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Mohali News: गैस संकट के गहराने से कारोबारियों की बड़ी चिंता, होटल-ढाबों के चूल्हे पड़ने लगे ठंडे
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जीरकपुर। शहर में पिछले कुछ दिनों से कॉमर्शियल और घरेलू एलपीजी गैस सिलिंडरों की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा कारोबार पर पड़ रहा है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि कई छोटे ढाबा संचालकों को मजबूरन लकड़ी और कोयले के चूल्हों का सहारा लेना पड़ रहा है, जबकि कुछ बड़े रेस्टोरेंट मालिकों को एडवांस बुकिंग तक रद्द करनी पड़ रही है। स्थानीय कारोबारियों के अनुसार गैस एजेंसियों के पास पर्याप्त स्टॉक नहीं पहुंच रहा है। पहले जहां फोन करने के 24 घंटे के भीतर सिलिंडर की डिलीवरी हो जाती थी, वहीं अब 7 से 10 दिनों का वेटिंग चल रहा है। ढाबा संचालकों का कहना है कि गैस न मिलने के कारण चूल्हे ठंडे पड़ रहे हैं। यदि यही स्थिति बनी रही तो उन्हें अपना कारोबार अस्थायी रूप से बंद करना पड़ सकता है।
ब्लैक मार्केटिंग का भी बढ़ा खतरा
गैस की किल्लत के बीच कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग किए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। होटल एसोसिएशन से जुड़े लोगों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें सिलेंडर ऊंचे दामों पर खरीदने पड़ रहे हैं। इससे उनकी लागत बढ़ गई है और मुनाफा लगभग खत्म होने की स्थिति में पहुंच गया है। कारोबारियों का कहना है कि पहले से ही महंगाई और मंदी की मार झेल रहे होटल उद्योग के लिए यह संकट और भारी साबित हो रहा है। गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि सप्लाई चेन में तकनीकी दिक्कतों और ट्रांसपोर्टेशन की समस्याओं के कारण सिलिंडरों की डिलीवरी प्रभावित हो रही है। स्थानीय व्यापारियों और उपभोक्ताओं का कहना है कि प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप कर व्यवस्था को दुरुस्त करनी चाहिए, ताकि आम जनता और कारोबारियों को राहत मिल सके।
हमारे पास शादियों और किटी पार्टी की एडवांस बुकिंग है, लेकिन सिलिंडर न मिलने से कैटरिंग सर्विस मैनेज करना मुश्किल हो गया है। ब्लैक में सिलिंडर 300 से 400 रुपये महंगा मिल रहा है। - विजय गोयल, स्वीट्स बलटाना
गैस एजेंसी वाले फोन तक नहीं उठा रहे। डिलीवरी वैन आती भी है तो स्टॉक कम होने का बहाना बनाकर निकल जाती है। बिना गैस के तंदूर नहीं चल पा रहे और ग्राहक लौट रहे हैं। -आरुष, बेकरी बलटाना
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ब्लैक मार्केटिंग का भी बढ़ा खतरा
गैस की किल्लत के बीच कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग किए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। होटल एसोसिएशन से जुड़े लोगों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें सिलेंडर ऊंचे दामों पर खरीदने पड़ रहे हैं। इससे उनकी लागत बढ़ गई है और मुनाफा लगभग खत्म होने की स्थिति में पहुंच गया है। कारोबारियों का कहना है कि पहले से ही महंगाई और मंदी की मार झेल रहे होटल उद्योग के लिए यह संकट और भारी साबित हो रहा है। गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि सप्लाई चेन में तकनीकी दिक्कतों और ट्रांसपोर्टेशन की समस्याओं के कारण सिलिंडरों की डिलीवरी प्रभावित हो रही है। स्थानीय व्यापारियों और उपभोक्ताओं का कहना है कि प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप कर व्यवस्था को दुरुस्त करनी चाहिए, ताकि आम जनता और कारोबारियों को राहत मिल सके।
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हमारे पास शादियों और किटी पार्टी की एडवांस बुकिंग है, लेकिन सिलिंडर न मिलने से कैटरिंग सर्विस मैनेज करना मुश्किल हो गया है। ब्लैक में सिलिंडर 300 से 400 रुपये महंगा मिल रहा है। - विजय गोयल, स्वीट्स बलटाना
गैस एजेंसी वाले फोन तक नहीं उठा रहे। डिलीवरी वैन आती भी है तो स्टॉक कम होने का बहाना बनाकर निकल जाती है। बिना गैस के तंदूर नहीं चल पा रहे और ग्राहक लौट रहे हैं। -आरुष, बेकरी बलटाना