{"_id":"69752432668a7b6bf60f2f50","slug":"mohali-faces-power-and-water-crisis-after-storm-mohali-news-c-71-1-spkl1025-138391-2026-01-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: आंधी-तूफान के बाद मोहाली में बिजली-पानी का संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: आंधी-तूफान के बाद मोहाली में बिजली-पानी का संकट
विज्ञापन
विज्ञापन
मोहाली। शनिवार को आंधी-तूफान के बाद मोहाली और आसपास के इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। शहर के कई हिस्सों में पूरे दिन बिजली गुल रही, जिससे पानी की सप्लाई भी ठप हो गई और लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होते नजर आए। गांव दांऊ रामगढ़ में टूटकर गिरी बिजली की तार में करंट होने से एक कुत्ते की मौत हो गई, जबकि पास से गुजर रहा एक व्यक्ति बाल-बाल बच गया।
फेज-7 के पॉश इलाके में पिछले 24 घंटों से बिजली आपूर्ति ठप रही। कई घरों के बाहर टूटी बिजली की तार और झुके खंभे लटके रहे, जिससे बड़े हादसे की आशंका बनी रही। नाराज निवासियों ने प्रशासन और बिजली विभाग के खिलाफ रोष जताया और आरोप लगाया कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। फेज-10 में भी हालात गंभीर रहे। टूटे बिजली के खंभे शनिवार शाम तक नहीं हटाए गए, जिसके चलते एक सड़क बंद रही और यातायात प्रभावित हुआ।
उधर, खरड़ में भी कई इलाकों में पूरी तरह बिजली गुल रही, जबकि कुछ स्थानों पर केवल एक फेज आने से लोग घरेलू उपकरण नहीं चला पाए। पानी की समस्या भी कम नहीं रही। वाटर सप्लाई विभाग ने फेज-6 में शनिवार सुबह सप्लाई शुरू करवाई, जबकि फेज-10 में जनरेटर के जरिए वाटर बूस्टर पंप प्लांट चलाकर किसी तरह पानी पहुंचाने की कोशिश की गई। इसके अलावा शहर के कई गांवों और खरड़ के इलाकों में लोग पूरे दिन परेशान रहे।
स्टाफ की कमी बनी बड़ी वजह- बिजली विभाग का जवाब
बिजली संकट को लेकर विभागीय अधिकारियों ने बताया कि समस्या के समाधान में देरी का मुख्य कारण स्टाफ की भारी कमी है। स्थानीय स्तर पर पर्याप्त तकनीकी कर्मचारी उपलब्ध न होने से फॉल्ट ठीक करने और गिरी लाइनों को दुरुस्त करने में समय लग रहा है। हालात को संभालने के लिए पटियाला से अतिरिक्त कर्मचारी और तकनीकी टीमें बुलाई जा रही हैं, जिनके पहुंचते ही मरम्मत कार्य तेज किया जाएगा।
मेयर बोले- नगर निगम का स्टाफ मदद के लिए तैयार
मेयर अमरजीत सिंह सिद्धू ने कहा कि आंधी-तूफान के बाद उत्पन्न हालात में नगर निगम का स्टाफ पूरी तरह सक्रिय है। बिजली लाइनों की मरम्मत बिजली विभाग का कार्य है, लेकिन नगर निगम हर संभव सहयोग कर रहा है। सड़कों पर गिरे पेड़, खंभे और मलबा हटाकर यातायात सुचारू किया जा रहा है। जल आपूर्ति प्रभावित क्षेत्रों में भी वाटर सप्लाई विभाग के साथ तालमेल कर स्थिति सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
Trending Videos
फेज-7 के पॉश इलाके में पिछले 24 घंटों से बिजली आपूर्ति ठप रही। कई घरों के बाहर टूटी बिजली की तार और झुके खंभे लटके रहे, जिससे बड़े हादसे की आशंका बनी रही। नाराज निवासियों ने प्रशासन और बिजली विभाग के खिलाफ रोष जताया और आरोप लगाया कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। फेज-10 में भी हालात गंभीर रहे। टूटे बिजली के खंभे शनिवार शाम तक नहीं हटाए गए, जिसके चलते एक सड़क बंद रही और यातायात प्रभावित हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
उधर, खरड़ में भी कई इलाकों में पूरी तरह बिजली गुल रही, जबकि कुछ स्थानों पर केवल एक फेज आने से लोग घरेलू उपकरण नहीं चला पाए। पानी की समस्या भी कम नहीं रही। वाटर सप्लाई विभाग ने फेज-6 में शनिवार सुबह सप्लाई शुरू करवाई, जबकि फेज-10 में जनरेटर के जरिए वाटर बूस्टर पंप प्लांट चलाकर किसी तरह पानी पहुंचाने की कोशिश की गई। इसके अलावा शहर के कई गांवों और खरड़ के इलाकों में लोग पूरे दिन परेशान रहे।
स्टाफ की कमी बनी बड़ी वजह- बिजली विभाग का जवाब
बिजली संकट को लेकर विभागीय अधिकारियों ने बताया कि समस्या के समाधान में देरी का मुख्य कारण स्टाफ की भारी कमी है। स्थानीय स्तर पर पर्याप्त तकनीकी कर्मचारी उपलब्ध न होने से फॉल्ट ठीक करने और गिरी लाइनों को दुरुस्त करने में समय लग रहा है। हालात को संभालने के लिए पटियाला से अतिरिक्त कर्मचारी और तकनीकी टीमें बुलाई जा रही हैं, जिनके पहुंचते ही मरम्मत कार्य तेज किया जाएगा।
मेयर बोले- नगर निगम का स्टाफ मदद के लिए तैयार
मेयर अमरजीत सिंह सिद्धू ने कहा कि आंधी-तूफान के बाद उत्पन्न हालात में नगर निगम का स्टाफ पूरी तरह सक्रिय है। बिजली लाइनों की मरम्मत बिजली विभाग का कार्य है, लेकिन नगर निगम हर संभव सहयोग कर रहा है। सड़कों पर गिरे पेड़, खंभे और मलबा हटाकर यातायात सुचारू किया जा रहा है। जल आपूर्ति प्रभावित क्षेत्रों में भी वाटर सप्लाई विभाग के साथ तालमेल कर स्थिति सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।