कर रहे हैं। इसका इस्तेमाल ऑनलाइन साइबर ठगी में किया जाता है।
जांच एजेंसियों के अनुसार ऐसे म्यूल अकाउंट्स का उपयोग ठगी की रकम को ट्रांसफर, लेयरिंग और सेटलमेंट के लिए किया जाता है। इससे आरोपियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। पुलिस ने इस सूचना को प्रथम दृष्टया विश्वसनीय मानते हुए अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 318/4 (धोखाधड़ी) और 6/2 (आपराधिक साजिश) के साथ-साथ आईटी एक्ट 2000 की धारा 66डी के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर संदीप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
टीम को उक्त स्थान पर छापा मारकर साक्ष्य जुटाने और आरोपियों की पहचान करने के लिए कहा गया था, लेकिन रेड के दौरान पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगी के मामलों में म्यूल बैंक खातों की भूमिका बेहद अहम होती है और इस तरह के गिरोहों पर नकेल कसने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। मामले की सूचना माननीय इलाका मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेज दी गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
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जांच एजेंसियों के अनुसार ऐसे म्यूल अकाउंट्स का उपयोग ठगी की रकम को ट्रांसफर, लेयरिंग और सेटलमेंट के लिए किया जाता है। इससे आरोपियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। पुलिस ने इस सूचना को प्रथम दृष्टया विश्वसनीय मानते हुए अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 318/4 (धोखाधड़ी) और 6/2 (आपराधिक साजिश) के साथ-साथ आईटी एक्ट 2000 की धारा 66डी के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर संदीप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
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टीम को उक्त स्थान पर छापा मारकर साक्ष्य जुटाने और आरोपियों की पहचान करने के लिए कहा गया था, लेकिन रेड के दौरान पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगी के मामलों में म्यूल बैंक खातों की भूमिका बेहद अहम होती है और इस तरह के गिरोहों पर नकेल कसने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। मामले की सूचना माननीय इलाका मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेज दी गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।