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Patiala News: अमृतपाल सिंह की याचिका पर सुनवाई से जज ने खुद को किया अलग
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-संसद सत्र में भाग लेने की अनुमति की मांग को लेकर दाखिल की गई है याचिका
-मुख्य न्यायाधीश अब इस मामले में सुनवाई के लिए गठित करेंगे नई बेंच
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सांसद अमृतपाल सिंह की संसद के बजट सत्र में भाग लेने की अनुमति से जुड़ी याचिका पर सुनवाई कर रही खंडपीठ के एक न्यायाधीश ने स्वयं को इस मामले से अलग कर लिया है। इसके चलते अब इस याचिका पर सुनवाई के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश नई पीठ का गठन करेंगे। अदालत ने स्पष्ट किया है कि शुक्रवार को विशेष रूप से गठित बेंच के समक्ष मामले की सुनवाई होगी।
मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायमूर्ति संजीव बेरी की खंडपीठ के समक्ष याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि संबंधित प्राधिकरण को अमृतपाल सिंह की ओर से दी गई रिप्रेजेंटेशन पर छह दिनों के भीतर निर्णय लेने का निर्देश देकर मामला निपटाया जा सकता है। हालांकि औपचारिक आदेश पारित होने से पहले ही मुख्य न्यायाधीश ने अदालत को सूचित किया कि पीठ के एक सदस्य न्यायाधीश ने इस केस से खुद को अलग कर लिया है। ऐसे में अब यह मामला विशेष पीठ को भेजा जाएगा, जो आगे का आदेश पारित करेगी।
सरकारों की दलीलें
पंजाब सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर दो चरणों में आयोजित होगा। पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण मार्च से अप्रैल तक प्रस्तावित है। राज्य सरकार ने यह भी कहा कि यह मानना गलत है कि सत्र केवल फरवरी तक सीमित है। इसके अलावा गणतंत्र दिवस के कारण प्रशासनिक प्रक्रिया प्रभावित होने से 28 जनवरी से पहले अमृतपाल सिंह की रिप्रेजेंटेशन पर फैसला लेना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं था।
केंद्र का पक्ष: केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्य पाल जैन ने स्पष्ट किया कि इस मामले में न तो लोकसभा अध्यक्ष और न ही राज्यपाल की कोई भूमिका बनती है।
याचिका में क्या मांग
अमृतपाल सिंह ने याचिका में बताया है कि उन्होंने केंद्र सरकार, लोकसभा अध्यक्ष और अन्य संबंधित अधिकारियों को रिप्रेज़ेंटेशन भेजकर अनुरोध किया था कि उन्हें 28 जनवरी से 13 फरवरी तथा 9 मार्च से 2 अप्रैल तक चलने वाले संसद के बजट सत्र में भाग लेने के लिए पैरोल दी जाए। अब इस अहम याचिका पर निगाहें विशेष पीठ की आगामी सुनवाई पर टिकी हैं।
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-मुख्य न्यायाधीश अब इस मामले में सुनवाई के लिए गठित करेंगे नई बेंच
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सांसद अमृतपाल सिंह की संसद के बजट सत्र में भाग लेने की अनुमति से जुड़ी याचिका पर सुनवाई कर रही खंडपीठ के एक न्यायाधीश ने स्वयं को इस मामले से अलग कर लिया है। इसके चलते अब इस याचिका पर सुनवाई के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश नई पीठ का गठन करेंगे। अदालत ने स्पष्ट किया है कि शुक्रवार को विशेष रूप से गठित बेंच के समक्ष मामले की सुनवाई होगी।
मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायमूर्ति संजीव बेरी की खंडपीठ के समक्ष याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि संबंधित प्राधिकरण को अमृतपाल सिंह की ओर से दी गई रिप्रेजेंटेशन पर छह दिनों के भीतर निर्णय लेने का निर्देश देकर मामला निपटाया जा सकता है। हालांकि औपचारिक आदेश पारित होने से पहले ही मुख्य न्यायाधीश ने अदालत को सूचित किया कि पीठ के एक सदस्य न्यायाधीश ने इस केस से खुद को अलग कर लिया है। ऐसे में अब यह मामला विशेष पीठ को भेजा जाएगा, जो आगे का आदेश पारित करेगी।
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सरकारों की दलीलें
पंजाब सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर दो चरणों में आयोजित होगा। पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण मार्च से अप्रैल तक प्रस्तावित है। राज्य सरकार ने यह भी कहा कि यह मानना गलत है कि सत्र केवल फरवरी तक सीमित है। इसके अलावा गणतंत्र दिवस के कारण प्रशासनिक प्रक्रिया प्रभावित होने से 28 जनवरी से पहले अमृतपाल सिंह की रिप्रेजेंटेशन पर फैसला लेना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं था।
केंद्र का पक्ष: केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्य पाल जैन ने स्पष्ट किया कि इस मामले में न तो लोकसभा अध्यक्ष और न ही राज्यपाल की कोई भूमिका बनती है।
याचिका में क्या मांग
अमृतपाल सिंह ने याचिका में बताया है कि उन्होंने केंद्र सरकार, लोकसभा अध्यक्ष और अन्य संबंधित अधिकारियों को रिप्रेज़ेंटेशन भेजकर अनुरोध किया था कि उन्हें 28 जनवरी से 13 फरवरी तथा 9 मार्च से 2 अप्रैल तक चलने वाले संसद के बजट सत्र में भाग लेने के लिए पैरोल दी जाए। अब इस अहम याचिका पर निगाहें विशेष पीठ की आगामी सुनवाई पर टिकी हैं।