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Mohali News: कुराली नगर काउंसिल अध्यक्ष पद के लिए सियासी हलचल तेज, अधिसूचना जारी
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कुराली। नगर काउंसिल के अध्यक्ष पद के लिए अधिसूचना जारी होने के बाद शहर में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। विभाग की ओर से जारी अधिसूचना ने अध्यक्ष पद के आरक्षित होने संबंधी चल रही चर्चाओं पर विराम लगा दिया है। शहर में काउंसिल के 17 वार्डों से विभिन्न दलों के पार्षद चुने गए थे, लेकिन किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला।
नतीजों के बाद से ही जोड़तोड़ शुरू हो गई थी, जो अब अधिसूचना जारी होने के बाद और तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी छह सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। प्रदीप रूढ़ा के समर्थन के कारण सत्ताधारी पक्ष अपनी संख्या सात मान रहा है। इस बार कांग्रेस को पांच सीटें मिली हैं। भारतीय जनता पार्टी ने एक सीट जीती है, जबकि तीन आजाद पार्षदों को भाजपा समर्थक माना जा रहा है। दो अन्य आजाद पार्षद भी चुनाव जीतकर काउंसिल में पहुंचे हैं। सत्ताधारी आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों ही अध्यक्ष पद की दावेदार पार्टियां हैं।
दावेदार और चुनौतियां
विधायक अनमोल गगन मान तीसरी बार पार्षद बने बहादुर सिंह ओके को प्रधान बनाने की घोषणा पहले ही कर चुकी हैं। वार्ड पांच से आम आदमी पार्टी के टिकट पर विजयी हुई हरप्रीत कौर को साथ लेकर चलना पार्टी के लिए चुनौती साबित हो सकता है। हालांकि, उनके पति पहले ही पार्टी के साथ चलने का ऐलान कर चुके हैं। विधायक का वोट भी सत्ताधारी पक्ष के खाते में जाने की संभावना है।
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कांग्रेस और आजाद पार्षदों की भूमिका
कांग्रेस में अध्यक्ष पद की दौड़ में लगातार दूसरी बार पार्षद बने भारत भूषण वर्मा शामिल हैं। लगातार तीसरी बार पार्षद बनी शालू धीमान भी इस दौड़ में हैं। भारत भूषण वर्मा इस दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं। कुछ आजाद पार्षद भी अध्यक्ष पद अपने हिस्से आने की उम्मीद लगाए हुए हैं। भाजपा अपने समर्थक आजाद पार्षदों के साथ इस चुनाव में अहम भूमिका निभा सकती है।
नतीजों के बाद से ही जोड़तोड़ शुरू हो गई थी, जो अब अधिसूचना जारी होने के बाद और तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी छह सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। प्रदीप रूढ़ा के समर्थन के कारण सत्ताधारी पक्ष अपनी संख्या सात मान रहा है। इस बार कांग्रेस को पांच सीटें मिली हैं। भारतीय जनता पार्टी ने एक सीट जीती है, जबकि तीन आजाद पार्षदों को भाजपा समर्थक माना जा रहा है। दो अन्य आजाद पार्षद भी चुनाव जीतकर काउंसिल में पहुंचे हैं। सत्ताधारी आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों ही अध्यक्ष पद की दावेदार पार्टियां हैं।
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दावेदार और चुनौतियां
विधायक अनमोल गगन मान तीसरी बार पार्षद बने बहादुर सिंह ओके को प्रधान बनाने की घोषणा पहले ही कर चुकी हैं। वार्ड पांच से आम आदमी पार्टी के टिकट पर विजयी हुई हरप्रीत कौर को साथ लेकर चलना पार्टी के लिए चुनौती साबित हो सकता है। हालांकि, उनके पति पहले ही पार्टी के साथ चलने का ऐलान कर चुके हैं। विधायक का वोट भी सत्ताधारी पक्ष के खाते में जाने की संभावना है।
कांग्रेस और आजाद पार्षदों की भूमिका
कांग्रेस में अध्यक्ष पद की दौड़ में लगातार दूसरी बार पार्षद बने भारत भूषण वर्मा शामिल हैं। लगातार तीसरी बार पार्षद बनी शालू धीमान भी इस दौड़ में हैं। भारत भूषण वर्मा इस दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं। कुछ आजाद पार्षद भी अध्यक्ष पद अपने हिस्से आने की उम्मीद लगाए हुए हैं। भाजपा अपने समर्थक आजाद पार्षदों के साथ इस चुनाव में अहम भूमिका निभा सकती है।