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Mohali News: गमाडा दफ्तर के बाहर किसानों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू, जमीन एक्वायर करने का विरोध तेज
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मोहाली। गमाडा के दफ्तर के बाहर बुधवार को किसानों ने जमीन अधिग्रहण के खिलाफ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। यह प्रदर्शन एयरोट्रोपोलिस और उसके छह नए एक्सटेंशन के लिए करीब 7200 एकड़ जमीन एक्वायर करने के विरोध में 16 गांवों के किसानों द्वारा किया जा रहा है। किसानों ने एलान किया है कि रोजाना सात किसान भूख हड़ताल पर बैठेंगे और संघर्ष को लगातार जारी रखा जाएगा। पहले दिन अमरीक सिंह बड़ी, जगरूप सिंह कुरड़ी, गुरभेज सिंह कुरड़ी, हरमिंदर सिंह पत्तों, मक्खन सिंह गीगेमाजरा, हरजीत सिंह बड़ी और जरनैल सिंह बैठे।
प्रदर्शन कर रहे किसान गुरप्रताप सिंह, किरपाल सिंह, निर्मल सिंह कुरड़ी, सतीश कुमार चौधरी, जगत सिंह, मक्खन सिंह गीगा माजरा, करनैल सिंह बड़ी, गुरजंट सिंह सरपंच पट्टियों, नवाब सिंह सिआउ, गुरभजन सिंह का कहना है कि उनकी मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। किसानों ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखी हैं, जिनमें प्रति एकड़ जमीन के बदले 1500 गज रेजिडेंशियल और 300 गज कॉमर्शियल प्लॉट देने की मांग शामिल है। इसके अलावा, 25 लाख रुपये प्रति एकड़ का कैश अवॉर्ड तय करने की भी मांग की गई है।
बैठक के लिए बुलाया जाता है, नहीं होती सुनवाई
किसानों का कहना है कि जमीन मालिकों को सालाना एक लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा एकमुश्त दिया जाए, जिसमें हर साल 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो। यह राशि तब तक जारी रहे जब तक डेवलपमेंट प्लॉट का अलॉटमेंट नहीं हो जाता, न कि केवल तीन साल तक सीमित रहे। भूख हड़ताल को समर्थन देने के लिए अकाली दल के जिला प्रधान परविंदर सोहाना, मेयर जीती सिद्धू समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता मौके पर पहुंचे। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन उन्हें बार-बार मीटिंग के लिए बुलाता है, लेकिन उनकी बात सुनी नहीं जाती, जिससे उनमें भारी रोष है।
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प्रदर्शन कर रहे किसान गुरप्रताप सिंह, किरपाल सिंह, निर्मल सिंह कुरड़ी, सतीश कुमार चौधरी, जगत सिंह, मक्खन सिंह गीगा माजरा, करनैल सिंह बड़ी, गुरजंट सिंह सरपंच पट्टियों, नवाब सिंह सिआउ, गुरभजन सिंह का कहना है कि उनकी मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। किसानों ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखी हैं, जिनमें प्रति एकड़ जमीन के बदले 1500 गज रेजिडेंशियल और 300 गज कॉमर्शियल प्लॉट देने की मांग शामिल है। इसके अलावा, 25 लाख रुपये प्रति एकड़ का कैश अवॉर्ड तय करने की भी मांग की गई है।
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बैठक के लिए बुलाया जाता है, नहीं होती सुनवाई
किसानों का कहना है कि जमीन मालिकों को सालाना एक लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा एकमुश्त दिया जाए, जिसमें हर साल 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो। यह राशि तब तक जारी रहे जब तक डेवलपमेंट प्लॉट का अलॉटमेंट नहीं हो जाता, न कि केवल तीन साल तक सीमित रहे। भूख हड़ताल को समर्थन देने के लिए अकाली दल के जिला प्रधान परविंदर सोहाना, मेयर जीती सिद्धू समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता मौके पर पहुंचे। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन उन्हें बार-बार मीटिंग के लिए बुलाता है, लेकिन उनकी बात सुनी नहीं जाती, जिससे उनमें भारी रोष है।