फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   Shortage of medicines at the Civil Hospital: Patients forced to buy even basic medicines-such as those for stomach pain and vitamins-from outside

सिविल अस्पताल में दवाओं का टोटा : पेट दर्द, विटामिन तक की दवाएं भी बाहर से खरीदनी पड़ रही

Fri, 31 Jul 2026 02:26 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jul 2026 02:26 AM IST
विज्ञापन
Shortage of medicines at the Civil Hospital: Patients forced to buy even basic medicines-such as those for stomach pain and vitamins-from outside
मोहाली। फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल में दवाओं की कमी के कारण मरीजों को मुफ्त इलाज का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। डॉक्टरों द्वारा लिखी गई तीन से पांच दवाओं में से मरीजों को फार्मेसी से केवल एक या दो दवाएं ही मिल रही हैं। शेष दवाएं उन्हें निजी मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही हैं। मरीजों को पेट दर्द, विटामिन तक की दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। फ्लुओक्सेटीन, क्लोनाजेपाम, पैन-नेक्सप्रोआरडी 40, मल्टीविटामिन बाहर से खरीदने पर मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। यह स्थिति गरीब और बुजुर्ग मरीजों के लिए विशेष रूप से चिंताजनक है। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। मरीजों का कहना है कि यदि सभी आवश्यक दवाएं अस्पताल में उपलब्ध हों तो उन्हें निजी मेडिकल स्टोर का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। वीरवार को अस्पताल पहुंचे मरीजों ने दवाओं की कमी पर नाराजगी व्यक्त की। फेज-11 निवासी भूपेंद्र ने बताया कि पेट की समस्या के लिए डॉक्टर ने कई दवाएं लिखीं। फार्मेसी से उन्हें कुछ ही दवाएं मिलीं। रोपड़ निवासी सुरेंद्र कुमार को पैरों के दर्द के इलाज के लिए भी बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ीं। सेक्टर-56 निवासी सुल्ताना ने पेट दर्द और कमजोरी की शिकायत के लिए चार दवाएं लिखवाईं। अस्पताल से उन्हें केवल दो दवाएं ही मिलीं। इन मरीजों ने बताया कि वे सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज की उम्मीद से आते हैं। दवाओं की कमी से इलाज का खर्च बढ़ जाता है। इसका सबसे अधिक नुकसान गरीब और दूर-दराज से आने वाले मरीजों को हो रहा है।
विज्ञापन



मरीजों को हो रही परेशानी
मरीजों को डॉक्टरों द्वारा लिखी गई सभी दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्हें तीन से पांच दवाओं में से केवल एक या दो ही अस्पताल से मिलती हैं। बाकी दवाएं निजी मेडिकल स्टोर से खरीदने को मजबूर होना पड़ता है। इससे मुफ्त इलाज का उद्देश्य अधूरा रह जाता है। गरीब और बुजुर्ग मरीजों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ रहा है। इस संबंध में सिविल अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट अमित अग्रवाल ने बताया कि महीने के अंतिम दिनों में कुछ दवाओं की आपूर्ति प्रभावित हुई है। यह कमी अस्थायी है और जल्द ही दूर हो जाएगी। अग्रवाल ने कहा कि अस्पताल के डॉक्टर आमतौर पर वही दवाएं लिखते हैं जो उपलब्ध होती हैं। जिन दवाओं की आपूर्ति प्रभावित हुई है, उनकी मांग भेज दी गई है।
विज्ञापन



नई खेप से मिलेगी राहत
नई खेप पहुंचने के बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी। मरीजों को सभी आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अस्पताल प्रशासन इस समस्या को हल करने के लिए प्रयासरत है। उनका लक्ष्य मरीजों को अस्पताल से ही पूरी दवाएं मिलें। इससे मरीजों का आर्थिक बोझ कम होगा और उन्हें बेहतर इलाज मिल पाएगा। - अमित अग्रवाल, मेडिकल सुपरिटेंडेंट
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed