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जीरकपुर बना नशे का बाईपास : एक सप्ताह में 500 पेटी शराब, अफीम और आइस ड्रग बरामद

Sat, 08 Aug 2026 02:09 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2026 02:09 AM IST
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Zirakpur Becomes a Bypass for Drug Smuggling: 500 Cases of Liquor, Opium, and 'Ice' Drug Seized in a Week
जीरकपुर। चंडीगढ़, पंचकूला और अंबाला को जोड़ने वाला जीरकपुर अब नशे के सौदागरों के लिए एक प्रमुख बाईपास बन गया है। एक सप्ताह में पुलिस ने यहां से 500 से अधिक शराब की पेटियां, 1250 ग्राम अफीम, 115 ग्राम आइस ड्रग और 5 हजार से अधिक नशीले कैप्सूल बरामद किए हैं। इन बड़ी बरामदगियों के बावजूद, नशे के कारोबार के असली सरगना अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। यह स्थिति स्थानीय प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। जीरकपुर की भौगोलिक स्थिति नशा तस्करों के लिए बेहद मुफीद साबित हो रही है। यहां से चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली, अंबाला और हरियाणा के कई इलाकों के लिए सीधे रास्ते निकलते हैं।
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हाईवे से जुड़ाव होने के कारण तस्करों को नशे की खेप आसानी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में मदद मिलती है। पुलिस की लगातार नाकाबंदी और चेकिंग के बावजूद नशीले पदार्थों की खेप पहुंच रही है। बरामदगी में अवैध शराब, अफीम, आइस ड्रग और नशीले कैप्सूल शामिल हैं। इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की बरामदगी जीरकपुर में नशे के कारोबार की गहरी जड़ों को दर्शाती है। पुलिस छोटे तस्करों को पकड़ रही है, लेकिन बड़े खिलाड़ियों तक पहुंचना अभी भी मुश्किल है।
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अवैध शराब और सिंथेटिक ड्रग्स की चुनौती
पिछले एक सप्ताह में 500 से अधिक पेटियां अवैध शराब बरामद की गई हैं। यह दर्शाता है कि जीरकपुर और आसपास के इलाकों में अवैध शराब का एक सक्रिय नेटवर्क मौजूद है। इसके साथ ही 1250 ग्राम अफीम और 115 ग्राम आइस ड्रग की बरामदगी ने चिंता बढ़ा दी है। आइस ड्रग जैसे खतरनाक सिंथेटिक नशे का पहुंचना बताता है कि अब केवल पारंपरिक नशे ही नहीं, बल्कि घातक ड्रग्स भी यहां बेचे जा रहे हैं। पुलिस ने 5 हजार से अधिक नशीले कैप्सूल भी पकड़े हैं, जिनकी सप्लाई चेन को तोड़ना एक बड़ी चुनौती है।
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बड़े तस्करों तक पहुंचने में पुलिस को दिक्कत
पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई करने का दावा कर रही है। छोटी-बड़ी खेप के साथ कई आरोपी पकड़े भी गए हैं। हालांकि, आम लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि हर बार नशे की खेप तो बरामद हो जाती है। लेकिन इसके पीछे बैठे असली खिलाड़ी पुलिस के हाथ क्यों नहीं लगते। यदि केवल सप्लाई करने वाले लोगों को ही पकड़ा जाता रहा और नेटवर्क के मुख्य संचालक बचते रहे, तो नशे का कारोबार पूरी तरह खत्म करना मुश्किल होगा।

एक सप्ताह में यह किया पुलिस ने बरामद
500 से ज्यादा पेटियां अवैध शराब
1250 ग्राम अफीम
115 ग्राम आईस ड्रग
5000 से अधिक नशीले कैप्सूल

मेरी तैनाती अभी हुई है और मेरी ओर से लगातार जीरकपुर शहर के एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर तैनात अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क रहता है, ताकि जीरकपुर से होकर निकलने वाली शराब की खेप हो या फिर अन्य नशीला पदार्थ सप्लाई न हो पाए। -जसवीर सिंह तूर, प्रभारी, जीरकपुर पुलिस थाना।
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