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मोहाली में सुधरेगी ड्रेनेज व्यवस्था: हाईटेक मशीनें साफ करेंगी स्टॉर्म लाइनें, ईकोसिटी-1 के लिए प्रक्रिया शुरू
Sat, 08 Aug 2026 09:32 AM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
Published by: Nivedita
Updated Sat, 08 Aug 2026 09:32 AM IST
सार
ईको सिटी में लंबे समय से स्टॉर्म लाइनों में गाद जमा होने के कारण कई स्थानों पर जल निकासी प्रभावित हो रही थी। मानसून के दौरान यही समस्या जलभराव का कारण बनती है। आधुनिक मशीनों के उपयोग से कम समय में अधिक प्रभावी सफाई संभव होगी।
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जलभराव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी ने ईकोसिटी-1 की स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज व्यवस्था को दुरुस्त करने की तैयारी शुरू कर दी है।
इसके तहत क्षेत्र की मौजूदा स्टॉर्म लाइनों की आधुनिक तकनीक से डी-सिल्टिंग और सफाई कराई जाएगी। इसके लिए गमाडा ने कार्य शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
योजना के अनुसार स्टॉर्म लाइनों की सफाई जेटिंग-कम-सक्शन सीवर क्लीनिंग मशीन, वाटर रीसाइक्लिंग तकनीक से लैस मशीन, सुपर सकर-कम-जेटिंग मशीन अथवा अन्य उन्नत मशीनी प्रणाली के माध्यम से की जाएगी। इन मशीनों की मदद से पाइप लाइनों में जमी गाद, मिट्टी, कचरा और अन्य अवरोधों को प्रभावी ढंग से हटाया जाएगा, जिससे बारिश का पानी बिना रुकावट निकासी प्रणाली से गुजर सकेगा।
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जानकारी के अनुसार ईको सिटी में लंबे समय से स्टॉर्म लाइनों में गाद जमा होने के कारण कई स्थानों पर जल निकासी प्रभावित हो रही थी। मानसून के दौरान यही समस्या जलभराव का कारण बनती है। आधुनिक मशीनों के उपयोग से कम समय में अधिक प्रभावी सफाई संभव होगी और पाइप लाइनों को नुकसान पहुंचाए बिना उनका रखरखाव किया जा सकेगा।
गमाडा का मानना है कि इस कार्य के पूरा होने के बाद ईकोसिटी-1 में जलभराव की समस्या में काफी कमी आएगी। साथ ही सड़कों और रिहायशी क्षेत्रों में बारिश के दौरान पानी जमा होने की परेशानी से भी लोगों को राहत मिलेगी। यह परियोजना क्षेत्र की ड्रेनेज व्यवस्था को अधिक सक्षम और टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
क्या कहते है अधिकारी
ईकोसिटी-1 की स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए डी-सिल्टिंग कार्य की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। टेंडर आवंटित होने के बाद आधुनिक मशीनों की मदद से स्टॉर्म लाइनों की सफाई का कार्य शुरू कराया जाएगा। - खुशप्रीत सिंह डिवीजनल इंजीनियर गमाडा
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इसके तहत क्षेत्र की मौजूदा स्टॉर्म लाइनों की आधुनिक तकनीक से डी-सिल्टिंग और सफाई कराई जाएगी। इसके लिए गमाडा ने कार्य शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
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योजना के अनुसार स्टॉर्म लाइनों की सफाई जेटिंग-कम-सक्शन सीवर क्लीनिंग मशीन, वाटर रीसाइक्लिंग तकनीक से लैस मशीन, सुपर सकर-कम-जेटिंग मशीन अथवा अन्य उन्नत मशीनी प्रणाली के माध्यम से की जाएगी। इन मशीनों की मदद से पाइप लाइनों में जमी गाद, मिट्टी, कचरा और अन्य अवरोधों को प्रभावी ढंग से हटाया जाएगा, जिससे बारिश का पानी बिना रुकावट निकासी प्रणाली से गुजर सकेगा।
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जानकारी के अनुसार ईको सिटी में लंबे समय से स्टॉर्म लाइनों में गाद जमा होने के कारण कई स्थानों पर जल निकासी प्रभावित हो रही थी। मानसून के दौरान यही समस्या जलभराव का कारण बनती है। आधुनिक मशीनों के उपयोग से कम समय में अधिक प्रभावी सफाई संभव होगी और पाइप लाइनों को नुकसान पहुंचाए बिना उनका रखरखाव किया जा सकेगा।
गमाडा का मानना है कि इस कार्य के पूरा होने के बाद ईकोसिटी-1 में जलभराव की समस्या में काफी कमी आएगी। साथ ही सड़कों और रिहायशी क्षेत्रों में बारिश के दौरान पानी जमा होने की परेशानी से भी लोगों को राहत मिलेगी। यह परियोजना क्षेत्र की ड्रेनेज व्यवस्था को अधिक सक्षम और टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
क्या कहते है अधिकारी
ईकोसिटी-1 की स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए डी-सिल्टिंग कार्य की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। टेंडर आवंटित होने के बाद आधुनिक मशीनों की मदद से स्टॉर्म लाइनों की सफाई का कार्य शुरू कराया जाएगा। - खुशप्रीत सिंह डिवीजनल इंजीनियर गमाडा