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Mohali News: पांच महीने से अटका काम, तीसरी बार टेंडर पूरा लेकिन वर्क ऑर्डर नहीं जारी
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जीरकपुर। जीरकपुर में लावारिस कुत्तों की बढ़ती संख्या आम लोगों के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है, लेकिन इनके नियंत्रण के लिए जरूरी नसबंदी अभियान पिछले करीब पांच महीनों से ठप पड़ा है। नगर परिषद द्वारा अब तक तीन बार टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, इसके बावजूद भी नसबंदी का काम जमीनी स्तर पर शुरू नहीं हो सका। इसका सीधा असर शहरवासियों की सुरक्षा पर पड़ रहा है और रोजाना डॉग बाइट की घटनाएं सामने आ रही हैं।
जानकारी के मुताबिक तीसरी बार उसी संस्था को नसबंदी का कार्य अलॉट किया गया है, जिसने पहले जीरकपुर में करीब 720 लावारिस कुत्तों की नसबंदी की थी। बावजूद इसके अब तक वर्क ऑर्डर जारी नहीं किया गया, जिससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि इस बार भी प्रक्रिया कागजों तक ही सीमित रह जाएगी या वास्तव में काम शुरू होगा।
जनवरी 2026 के पहले 23 दिनों में ही लावारिस कुत्तों द्वारा काटने की बड़ी संख्या में घटनाएं सामने आ चुकी हैं। बलटाना क्षेत्र से लगभग रोजाना डॉग बाइट के मामले रिपोर्ट हो रहे हैं। वहीं लोहगढ़ क्षेत्र के सिगमा सिटी चौक के आसपास 40 से 50 लावारिस कुत्तों का जमावड़ा लोगों के लिए डर का कारण बना हुआ है।
कुत्तों की नसबंदी अस्पताल की बदहाल स्थिति
नगर परिषद द्वारा लावारिस कुत्तों की नसबंदी के लिए बनाए गए अस्पताल की हालत भी बेहद दयनीय बनी हुई है। अस्पताल में साफ-सफाई का घोर अभाव है। ऑपरेशन थिएटर में इंटरलॉक टाइलों पर रखा ऑपरेशन बेंच, डॉक्टर के कमरे में फैला कबाड़, पिंजरों के बीच गंदगी से भरी गैलरी और चारों ओर फैली दुर्गंध नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। हैरानी की बात यह है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद नगर परिषद ने इस अस्पताल की सुध लेना भी जरूरी नहीं समझा।
अगले हफ्ते नसबंदी का काम शुरू होने की उम्मीद
लावारिस कुत्तों की नसबंदी के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वर्क ऑर्डर अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन उम्मीद है कि अगले हफ्ते वर्क ऑर्डर जारी कर नसबंदी का काम शुरू करवा दिया जाएगा।- रंजीत कुमार, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद जीरकपुर।
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जानकारी के मुताबिक तीसरी बार उसी संस्था को नसबंदी का कार्य अलॉट किया गया है, जिसने पहले जीरकपुर में करीब 720 लावारिस कुत्तों की नसबंदी की थी। बावजूद इसके अब तक वर्क ऑर्डर जारी नहीं किया गया, जिससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि इस बार भी प्रक्रिया कागजों तक ही सीमित रह जाएगी या वास्तव में काम शुरू होगा।
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जनवरी 2026 के पहले 23 दिनों में ही लावारिस कुत्तों द्वारा काटने की बड़ी संख्या में घटनाएं सामने आ चुकी हैं। बलटाना क्षेत्र से लगभग रोजाना डॉग बाइट के मामले रिपोर्ट हो रहे हैं। वहीं लोहगढ़ क्षेत्र के सिगमा सिटी चौक के आसपास 40 से 50 लावारिस कुत्तों का जमावड़ा लोगों के लिए डर का कारण बना हुआ है।
कुत्तों की नसबंदी अस्पताल की बदहाल स्थिति
नगर परिषद द्वारा लावारिस कुत्तों की नसबंदी के लिए बनाए गए अस्पताल की हालत भी बेहद दयनीय बनी हुई है। अस्पताल में साफ-सफाई का घोर अभाव है। ऑपरेशन थिएटर में इंटरलॉक टाइलों पर रखा ऑपरेशन बेंच, डॉक्टर के कमरे में फैला कबाड़, पिंजरों के बीच गंदगी से भरी गैलरी और चारों ओर फैली दुर्गंध नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। हैरानी की बात यह है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद नगर परिषद ने इस अस्पताल की सुध लेना भी जरूरी नहीं समझा।
अगले हफ्ते नसबंदी का काम शुरू होने की उम्मीद
लावारिस कुत्तों की नसबंदी के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वर्क ऑर्डर अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन उम्मीद है कि अगले हफ्ते वर्क ऑर्डर जारी कर नसबंदी का काम शुरू करवा दिया जाएगा।- रंजीत कुमार, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद जीरकपुर।