{"_id":"6a3458c669583ac4600cca22","slug":"zirakpur-municipal-council-to-get-a-new-president-next-week-notification-issued-mohali-news-c-71-1-mli1017-143782-2026-06-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: नगर परिषद जीरकपुर को अगले हफ्ते मिलेगा नया प्रधान, नोटिफकेशन जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: नगर परिषद जीरकपुर को अगले हफ्ते मिलेगा नया प्रधान, नोटिफकेशन जारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जीरकपुर। नगर परिषद को अगले हफ्ते नया प्रधान मिल जाएगा। सरकार ने प्रधान के नाम पर फैसला कर लिया है। इसका खुलासा अगले हफ्ते होने वाली पार्षदों की बैठक में होगा। 26 मई को चुनाव हुए थे। 29 मई को नतीजे आने के बाद से शहर के लोग नए प्रधान का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। पार्टी हाईकमान ने वीरवार को जीरकपुर के नए प्रधान के नाम को मंजूरी दे दी है। हालांकि, छुट्टी के कारण एजेंडा जारी नहीं हो सका। शुक्रवार या सोमवार को पार्षदों की शपथ प्रक्रिया के लिए एजेंडा जारी होगा। इसके बाद पार्षदों की बैठक में प्रधान का चुनाव होगा।
नगर परिषद की सभी 31 सीटों पर हुए चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 16 सीटें जीतीं। शिरोमणि अकाली दल को छह, कांग्रेस और भाजपा को चार-चार सीटें मिलीं। एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। विधायक कुलजीत सिंह रंधावा की वोट मिलाकर आम आदमी पार्टी के पास 17 का जादुई आंकड़ा है।
यह बहुमत से एक अधिक है, जिससे पार्टी को प्रधान चुनने में कोई दिक्कत नहीं होगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रधान के अलावा सीनियर उपप्रधान और उपप्रधान का भी चयन किया जाएगा। आम आदमी पार्टी कोई जोखिम नहीं लेना चाहती है। 2021 के निकाय चुनाव में कांग्रेस ने 31 में से 23 सीटें जीती थीं। तब प्रधान का चयन तो हुआ, लेकिन सीनियर उपप्रधान और उपप्रधान का चयन नहीं किया गया। इसका खामियाजा कांग्रेस को 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद भुगतना पड़ा।
विज्ञापन
2022 में पंजाब में सत्ता परिवर्तन हुआ। इसके दो साल के भीतर कांग्रेस के दो दर्जन से अधिक पार्षद पार्टी छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। एक समय ऐसा आया कि पूर्व प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों को अपनी प्रधानगी बचाने के लिए पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
नगर परिषद की सभी 31 सीटों पर हुए चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 16 सीटें जीतीं। शिरोमणि अकाली दल को छह, कांग्रेस और भाजपा को चार-चार सीटें मिलीं। एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। विधायक कुलजीत सिंह रंधावा की वोट मिलाकर आम आदमी पार्टी के पास 17 का जादुई आंकड़ा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह बहुमत से एक अधिक है, जिससे पार्टी को प्रधान चुनने में कोई दिक्कत नहीं होगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रधान के अलावा सीनियर उपप्रधान और उपप्रधान का भी चयन किया जाएगा। आम आदमी पार्टी कोई जोखिम नहीं लेना चाहती है। 2021 के निकाय चुनाव में कांग्रेस ने 31 में से 23 सीटें जीती थीं। तब प्रधान का चयन तो हुआ, लेकिन सीनियर उपप्रधान और उपप्रधान का चयन नहीं किया गया। इसका खामियाजा कांग्रेस को 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद भुगतना पड़ा।
2022 में पंजाब में सत्ता परिवर्तन हुआ। इसके दो साल के भीतर कांग्रेस के दो दर्जन से अधिक पार्षद पार्टी छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। एक समय ऐसा आया कि पूर्व प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों को अपनी प्रधानगी बचाने के लिए पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।