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Mohali News: जब तक सरकार नहीं मान लेती मांगें, हम नहीं लगाएंगे झाडू
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जीरकपुर। जीरकपुर की गलियों से लेकर सड़कों तक हम तब तक झाड़ू नहीं लगाएंगे जब तक पंजाब सरकार मांगें नहीं मानती हैं। हालांकि यह आदेश तो देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) तक राज्य सरकारों को लागू करने के आदेश तक जारी कर चुकी है। इसके बावजूद हम कर्मचारियों को पक्का करने की बजाय ठेकेदारी सिस्टम के तहत काम करवा कर हमारा शोषण किया जा रहा है। पता नहीं हमारे सैकड़ों कर्मचारी पक्का होने की आस में दुनिया से अलविदा हो गए। इसके बावजूद भी पंजाब सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगती। यह कहना है जीरकपुर नगर परिषद के परिसर में अपना-अपना काम छोड़कर बीते आठ दिन से हड़ताल पर बैठे कच्चे कर्मचारियों का। हड़ताल कर रहे कच्चे कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए अपना रोष भी जाहिर किया।
वीआईपी रोड और भबात की सड़कों पर कूूड़े का ढेर
नगर परिषद में काम करने वाले कच्चे कर्मचारियों की आठ दिनों से लगातार चल रहीं हड़ताल का असर अब जीरकपुर शहर के अलग-अलग हिस्सों में देखने लगा है। वीआईपी रोड एरिया की बात करें तो वहां पर आधिकारिक कलेक्शन पॉइंट न होने की वजह से लोग अपने-अपने घरों का कचरा खुले में फेंकने को मजबूर हैं। दूसरी ओर कूड़े के ढेर से निकलने वाली बदबू की वजह से लोगों को आने जाने में भारी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। यही हाल भबात के डपिंग पॉइंट के बाहर सड़क पर लगे कूड़े के ढेर का भी है और कूड़े का ढेर आधी सड़क तक फैल चुका है। और यहां भी स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
आठ दिन से गलियों-सड़कों पर नहीं लगा झाड़ू
अपनी मांगों को लेकर काम छोड़कर हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों की वजह से जीरकपुर शहर की गलियों से लेकर मुख्य सड़कें गंदगी से भर चुकी हैं। इतना ही नहीं मार्केटों में झाड़ू न लगने की वजह से दुकानदारों को खुद पहले झाड़ू लगाना पड़ता है। इसके बाद दुकानदारों अपनी दुकानदारी शुरु करते हैं। आठ दिनों से चल रही हड़ताल के चलते कोई भी कर्मचारी झाड़ू लगाने फील्ड में नहीं जा रहा है। और झाड़ू न लगने की वजह से जगह-जगह गंदगी फैली हुई है।
हम अपनी जान लगाकर जीरकपुर शहर को साफ-सुथरा करने का काम करते हैं। वर्षों से अपनी मांगों के लिए स्थानीय प्रशासन से लेकर पंजाब सरकार तक के नुमाइंदों से मुलाकात करके ज्ञापन तक सौंप चुके हैं, लेकिन हर बार हमें आश्वासन देकर टाल दिया जाता है। अब हम तब तक हड़ताल खत्म नहीं करेंगे, जब तक हमारी मांगों को पंजाब सरकार स्वीकर नहीं कर लेती। - प्रदीप सूद, प्रधान, नगर काउंसिल इम्पलाइज यूनियन जीरकपुर।
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नगर परिषद में काम करने वाले कच्चे कर्मचारियों की आठ दिनों से लगातार चल रहीं हड़ताल का असर अब जीरकपुर शहर के अलग-अलग हिस्सों में देखने लगा है। वीआईपी रोड एरिया की बात करें तो वहां पर आधिकारिक कलेक्शन पॉइंट न होने की वजह से लोग अपने-अपने घरों का कचरा खुले में फेंकने को मजबूर हैं। दूसरी ओर कूड़े के ढेर से निकलने वाली बदबू की वजह से लोगों को आने जाने में भारी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। यही हाल भबात के डपिंग पॉइंट के बाहर सड़क पर लगे कूड़े के ढेर का भी है और कूड़े का ढेर आधी सड़क तक फैल चुका है। और यहां भी स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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आठ दिन से गलियों-सड़कों पर नहीं लगा झाड़ू
अपनी मांगों को लेकर काम छोड़कर हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों की वजह से जीरकपुर शहर की गलियों से लेकर मुख्य सड़कें गंदगी से भर चुकी हैं। इतना ही नहीं मार्केटों में झाड़ू न लगने की वजह से दुकानदारों को खुद पहले झाड़ू लगाना पड़ता है। इसके बाद दुकानदारों अपनी दुकानदारी शुरु करते हैं। आठ दिनों से चल रही हड़ताल के चलते कोई भी कर्मचारी झाड़ू लगाने फील्ड में नहीं जा रहा है। और झाड़ू न लगने की वजह से जगह-जगह गंदगी फैली हुई है।
हम अपनी जान लगाकर जीरकपुर शहर को साफ-सुथरा करने का काम करते हैं। वर्षों से अपनी मांगों के लिए स्थानीय प्रशासन से लेकर पंजाब सरकार तक के नुमाइंदों से मुलाकात करके ज्ञापन तक सौंप चुके हैं, लेकिन हर बार हमें आश्वासन देकर टाल दिया जाता है। अब हम तब तक हड़ताल खत्म नहीं करेंगे, जब तक हमारी मांगों को पंजाब सरकार स्वीकर नहीं कर लेती। - प्रदीप सूद, प्रधान, नगर काउंसिल इम्पलाइज यूनियन जीरकपुर।